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Amroha News: ईओ बोलीं- दबाव में काम न करने पर पालिकाध्यक्ष कर रहीं प्रताडि़त
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गजरौला (अमरोहा)।
ईओ दीपिका शुक्ला ने पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी और उनके पति पूर्व विधायक हरपाल सिंह पर दबाव में नियम विरुद्ध काम न करने पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका सितंबर और अक्तूबर का वेतन रोक दिया है। चहेते ठेकेदार को निविदा न मिलने पर निरस्त करा देते हैं। ईओ ने मुरादाबाद मंडलायुक्त को पत्र भेजकर न्याय की गुहार व कार्रवाई की मांग की है।
ईओ ने मंडलायुक्त को भेजे पत्र में कहा कि उन्होंने इसी साल जुलाई में कार्यभार ग्रहण किया है। पालिकाध्यक्ष व उनके पति ने अगस्त का उनका वेतन रोक दिया। कुछ सभासदों ने पालिकाध्यक्ष और उनके पति पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए हड़ताल की थी। जिस पर उनका वेतन निकाला गया। अब सितंबर और अक्तूबर का वेतन भी रोक दिया गया है। पूछने पर कोई कारण नहीं बताया। ईओ का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष और उनके पति उन पर नियम विरुद्ध तरीके से निविदा जारी करने दबाव बनाते हैं। बात न मानने पर उनको प्रताड़ित करते है। उनकी फर्जी शिकायत भी की गई है।
जटायू मशीन (गारबेज सक्शन) की 2022 से की जा रही निविदा लगातार निरस्त की जा रही है। अपने चहेते ठेकेदार को निविदा न मिलने तक निरस्त कराते हैं। ईओ का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष और उनके पति ने आउट सोर्सिंग के 10 कर्मचारियों का भी वेतन रोक दिया है।
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तिगरी मेले में ईओ के चालक से मारपीट का आरोप
ईओ का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष और उनके पति उनको कमजोर करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। तिगरी गंगा मेले में उनके चहेते संविदा ठेकेदार ने शराब पीकर उनके चालक के साथ गाली-गलौज की। यह वही संविदा ठेकेदार है, जिसका वेतन एसडीएम ने रोकते हुए जांच में पाया था कि वह पालिका में एक दिन भी काम करने नहीं आया। मेले में उनके चालक के साथ मारपीट की घटना सीधी उनको चुनौती है। उनके पास सारे सबूत हैं। उसी संविदा ठेकेदार ने झूठे केस में फंसाने के लिए तहरीर दी। उनके पास जो सबूत हैं, उनको जरूरत पड़ने पर डीएम और एसपी को मुहैया कराएंगी।
- उन पर उनके पति पर ईओ के लगाए गए आरोप निराधार हैं। वह बोर्ड में पास हुए कार्यों के टेंडर प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर रही हैं। इसके चलते नगर में कई काम नहीं कराए गए। उनके चालक ने ही संविदा ठेकेदार के साथ गाली गलौज की गई। - राजेंद्री उर्फ उमा देवी, पालिकाध्यक्ष गजरौला
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ईओ दीपिका शुक्ला ने पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी और उनके पति पूर्व विधायक हरपाल सिंह पर दबाव में नियम विरुद्ध काम न करने पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका सितंबर और अक्तूबर का वेतन रोक दिया है। चहेते ठेकेदार को निविदा न मिलने पर निरस्त करा देते हैं। ईओ ने मुरादाबाद मंडलायुक्त को पत्र भेजकर न्याय की गुहार व कार्रवाई की मांग की है।
ईओ ने मंडलायुक्त को भेजे पत्र में कहा कि उन्होंने इसी साल जुलाई में कार्यभार ग्रहण किया है। पालिकाध्यक्ष व उनके पति ने अगस्त का उनका वेतन रोक दिया। कुछ सभासदों ने पालिकाध्यक्ष और उनके पति पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए हड़ताल की थी। जिस पर उनका वेतन निकाला गया। अब सितंबर और अक्तूबर का वेतन भी रोक दिया गया है। पूछने पर कोई कारण नहीं बताया। ईओ का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष और उनके पति उन पर नियम विरुद्ध तरीके से निविदा जारी करने दबाव बनाते हैं। बात न मानने पर उनको प्रताड़ित करते है। उनकी फर्जी शिकायत भी की गई है।
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जटायू मशीन (गारबेज सक्शन) की 2022 से की जा रही निविदा लगातार निरस्त की जा रही है। अपने चहेते ठेकेदार को निविदा न मिलने तक निरस्त कराते हैं। ईओ का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष और उनके पति ने आउट सोर्सिंग के 10 कर्मचारियों का भी वेतन रोक दिया है।
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तिगरी मेले में ईओ के चालक से मारपीट का आरोप
ईओ का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष और उनके पति उनको कमजोर करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। तिगरी गंगा मेले में उनके चहेते संविदा ठेकेदार ने शराब पीकर उनके चालक के साथ गाली-गलौज की। यह वही संविदा ठेकेदार है, जिसका वेतन एसडीएम ने रोकते हुए जांच में पाया था कि वह पालिका में एक दिन भी काम करने नहीं आया। मेले में उनके चालक के साथ मारपीट की घटना सीधी उनको चुनौती है। उनके पास सारे सबूत हैं। उसी संविदा ठेकेदार ने झूठे केस में फंसाने के लिए तहरीर दी। उनके पास जो सबूत हैं, उनको जरूरत पड़ने पर डीएम और एसपी को मुहैया कराएंगी।
- उन पर उनके पति पर ईओ के लगाए गए आरोप निराधार हैं। वह बोर्ड में पास हुए कार्यों के टेंडर प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर रही हैं। इसके चलते नगर में कई काम नहीं कराए गए। उनके चालक ने ही संविदा ठेकेदार के साथ गाली गलौज की गई। - राजेंद्री उर्फ उमा देवी, पालिकाध्यक्ष गजरौला