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Amroha News: किसान नेता हुए हनी ट्रैप गिरोह के शिकार
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। किसान नेता हनी ट्रैप गिरोह के शिकार हो गए। गिरोह की एक महिला ने उनको अपने घर बुलाकर दूसरी महिला के साथ संबंध बनाने की वीडियो बना ली। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किसान नेता से पांच लाख रुपये की मांग की गई। किसान नेता ने अपने एक परिचित से एक लाख रुपये गिरोह के एक सदस्य को दिलवा दिए। शेष धनराशि की व्यवस्था करने का बहाना बनाकर किसान नेता उनके चंगुल से छूट कर आ गए। किसान नेता की तहरीर पर दो महिलाओं समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
थानाध्यक्ष निशांत राठी ने बताया कि किसान नेता को थाना क्षेत्र के गांव नबाबपुरा भूड़ निवासी रेखा पत्नी सुरेंद्र ने 10 मई को अस्सी गेट पर बनाए गए अपने मकान को दिखाने के लिए बुलाया था। उनके द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक रेखा ने उसकी मुलाकात पूजा नाम की एक महिला से कराई। किसान नेता का कहना है कि उसने पूजा की सहमति से उसके साथ संबंध बनाए। इस दौरान संबंध बनाने की वीडियो बना ली गई। वहां पर महताब पुत्र मुनीश निवासी ग्राम शेरपुर, वासु व एक अज्ञात व्यक्ति वहां आए। उन्होंने संबंध बनाने की वीडियो वायरल करने व जान से मारने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की मांग की। किसान नेता ने फोन पर नगर के एक लोहा व्यापारी से एक लाख रुपये की रकम वासु को दिला दी। चार लाख रुपये की रकम का इंतजाम करने के लिए समय की मांग की लेकिन वे तैयार नहीं हुए। किसान नेता का कहना है कि उसने अपनी बाइक छोड़कर किसी तरह वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। उन्होंने थाने आकर अपनी आपबीती सुनाई। मामला किसान नेता से जुड़ा होने की जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक ने भी थाने आकर उनसे घटना की जानकारी ली। क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि किसान नेता की तहरीर पर रेखा पत्नी सुरेंद्र ग्राम नबाबपुुरा, पूजा पता नामालूम, महताब निवासी ग्राम शेरपुर, वासु पता नामालूम व एक अज्ञात के खिलाफ हनीट्रैप व जान से मारने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दबिश देकर रेखा को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
किसान नेता के प्रकरण को लेकर अफसर व किसान संगठनों मेें रही चर्चा
किसान नेता के हनी ट्रैप प्रकरण को लेकर जिले के अफसर व किसान संगठनों के नेताओं में चर्चा होती रही। वे राजनीति में काफी सक्रिय रहते हैं। बीते 10 मई को जब वे अपने घर वापस नहीं आए थे तो उनके अपहरण की बात उड़ने लगी। लेकिन 11 मई की शाम को उनके हनी ट्रैप का शिकार होने की जानकारी किसान नेताओं को हो गई थी। पुलिस अधीक्षक स्वयं इस मामले की मानीटरिंग कर रहे थे। किसान संगठनों की आपसी राजनीति के चलते तमाम किसान नेता इस प्रकरण की जानकारी लेने के लिए मीडिया के लोगों को फोन करते रहे।
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थानाध्यक्ष निशांत राठी ने बताया कि किसान नेता को थाना क्षेत्र के गांव नबाबपुरा भूड़ निवासी रेखा पत्नी सुरेंद्र ने 10 मई को अस्सी गेट पर बनाए गए अपने मकान को दिखाने के लिए बुलाया था। उनके द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक रेखा ने उसकी मुलाकात पूजा नाम की एक महिला से कराई। किसान नेता का कहना है कि उसने पूजा की सहमति से उसके साथ संबंध बनाए। इस दौरान संबंध बनाने की वीडियो बना ली गई। वहां पर महताब पुत्र मुनीश निवासी ग्राम शेरपुर, वासु व एक अज्ञात व्यक्ति वहां आए। उन्होंने संबंध बनाने की वीडियो वायरल करने व जान से मारने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की मांग की। किसान नेता ने फोन पर नगर के एक लोहा व्यापारी से एक लाख रुपये की रकम वासु को दिला दी। चार लाख रुपये की रकम का इंतजाम करने के लिए समय की मांग की लेकिन वे तैयार नहीं हुए। किसान नेता का कहना है कि उसने अपनी बाइक छोड़कर किसी तरह वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। उन्होंने थाने आकर अपनी आपबीती सुनाई। मामला किसान नेता से जुड़ा होने की जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक ने भी थाने आकर उनसे घटना की जानकारी ली। क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि किसान नेता की तहरीर पर रेखा पत्नी सुरेंद्र ग्राम नबाबपुुरा, पूजा पता नामालूम, महताब निवासी ग्राम शेरपुर, वासु पता नामालूम व एक अज्ञात के खिलाफ हनीट्रैप व जान से मारने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दबिश देकर रेखा को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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किसान नेता के प्रकरण को लेकर अफसर व किसान संगठनों मेें रही चर्चा
किसान नेता के हनी ट्रैप प्रकरण को लेकर जिले के अफसर व किसान संगठनों के नेताओं में चर्चा होती रही। वे राजनीति में काफी सक्रिय रहते हैं। बीते 10 मई को जब वे अपने घर वापस नहीं आए थे तो उनके अपहरण की बात उड़ने लगी। लेकिन 11 मई की शाम को उनके हनी ट्रैप का शिकार होने की जानकारी किसान नेताओं को हो गई थी। पुलिस अधीक्षक स्वयं इस मामले की मानीटरिंग कर रहे थे। किसान संगठनों की आपसी राजनीति के चलते तमाम किसान नेता इस प्रकरण की जानकारी लेने के लिए मीडिया के लोगों को फोन करते रहे।
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