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Amroha News: आसमानी आफत से जमीन पर बिखरीं किसानों की उम्मीदें
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अमरोहा। जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ने से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के बाद हुई बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई। कुछ खेतों में पानी भरने से धान की बालियां भी डूब गईं। कटाई से ठीक पहले मौसम की मार पड़ने से किसानों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। किसानों ने प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर नुकसान के अनुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।
शुक्रवार की सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे। दोपहर में तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही। अमरोहा शहर, डिडौली, नौगावां सादात, कैलसा क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। अचानक बदले मौसम के कारण शहर से लेकर देहात तक जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश से बचने के लिए राहगीरों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन खेतों में खड़ी फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई।
धान की फसल पककर तैयार है और कई क्षेत्रों में कटाई भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में तेज हवा और बारिश से फसल गिरने के कारण किसानों को नुकसान की आशंका है। खेतों में पानी भरने से बालियां डूबने और धान की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है। चार बजे के करीब मौसम साफ होने पर किसान खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लेते नजर आए। कहीं फसल जमीन पर बिछी मिली तो कहीं किसान जलभराव के बीच बालियों को बचाने की कोशिश करते दिखे। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को हुई बारिश से भी किसानों को नुकसान झेलना पड़ा था। किसान अभी पिछली बारिश की मार से उबर भी नहीं पाए थे कि दोबारा मौसम खराब होने से उनकी परेशानी बढ़ गई।
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डीएम का वर्जन
जनपद में जहां पर ओलावृष्टि हुई है। वहां पर फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. नितिन गौड़, डीएम
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जिला कृषि अधिकारी का वर्जन
ओलावृष्टि से धान की फसल को नुकसान है। उपकृषि निदेशक ने कृषि विभाग के कर्मचारियों और बीमा फसल योजना के कर्मचारियों को फसल का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम शनिवार को नुकसान का सर्वे करेंगी और अपनी रिपोर्ट देंगे।
-मनोज कुमार,जिला कृषि अधिकारी
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शुक्रवार की सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे। दोपहर में तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही। अमरोहा शहर, डिडौली, नौगावां सादात, कैलसा क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। अचानक बदले मौसम के कारण शहर से लेकर देहात तक जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश से बचने के लिए राहगीरों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन खेतों में खड़ी फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई।
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धान की फसल पककर तैयार है और कई क्षेत्रों में कटाई भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में तेज हवा और बारिश से फसल गिरने के कारण किसानों को नुकसान की आशंका है। खेतों में पानी भरने से बालियां डूबने और धान की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है। चार बजे के करीब मौसम साफ होने पर किसान खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लेते नजर आए। कहीं फसल जमीन पर बिछी मिली तो कहीं किसान जलभराव के बीच बालियों को बचाने की कोशिश करते दिखे। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को हुई बारिश से भी किसानों को नुकसान झेलना पड़ा था। किसान अभी पिछली बारिश की मार से उबर भी नहीं पाए थे कि दोबारा मौसम खराब होने से उनकी परेशानी बढ़ गई।
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डीएम का वर्जन
जनपद में जहां पर ओलावृष्टि हुई है। वहां पर फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. नितिन गौड़, डीएम
जिला कृषि अधिकारी का वर्जन
ओलावृष्टि से धान की फसल को नुकसान है। उपकृषि निदेशक ने कृषि विभाग के कर्मचारियों और बीमा फसल योजना के कर्मचारियों को फसल का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम शनिवार को नुकसान का सर्वे करेंगी और अपनी रिपोर्ट देंगे।
-मनोज कुमार,जिला कृषि अधिकारी