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कलक्ट्रेट में कामकाज ठप कर धरने पर बैठे कर्मचारी
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:34 AM IST
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अमरोहा कलक्ट्रेट में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी।
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मांगों के पूरा नहीं होने पर गुस्साए कर्मचारियों ने गुरुवार को काजकाज ठप कर कलक्ट्रेट पर नारेबाजी और धरना दिया और समस्याओं के निस्तारण की मांग की। इस दौरान सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इधर, कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की वजह से तमाम लोग निराश होकर अपने घरों को वापस लौट गए।
उ.प्र. मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जनपद शाखा के अध्यक्ष राजीव सिंह केे नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दफ्तरों में काम काज बंद कर दिया। इसके बाद सभी कर्मचारी एकत्र होकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इसको संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति दी जाए।
जनपद मुख्यालय स्तर पर कलक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी/जनपद सचिवालय रखा जाए। भूलेख लिपिक को पूर्व की तरह कलक्ट्रेट अधिष्ठान में वापस किया जाए। कलक्ट्रेट में लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। इसके अलावा भी उन्होंने तमाम समस्याओं को भी जोरदार ढंग से उठाया। तत्पश्चात जिलाधिकारी को 13 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह, शैलेंद्र शर्मा, विजयपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह, मनदीप कौर, सुधीर कुमार राय, श्याम सिंह, सोविंदर सिंह, रविराज, मुकेश कुमार भटनागर, सुधीर कुमार, राजेश कुमार वर्मा, राजेश कुमार, जितेंद्र सिंह, उदयराज, सुमन, पंकज दीक्षित, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे। उधर कर्मियों की हड़ताल के कारण लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। दिन भर भटकने के बाद शाम को बैरंग लौट गए।
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उ.प्र. मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जनपद शाखा के अध्यक्ष राजीव सिंह केे नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दफ्तरों में काम काज बंद कर दिया। इसके बाद सभी कर्मचारी एकत्र होकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इसको संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के दस प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति दी जाए।
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जनपद मुख्यालय स्तर पर कलक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी/जनपद सचिवालय रखा जाए। भूलेख लिपिक को पूर्व की तरह कलक्ट्रेट अधिष्ठान में वापस किया जाए। कलक्ट्रेट में लेखा का कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। इसके अलावा भी उन्होंने तमाम समस्याओं को भी जोरदार ढंग से उठाया। तत्पश्चात जिलाधिकारी को 13 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह, शैलेंद्र शर्मा, विजयपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह, मनदीप कौर, सुधीर कुमार राय, श्याम सिंह, सोविंदर सिंह, रविराज, मुकेश कुमार भटनागर, सुधीर कुमार, राजेश कुमार वर्मा, राजेश कुमार, जितेंद्र सिंह, उदयराज, सुमन, पंकज दीक्षित, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे। उधर कर्मियों की हड़ताल के कारण लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। दिन भर भटकने के बाद शाम को बैरंग लौट गए।
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