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Amroha News: पुराने अमृत सरोवर बदहाल, चार और नए बनाने की तैयारी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:07 AM IST
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Existing Amrit Sarovars in poor condition; preparations underway to construct four more.
अमरोहा। जिले में एक ओर करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए अमृत सरोवर रखरखाव के अभाव में बदहाली का शिकार हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए चार नए तालाब बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। लघु सिंचाई विभाग ने करीब 80 लाख रुपये की परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। योजना के तहत अमरोहा ब्लॉक क्षेत्र में दो तथा हसनपुर और जोया ब्लॉक में एक-एक तालाब बनाया जाएगा। प्रत्येक तालाब पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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विभाग के अनुसार नए तालाबों का मुख्य उद्देश्य बरसात के पानी का अधिक से अधिक संचयन करना, पानी की बर्बादी रोकना और गिरते भूजल स्तर में सुधार लाना है। जिले के तीन ब्लॉक पहले से ही डार्क जोन में हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। विशेष रूप से जोया ब्लॉक में स्थिति अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विपिन कुमार ने बताया कि अमरोहा ब्लॉक के बसेड़ा तगा और बुढ़ेरना, हसनपुर ब्लॉक के गलसुआ तथा जोया ब्लॉक के कटाई गांव में नए तालाब बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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बरसात सिर पर, फिर भी बदहाल पड़े अमृत सरोवर
जिले में वर्ष 2022-23 के दौरान मनरेगा के तहत 245 पुराने तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया गया था। इन पर तीन लाख से दस लाख रुपये तक खर्च कर सफाई, सुंदरीकरण, पौधरोपण, बैठने की व्यवस्था, इंटरलॉकिंग, बाउंड्री और जल निकासी जैसी सुविधाएं विकसित की गई थीं। कुछ स्थानों पर इन्हें पिकनिक स्पॉट का स्वरूप भी दिया गया था। जिले में बुधवार को अमृत सरोवरों की पड़ताल में अधिकांश तालाब सूखे मिले। कई स्थानों पर ऊंची घास और झाड़ियां उग आई हैं, जबकि गंदगी के कारण उनकी उपयोगिता समाप्त होती दिखाई दे रही है। जल संचयन की समुचित व्यवस्था भी अधिकांश स्थानों पर नहीं मिली। राजस्व अभिलेखों के अनुसार जिले में करीब पांच हजार तालाब हैं, जिनमें से 245 को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया गया था। निर्माण के बाद इनके रखरखाव पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा। अब नए तालाबों के प्रस्ताव के बीच पहले से बने अमृत सरोवरों की स्थिति भी सवालों के घेरे में है।
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- अमरोहा नगर के पनबाड़ी तालाब का अमृत सरोवर योजना के तहत भूमि पूजन के बाद भी जीर्णोद्धार अधूरा है। तालाब की जमीन पर अतिक्रमण बढ़ने से इसका दायरा लगातार सिमट रहा है।

- गजरौला के ग्राम पंचायत अहरौला तेजवन के चाकीखेड़ा रकबे में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अमृत सरोवर पूरी तरह सूखे पड़े हैं। पानी का स्थायी स्रोत नहीं होने से घास और झाड़ियां उग आई हैं।

- मंडी धनौरा के कमेलपुर व चुचैला कलां में रखरखाव के अभाव में अमृत सरोवर कूड़ाघर और उपले रखने का स्थान बन गए हैं। वहीं मलंगपुरा का अमृत सरोवर वर्षभर पानी से भरा रहने के कारण मिसाल बना हुआ है।

- जोया ब्लॉक क्षेत्र के नन्हेड़ा राजपूत में तालाब में गंदगी और रखरखाव के अभाव से ग्रामीण परेशान हैं। बरसात में दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने पर ग्रामीणों ने सफाई और सौंदर्यीकरण की मांग की है।

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बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। पानी का संरक्षण किया जाएगा। एक बार सभी सरोवरों का सर्वे कराया जाएगा। अगर कहीं पर उपले या कूड़ा रखा है तो उसे साफ कराया जाएगा। जिससे पानी को संरक्षित किया जा सके। अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ
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