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सांड़ के हमले में बुजुर्ग किसान की मौत
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थाना क्षेत्र के गांव देहरा चक में बुधवार की सुबह सांड़ के हमले में एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। बुजुर्ग किसान पर हमले के बाद सांड़ गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से हिंसक हो चुके सांड़ को पकड़े जाने की मांग की है। पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
देहरा चक गांव निवासी रामपाल सिंह 70 वर्षीय किसान बुधवार सुबह घर के बाहर बैठे हुए थे। अचानक एक छुट्टा सांड़ वहां आया और रामपाल पर हमला कर दिया। सांड़ के हमले से रामपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उनको सरकारी अस्पताल लाए। यहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। रामपाल के पुत्र सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सांड़ ने घर के बाहर बैठे उनके पिता पर अचानक हमला कर दिया। थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं ग्रामीणों ने सांड़ को पकड़े जाने की मांग की है।
अप्रैल माह में सांड़ के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है
मंडी धनौरा। भीषण गर्मी और भरपेट चारा नहीं मिलने की वजह से छुट्टा पशु हिंसक होते जा रहे हैं। अप्रैल माह में सांड़ के हमले में क्षेत्र में दो लोगों की जान जा चुकी है। अप्रैल माह की 23 तारीख को ग्राम सैरकपुर में किसान जंगबहादुर सिंह की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। जंगबहादुर सिंह भी अपने घर की ओर जा रहे थे। अचानक खेत से निकले एक छुट्टा सांड़ ने उन पर हमला बोल दिया था। 29 अप्रैल को क्षेत्र के गांव गादीखेड़ा की मंढैया निवासी प्रेमवती की खेत में काम करते समय सांड़ के हमले में मौके पर मौत हो गई थी। सांड़ ने प्रेमवती के पेट में सींगों से हमला किया था। बीती छह जून को क्षेत्र के गांव बेरखेड़ा में एक किसान पर सांड़ ने पीछे से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। अब देहरा चक निवासी रामपाल सिंह की सांड़ के हमले से मौत हो गई। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भागेश सिंह का कहना है कि गरमी में पशु आक्रामक हो जाते हैं। संवाद
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छुट्टा पशुओं की समस्या दिन प्रतिदिन गहराती जा रही है। बीते विधानसभा चुनाव में छुट्टा पशुओं का मुद्दा चर्चा में रहा था। उसके बावजूद भी छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र में तीन गोशाला स्थापित हैं। धनौरा व बछरायूं नगर में नगर पालिका द्वारा संचालित गोशाला हैं। दोनों में आश्रय पाए पशुओं के भोजन की व्यवस्था पालिका को अपने ही संसाधनों से करनी पड़ रही है। ग्राम डींगरा में स्थापित गोशाला की देखभाल का जिम्मा ब्लाक कार्यालय का है। बताया जाता है कि धनौरा की गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंशीय पशु हैं। वही डींगरा गांव की गोशाला में भी क्षमता से अधिक गोवंशीय पशु हैं। ऐसी स्थिति में छुट्टा पशुओं को कान्हा गोशाला में भी आश्रय नहीं दिया जा सकता है। एसडीएम अरुण कुमार का कहना है कि छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
छुट्टा पशुओं से अपनी फसल की रक्षा करने के लिए किसान समूह बनाकर रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टा पशुओं में बढ़ रही हिंसक प्रवृति उनके लिए जानलेवा हो सकती है। इसी वजह से किसान रात को समूह बनाकर अपनी फसलों की रक्षा कर रहे हैं। किसान राजीव कुमार का कहना है कि छुट्टा पशुओं की वजह से उनका हरा चारा तो हो नहीं पा रहा है। छुट्टा पशु किसी भी समय खेत में घुसकर हरे चारे को अपना भोजन बना रहे हैं। किसानों श्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह, रामपाल सिंह आदि ने छुट्टा पशुओं को पकड़े जाने की मांग की है।
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देहरा चक गांव निवासी रामपाल सिंह 70 वर्षीय किसान बुधवार सुबह घर के बाहर बैठे हुए थे। अचानक एक छुट्टा सांड़ वहां आया और रामपाल पर हमला कर दिया। सांड़ के हमले से रामपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उनको सरकारी अस्पताल लाए। यहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। रामपाल के पुत्र सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सांड़ ने घर के बाहर बैठे उनके पिता पर अचानक हमला कर दिया। थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं ग्रामीणों ने सांड़ को पकड़े जाने की मांग की है।
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अप्रैल माह में सांड़ के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है
मंडी धनौरा। भीषण गर्मी और भरपेट चारा नहीं मिलने की वजह से छुट्टा पशु हिंसक होते जा रहे हैं। अप्रैल माह में सांड़ के हमले में क्षेत्र में दो लोगों की जान जा चुकी है। अप्रैल माह की 23 तारीख को ग्राम सैरकपुर में किसान जंगबहादुर सिंह की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। जंगबहादुर सिंह भी अपने घर की ओर जा रहे थे। अचानक खेत से निकले एक छुट्टा सांड़ ने उन पर हमला बोल दिया था। 29 अप्रैल को क्षेत्र के गांव गादीखेड़ा की मंढैया निवासी प्रेमवती की खेत में काम करते समय सांड़ के हमले में मौके पर मौत हो गई थी। सांड़ ने प्रेमवती के पेट में सींगों से हमला किया था। बीती छह जून को क्षेत्र के गांव बेरखेड़ा में एक किसान पर सांड़ ने पीछे से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया था। अब देहरा चक निवासी रामपाल सिंह की सांड़ के हमले से मौत हो गई। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भागेश सिंह का कहना है कि गरमी में पशु आक्रामक हो जाते हैं। संवाद
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छुट्टा पशुओं की समस्या दिन प्रतिदिन गहराती जा रही है। बीते विधानसभा चुनाव में छुट्टा पशुओं का मुद्दा चर्चा में रहा था। उसके बावजूद भी छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र में तीन गोशाला स्थापित हैं। धनौरा व बछरायूं नगर में नगर पालिका द्वारा संचालित गोशाला हैं। दोनों में आश्रय पाए पशुओं के भोजन की व्यवस्था पालिका को अपने ही संसाधनों से करनी पड़ रही है। ग्राम डींगरा में स्थापित गोशाला की देखभाल का जिम्मा ब्लाक कार्यालय का है। बताया जाता है कि धनौरा की गोशाला में क्षमता से अधिक गोवंशीय पशु हैं। वही डींगरा गांव की गोशाला में भी क्षमता से अधिक गोवंशीय पशु हैं। ऐसी स्थिति में छुट्टा पशुओं को कान्हा गोशाला में भी आश्रय नहीं दिया जा सकता है। एसडीएम अरुण कुमार का कहना है कि छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
छुट्टा पशुओं से अपनी फसल की रक्षा करने के लिए किसान समूह बनाकर रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टा पशुओं में बढ़ रही हिंसक प्रवृति उनके लिए जानलेवा हो सकती है। इसी वजह से किसान रात को समूह बनाकर अपनी फसलों की रक्षा कर रहे हैं। किसान राजीव कुमार का कहना है कि छुट्टा पशुओं की वजह से उनका हरा चारा तो हो नहीं पा रहा है। छुट्टा पशु किसी भी समय खेत में घुसकर हरे चारे को अपना भोजन बना रहे हैं। किसानों श्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह, रामपाल सिंह आदि ने छुट्टा पशुओं को पकड़े जाने की मांग की है।