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बकाया गन्ना भुगतान को लेकर गरजे किसान
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अमरोहा कलेक्ट्रेड पर धरने को संबोधित करते भाकियू भानू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह?
- फोटो : HASANPUR
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अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन भानू ने किसानों के गन्ना भुगतान, केसीसी में अतिरिक्त कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर धरना दिया। बिजली निगम की मनमानी पर सवाल उठाया। कहा कि किसानों के खिलाफ गलत तरीके से केस दर्ज किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि का लाभ सभी किसानों को दिलाया जाए। नलकूप के किसानों पर एफआईआर को गलत करार दिया। डीएम के कार्रवाई के लिए आश्वासन के बाद किसानों ने चार घंटे के बाद दोपहर लगभग तीन बजे धरना समाप्त कर दिया। हालांकि दो दिन में पूरा नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह की अगुवाई में किसान मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में जुटे। उन्होंने दोपहर 1.30 बजे सड़क जाम का एलान किया था हालांकि लगभग 11 बजे उप निदेशक कृषि ओपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह और एलडीएम उपेंद्र चौधरी धरना स्थल के समीप आ गए थे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि चार सालों में बेतहाशा महंगाई के बावजूद सरकार ने गन्ना मूल्य में मात्र 25 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। वर्तमान पेराई सत्र के लिए 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य और बढ़ाया जाए और यदि मूल्य बढ़ाया जाना संभव न हो तो पेराई सत्र 2008 की तरह 25 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाए।
उन्होंने कहा कि हसनपुर चीनी मिल की चार साल के बाद भी क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। किसानों के ट्यूबवेल के एक साल का बिजली बिल माफ किया जाए। घरेलू और ट्यूबवेल के बिजली बिल आधे से कम किए जाएं। जिला प्रभारी विरेंद्र सिंह ने कहा कि सम्मान निधि से वंचित किसानों को 18-18,000 रुपये दिए जाएं। मिलावटी खाद्य तेल और दूध में मिलावट के चलते लोगों के सेहत खराब हो रहे हैं ऐसे लोगों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।
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संरक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि केसीसी की सीमा बढ़ा कर 10 लाख रुपये की जाए। जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि किसान दुर्घटना बीमा राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करें। दुर्घटना के बाद परिवार के लोगों को बीमा का लाभ दिलाएं। परिवार के किसी भी व्यक्ति के साथ घटना हो तो परिवारजनों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा का लाभ मिल सके। इस दौरान देवेंद्र सैनी, प्रमोद नागर, सुरेंद्र सिंह, महिपाल सैनी, पूनम चौधरी, अशोक अदाना, निरंकार सिंह, कमल सिंह, डॉ. योगेंद्र सिंह, कल्लू भगत, सतीश चौहान आदि रहे।
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह की अगुवाई में किसान मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में जुटे। उन्होंने दोपहर 1.30 बजे सड़क जाम का एलान किया था हालांकि लगभग 11 बजे उप निदेशक कृषि ओपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह और एलडीएम उपेंद्र चौधरी धरना स्थल के समीप आ गए थे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि चार सालों में बेतहाशा महंगाई के बावजूद सरकार ने गन्ना मूल्य में मात्र 25 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। वर्तमान पेराई सत्र के लिए 25 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य और बढ़ाया जाए और यदि मूल्य बढ़ाया जाना संभव न हो तो पेराई सत्र 2008 की तरह 25 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाए।
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उन्होंने कहा कि हसनपुर चीनी मिल की चार साल के बाद भी क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। किसानों के ट्यूबवेल के एक साल का बिजली बिल माफ किया जाए। घरेलू और ट्यूबवेल के बिजली बिल आधे से कम किए जाएं। जिला प्रभारी विरेंद्र सिंह ने कहा कि सम्मान निधि से वंचित किसानों को 18-18,000 रुपये दिए जाएं। मिलावटी खाद्य तेल और दूध में मिलावट के चलते लोगों के सेहत खराब हो रहे हैं ऐसे लोगों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।
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संरक्षक धर्मवीर सिंह ने कहा कि केसीसी की सीमा बढ़ा कर 10 लाख रुपये की जाए। जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि किसान दुर्घटना बीमा राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करें। दुर्घटना के बाद परिवार के लोगों को बीमा का लाभ दिलाएं। परिवार के किसी भी व्यक्ति के साथ घटना हो तो परिवारजनों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा का लाभ मिल सके। इस दौरान देवेंद्र सैनी, प्रमोद नागर, सुरेंद्र सिंह, महिपाल सैनी, पूनम चौधरी, अशोक अदाना, निरंकार सिंह, कमल सिंह, डॉ. योगेंद्र सिंह, कल्लू भगत, सतीश चौहान आदि रहे।