{"_id":"57f173e64f1c1b90745779c5","slug":"fever-two-dead-amroha","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से हाहाकार, दो की मौत, सैकड़ाें बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से हाहाकार, दो की मौत, सैकड़ाें बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो अमरोहा
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:24 AM IST
विज्ञापन
fever
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद अमरोहा में जानलेवा बुखार ने तमाम लोगों की जान लील ली है। बुखार का प्रकोप अभी थमा नहीं है। क्षेत्र के गांव कुदैना चक में आठ दिन से बुखार में तप रही मासूम बच्ची की रविवार को मौत हो गई। गांव में करीब 15-20 लोग बुखार की चपेट में है। वहीं हसनपुर में एक वृद्ध की बुखार से जान चली गई।
गजरौला के गांव कुदैना चक निवासी कमल सिंह के तीन बेटी हैं। छह साल की पूजा, चार साल की आरती और डेढ़ साल की प्राची है। प्राची को आठ दिन पहले बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। परिवार वाले पास पड़ोस के गांव बिजौरा, मोहम्मदाबाद आदि में झोलाछाप डाक्टर से प्राची का इलाज कराते रहे। हालत में सुधार नहीं हुआ।
बुखार के साथ दस्त की भी शिकायत हो गई। रविवार की सुबह करीब दस बजे हालत बिगड़ने पर परिजन मासूम प्राची को गजरौला ले जा रहे थे। रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। मां धानो देवी मासूम की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन
उधर, हसनपुर के क्षेत्र में बुखार से लगातार हो रहीं मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के मोहल्ला कूटान निवासी बल्लू (45) को सात दिन पहले बुखार आया था। हसनपुर के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया जा रहा था। लगातार उपचार के बावजूद भी बल्लू की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। रविवार की सुबह को तेज बुखार से पीड़ित बल्लू ने अपने चारपाई पर दम तोड़ दिया। मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
उझारी में मुफ्ती को चिकनगुनिया की पुष्टि
उझारी(ब्यूरो)। कस्बा उझारी में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार के साथ ही अब चिकनगुनिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। उझारी निवासी मुफ्ती कासिम रजा नईमी को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डाक्टरों से उपचार कराया गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
कासिम रजा को बुखार के साथ हड्डियों में तेज दर्द की शिकायत लगातार बनी हुई थी। शरीर व चेहरे पर भी चकता के निशान बनने लगे तो मेडिकल टेस्ट कराया गया। जिसमें डाक्टरों ने कासिम रजा को चिकनगुनिया की पुष्टि की है। कस्बे के कई मोहल्लों में लोग बुखार से परेशान हैं। क्षेत्र के गांव कुुआडाली में हर घर में कोई ना कोई बीमार है।
रामबहादुर, रामकुंवर, लखन सिंह, संजय, रमेश, प्यारे, हरिओम, मनोज, सूरज, रामप्रसाद, रतन, योगेंद्र, रामकृष्ण, उदल, गिरिराज, दयाराम, मोती सिंह आदि बुखार से पीड़ित हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
गजरौला के गांव कुदैना चक निवासी कमल सिंह के तीन बेटी हैं। छह साल की पूजा, चार साल की आरती और डेढ़ साल की प्राची है। प्राची को आठ दिन पहले बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। परिवार वाले पास पड़ोस के गांव बिजौरा, मोहम्मदाबाद आदि में झोलाछाप डाक्टर से प्राची का इलाज कराते रहे। हालत में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
बुखार के साथ दस्त की भी शिकायत हो गई। रविवार की सुबह करीब दस बजे हालत बिगड़ने पर परिजन मासूम प्राची को गजरौला ले जा रहे थे। रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। मां धानो देवी मासूम की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन
उधर, हसनपुर के क्षेत्र में बुखार से लगातार हो रहीं मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के मोहल्ला कूटान निवासी बल्लू (45) को सात दिन पहले बुखार आया था। हसनपुर के निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया जा रहा था। लगातार उपचार के बावजूद भी बल्लू की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। रविवार की सुबह को तेज बुखार से पीड़ित बल्लू ने अपने चारपाई पर दम तोड़ दिया। मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
उझारी में मुफ्ती को चिकनगुनिया की पुष्टि
उझारी(ब्यूरो)। कस्बा उझारी में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार के साथ ही अब चिकनगुनिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। उझारी निवासी मुफ्ती कासिम रजा नईमी को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डाक्टरों से उपचार कराया गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
कासिम रजा को बुखार के साथ हड्डियों में तेज दर्द की शिकायत लगातार बनी हुई थी। शरीर व चेहरे पर भी चकता के निशान बनने लगे तो मेडिकल टेस्ट कराया गया। जिसमें डाक्टरों ने कासिम रजा को चिकनगुनिया की पुष्टि की है। कस्बे के कई मोहल्लों में लोग बुखार से परेशान हैं। क्षेत्र के गांव कुुआडाली में हर घर में कोई ना कोई बीमार है।
रामबहादुर, रामकुंवर, लखन सिंह, संजय, रमेश, प्यारे, हरिओम, मनोज, सूरज, रामप्रसाद, रतन, योगेंद्र, रामकृष्ण, उदल, गिरिराज, दयाराम, मोती सिंह आदि बुखार से पीड़ित हैं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नहीं पहुंची है।