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Amroha News: जलालपुर कलां में नई किसान सेवा सहकारी समिति बनाए जाने की कवायद
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गजरौला (अमरोहा)।
ग्राम पंचायत जलालपुर कलां में नई किसान सेवा सहकारी समिति बनाए जाने की तैयारी है। इसके लिए अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बीच विचार विमर्श चल रहा है। नई सहकारी समिति बनने से किसानों को खाद-बीज और ऋण लेने के लिए नगर में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ब्लॉक में गजरौला, अल्लीपुर भूड़, बैरमपुर भूड़, तिगरी, कर्मल्लीपुर और ढकिया भूड़ सहित छह किसान सेवा सहकारी समिति हैं। समिति के सदस्य किसानों को समिति पर खाद, बीज मिलता है। किसान जरूरत के लिए समिति से ऋण लेते हैं। सहकारी समिति अपने सदस्य किसानों को कम ब्याज पर ऋण देती है। खाद-बीज मिलने से लेकर ऋण आदि की जरूरत पूरी करने के कारण सहकारी समितियों की उपयोगिता बहुत अधिक है। मगर समिति दूर हो तो किसानों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जहां समय अधिक लगता है, वहीं बाइक आदि से आने जाने में पेट्रोल भी ज्यादा खर्च होता है।
किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए जलालपुर कलां में नई किसान सेवा सहकारी समिति बनाने की कवायद शुरू की गई है। एडीओ (सहकारिता) संदीप कुमार का कहना है कि जलालपुर कलां को नई समिति बनाए जाने पर विचार विमर्श हो रहा है।
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परिसीमन में काटे जाएंगे गांव
गजराैला। अभी तक जलालपुर कलां और उसके आसपास के गांवों के पास कोई किसान सेवा सहकारी समिति नहीं है। उनको खाद-बीज और ऋण के लिए गजरौला, अल्लीपुर भूड़ व बैरमपुर भूड़ जाना पड़ता है। कई गांवों की गजरौला व अल्लीपुर भूड़ से 10 से 15 किलोमीटर दूरी है। वहीं, बैरमपुर भूड़ तक आने जाने के लिए सही मार्ग नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। एडीओ का कहना है कि नई समिति बनाने के लिए उपरोक्त तीन समितियों के गांव काट कर नई में शामिल किए जाएंगे। उनका कहना है कि धनौरा व जोया ब्लॉक में भी एक-एक नई समिति बनाई जाएगी।
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ग्राम पंचायत जलालपुर कलां में नई किसान सेवा सहकारी समिति बनाए जाने की तैयारी है। इसके लिए अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बीच विचार विमर्श चल रहा है। नई सहकारी समिति बनने से किसानों को खाद-बीज और ऋण लेने के लिए नगर में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ब्लॉक में गजरौला, अल्लीपुर भूड़, बैरमपुर भूड़, तिगरी, कर्मल्लीपुर और ढकिया भूड़ सहित छह किसान सेवा सहकारी समिति हैं। समिति के सदस्य किसानों को समिति पर खाद, बीज मिलता है। किसान जरूरत के लिए समिति से ऋण लेते हैं। सहकारी समिति अपने सदस्य किसानों को कम ब्याज पर ऋण देती है। खाद-बीज मिलने से लेकर ऋण आदि की जरूरत पूरी करने के कारण सहकारी समितियों की उपयोगिता बहुत अधिक है। मगर समिति दूर हो तो किसानों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जहां समय अधिक लगता है, वहीं बाइक आदि से आने जाने में पेट्रोल भी ज्यादा खर्च होता है।
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किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए जलालपुर कलां में नई किसान सेवा सहकारी समिति बनाने की कवायद शुरू की गई है। एडीओ (सहकारिता) संदीप कुमार का कहना है कि जलालपुर कलां को नई समिति बनाए जाने पर विचार विमर्श हो रहा है।
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परिसीमन में काटे जाएंगे गांव
गजराैला। अभी तक जलालपुर कलां और उसके आसपास के गांवों के पास कोई किसान सेवा सहकारी समिति नहीं है। उनको खाद-बीज और ऋण के लिए गजरौला, अल्लीपुर भूड़ व बैरमपुर भूड़ जाना पड़ता है। कई गांवों की गजरौला व अल्लीपुर भूड़ से 10 से 15 किलोमीटर दूरी है। वहीं, बैरमपुर भूड़ तक आने जाने के लिए सही मार्ग नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। एडीओ का कहना है कि नई समिति बनाने के लिए उपरोक्त तीन समितियों के गांव काट कर नई में शामिल किए जाएंगे। उनका कहना है कि धनौरा व जोया ब्लॉक में भी एक-एक नई समिति बनाई जाएगी।