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किसान क्रेडिट कार्ड पर पांच साल में एक बार लिए जाएंगे डॉक्यूमेंटशन और सिविल चार्ज

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:09 AM IST
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Documentation and civil charges will be taken on Kisan Credit Card once in five years
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसान क्रेडिट कार्ड पर विभिन्न तरह से चार्ज लगाकर लूट खसोट नहीं होगी। बैंक इन चार्जेस को पांच साल में एक बार लेगी। इससे पहले यह चार्ज हर साल कार्ड के नवीनीकरण होने पर लगाए जाते थे। साथ ही किसान अपने क्रेडिट कार्ड पांच साल पूरे होने के बाद भी यथावत रख सकता है, पहली धनराशि तक सीमित कार्ड पर उन्हें एनईसी (बारह साला), नोड्यूज, गारंटर नहीं देने होंगे। साथ ही बैंक प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत किसानों की फसल का बीमा करेंगी। बैंक कर्मी किसान की सहमति के बगैर प्राइवेट या अन्य तरह के बीमा नहीं करेंगे।
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प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की 21 जिलों में शाखाएं हैं। बैंक की सभी शाखाओं में 14 लाख से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड हैं। किसान क्रेडिट कार्ड पांच साल के लिए बनाया जाता है। बैंक किसान क्रेडिट कार्ड पर प्रोसेसिंग चार्ज, इंस्पेक्शन चार्ज डाक्यूमेंनशन इंचार्ज और सिविल चार्ज लगाती थी। जबकि किसान क्रेडिट कार्ड के पांच साल पूरे होने पर बैंक दोबारा से क्रेडिट कार्ड बनाने पर किसान से एनईसी, नोड्यूज और गारंटर लेकर नई प्रक्रिया अपनाती थीं। भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने विभिन्न तरह के चार्जों को किसानों का शोषण और लूट खसोट करार दिया।
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साथ ही बैंक के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर इन सभी चार्ज को नहीं लगाने की मांग की थी। क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार ने बताया कि बैंक ने स्पष्ट कर दिया कि डाक्यूमेंनशन चार्ज और सिविल चार्ज पांच साल में केवल एक बार लिए जाएंगे। साथ ही इंस्पेक्शन चार्ज व प्रोसेसिंग चार्ज में राहत देते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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इसके अलावा किसान के क्रेडिट कार्ड की अवधि पांच साल होती है, यदि किसान उसी कार्ड को यथावत चलाना चाहता है, तो उसे एनईसी, नोड्यूज और गारंटर नहीं देने पड़ेंगे। पांच साल बाद भी किसान अपनी अभिस्वीकृति देकर किसान क्रेडिट कार्ड को जारी रख सकता है। ऐसे किसानों से नोड्यूज के स्थान पर सिविल फी ली जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत 12 रूपये प्रति वर्षीय वाला बीमा किसानों को दिया जाएगा। प्राइवेट या अन्य बीमा करने के लिए पहले किसान से सहमति ली जाएगी।
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