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Amroha News: कर्मचारियों की बस एक मांग, पुरानी पेंशन हो बहाल
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अमरोहा। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों की आंदोलन लगातार मुखर हो रहा है। एक के बाद एक आंदोलन के सिलसिले जारी हैं। शनिवार को पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मंच के बैनर तले विभिन्न संगठन गांधी मूर्ति पर एकत्र हुए और मौन धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार मौन है तो उसे उसके तरीके से ही जगाया जा रहा है। पुरानी पेंशन बहाल कराना ही अब हर कर्मचारी का मकसद रहेगा। जिसके लिए लगातार आंदोलन होते रहेंगे।
जिले में विभिन्न संगठनों के बैनर तले अधिकारी और कर्मचारी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पुरानी पेंशन के मुद्दे पर सभी संगठन एकजुट हैं। शाम चार बजे पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मंच के बैनर तले राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद,अधीनस्थ कृषि सेवा संघ, डिप्लोमा इंजीनियरिंग महासंघ, सिंचाई विभाग संघ सिंचाई संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, राजस्व अमीन संघ, नहर परियोजना जेई संघ, पीडब्ल्यूडी संघ, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े पदाधिकारी गांधी मूर्ति पर एकत्र हुए। उन्होंने यहां मौन धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार उनकी मांग को लेकर मौन धारण किए हुए है तो कर्मचारी मौन रखकर उसे नींद से जगा रहे हैं। कहा
नई पेंशन योजना आने वाली पीढ़ी के लिए भी अभिशाप है। कर्मचारियों की जानकारी के बिना उनके पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। ऐसा करके कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय कर दिया गया है। यह स्थिति उचित नहीं है। यहां जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्यागी, जिला मंत्री हरेंद्र सिंह, नेपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, वेदप्रकाश सिंह, आनंद कुमार, गौतम सिंह, पीयूष कुमार, जिला मंत्री उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जयवीर सिंह, मूलचंद चौहान आदि मौजूद रहे।
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बोले पदाधिकारी
पुरानी पेंशन बहाली के लिए विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ वर्ष 2006 से लड़ाई लड़ रहा है। क्योंकि सबसे पहले शिक्षकों की पेंशन खत्म हुई थी। भारत में पांच राज्यों में पेंशन बहाल हो गई है, जबकि पुरानी पेंशन नेताओं की है। पुरानी पेंशन कि लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ेंगे। -शाहनवाज सैफी साबरी, जिलाध्यक्ष विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ
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पुरानी पेंशन बंद होने से कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। जिस कारण उसकी कार्य क्षमता प्रभावित हुई है। सरकार कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करें जिससे कर्मचारियों की उत्पादकता बनी रहे। -हरेंद्र सिंह, जिला मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
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पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सहारा है। पेंशन मांग कर्मचारियों के भविष्य को लेकर उठाई जा रही है। सरकार लगातार उनकी मांग की अनदेखी कर रही है। जो सही नहीं है। सरकार को तत्काल इसे लेकर कदम उठाने चाहिए। जिससे कर्मचारियों को उनका हक मिल सके। -मुकेश कुमार पवार, मंडल अध्यक्ष, विशिष्ट बीटीसी
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पुरानी पेंशन बहाली को 2006 से हमारी लड़ाई जारी है। एक के बाद एक धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। जबकि, कर्मचारी को अनुचित मांग उठा रहे हैं। चाहे कुछ भी हो जाए, हम पुरानी पेंशन बहाल कराकर ही दम लेंगे। -सतेंद्र सिंह, प्रांतीय प्रतिनिधि, ग्राम विकास अधिकारी संघ
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जिले में विभिन्न संगठनों के बैनर तले अधिकारी और कर्मचारी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पुरानी पेंशन के मुद्दे पर सभी संगठन एकजुट हैं। शाम चार बजे पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मंच के बैनर तले राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद,अधीनस्थ कृषि सेवा संघ, डिप्लोमा इंजीनियरिंग महासंघ, सिंचाई विभाग संघ सिंचाई संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, राजस्व अमीन संघ, नहर परियोजना जेई संघ, पीडब्ल्यूडी संघ, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े पदाधिकारी गांधी मूर्ति पर एकत्र हुए। उन्होंने यहां मौन धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार उनकी मांग को लेकर मौन धारण किए हुए है तो कर्मचारी मौन रखकर उसे नींद से जगा रहे हैं। कहा
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नई पेंशन योजना आने वाली पीढ़ी के लिए भी अभिशाप है। कर्मचारियों की जानकारी के बिना उनके पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। ऐसा करके कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय कर दिया गया है। यह स्थिति उचित नहीं है। यहां जिला अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्यागी, जिला मंत्री हरेंद्र सिंह, नेपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, वेदप्रकाश सिंह, आनंद कुमार, गौतम सिंह, पीयूष कुमार, जिला मंत्री उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जयवीर सिंह, मूलचंद चौहान आदि मौजूद रहे।
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बोले पदाधिकारी
पुरानी पेंशन बहाली के लिए विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ वर्ष 2006 से लड़ाई लड़ रहा है। क्योंकि सबसे पहले शिक्षकों की पेंशन खत्म हुई थी। भारत में पांच राज्यों में पेंशन बहाल हो गई है, जबकि पुरानी पेंशन नेताओं की है। पुरानी पेंशन कि लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ेंगे। -शाहनवाज सैफी साबरी, जिलाध्यक्ष विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ
पुरानी पेंशन बंद होने से कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। जिस कारण उसकी कार्य क्षमता प्रभावित हुई है। सरकार कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करें जिससे कर्मचारियों की उत्पादकता बनी रहे। -हरेंद्र सिंह, जिला मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सहारा है। पेंशन मांग कर्मचारियों के भविष्य को लेकर उठाई जा रही है। सरकार लगातार उनकी मांग की अनदेखी कर रही है। जो सही नहीं है। सरकार को तत्काल इसे लेकर कदम उठाने चाहिए। जिससे कर्मचारियों को उनका हक मिल सके। -मुकेश कुमार पवार, मंडल अध्यक्ष, विशिष्ट बीटीसी
पुरानी पेंशन बहाली को 2006 से हमारी लड़ाई जारी है। एक के बाद एक धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सरकार कोई पहल नहीं कर रही है। जबकि, कर्मचारी को अनुचित मांग उठा रहे हैं। चाहे कुछ भी हो जाए, हम पुरानी पेंशन बहाल कराकर ही दम लेंगे। -सतेंद्र सिंह, प्रांतीय प्रतिनिधि, ग्राम विकास अधिकारी संघ