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Amroha News: कलक्ट्रेट पर किसानों ने किया प्रदर्शन
Sat, 22 Mar 2025 02:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 22 Mar 2025 02:09 AM IST
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अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत और अराजनैतिक असली संगठन के पदाधिकारियों व किसानों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकारों के खिलाफ नारेबाजी की। हरियाणा पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन को संवैधानिक तरीके से कुचलना का आरोप लगाया। गिरफ्तार किसानों को सम्मान पूर्वक रिहा करने की मांग की। साथ ही एमएसपी पर गारंटी कानून बनाए जाने की मांग दोहराई।
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह और अराजनैतिक असली संगठन के जिला प्रवक्ता नरेश कुमार के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। दोनों संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कहा, हरियाणा पंजाब के बॉर्डर पर पिछले 13 माह से किसानों का आंदोलन चल रहा है। जिसे केंद्र और राज्य सरकारों ने कुचलना का संवैधानिक कार्य किया है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
सरकार ने एक तरफ वार्ता की और दूसरी तरफ किसानों को गिरफ्तार कर अपनी किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। इसलिए गिरफ्तार किसानों को सम्मान पूर्वक रिहा किया जाए और किसानों से वार्ता कर एमएसपी पर गारंटी कानून बनाया जाए। अन्यथा किसान संगठन के पदाधिकारी उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि किसान आंदोलन में किसानों की प्रमुख मांगे एमएसपी पर गारंटी कानून और किसानों की कर्ज माफी थी। इस दौरान कलुआ, नन्हे सिंह, वकील अहमद, लोकेश त्यागी, सुरेंद्र सिंह, सुधाकर सिंह, रामपाल सिंह, मुकेश चौधरी, निरंजन सिंह मौजूद रहे।
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भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह और अराजनैतिक असली संगठन के जिला प्रवक्ता नरेश कुमार के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। दोनों संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कहा, हरियाणा पंजाब के बॉर्डर पर पिछले 13 माह से किसानों का आंदोलन चल रहा है। जिसे केंद्र और राज्य सरकारों ने कुचलना का संवैधानिक कार्य किया है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
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सरकार ने एक तरफ वार्ता की और दूसरी तरफ किसानों को गिरफ्तार कर अपनी किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। इसलिए गिरफ्तार किसानों को सम्मान पूर्वक रिहा किया जाए और किसानों से वार्ता कर एमएसपी पर गारंटी कानून बनाया जाए। अन्यथा किसान संगठन के पदाधिकारी उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि किसान आंदोलन में किसानों की प्रमुख मांगे एमएसपी पर गारंटी कानून और किसानों की कर्ज माफी थी। इस दौरान कलुआ, नन्हे सिंह, वकील अहमद, लोकेश त्यागी, सुरेंद्र सिंह, सुधाकर सिंह, रामपाल सिंह, मुकेश चौधरी, निरंजन सिंह मौजूद रहे।
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