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छोइया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए नहीं जागे तो बुंदेलखंड जैसे होंगे हालात : डीएम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2024 05:18 AM IST
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DM donated labor by using shovel to dig the river
गजरौला। डीएम, एडीएम, एसडीएम हसनपुर, बीडीओ गजरौला ने छोइया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए फावड़ा चलाया। ग्रामीणों से डीएम ने कहा कि नदी में पानी बहेगा तो उनके पशु पानी पीने के साथ ही उसमें नहा सकते हैं। सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इलाके में हरियाली आएगी। वन्य जीवों का संरक्षण होगा। जल के स्रोतों को सहेजने के लिए नहीं जागे तो बुंदेलखंड से भी बुरे हालात होंगे।
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क्षेत्र के गांव शहवाजपुर डोर के निकट प्रवाहित होने वाली छोइया नदी अब सूख चुकी है। बरसात के सीजन में यह पानी से लबालब हो जाती है। बृहस्पतिवार को डीएम राजेश कुमार त्यागी, एडीएम न्यायिक मायाशंकर, हसनपुर एसडीएम भगत सिंह, गजरौला के बीडीओ प्रशिक्षु एसडीएम विकास मित्तल ने नदी को पुनर्जीवित कार्यक्रम का शुभारंभ हवन में आहुतियां प्रदान कर किया। इस दौरान ग्रामीणाें ने भी हवन में आहुतियां छोड़ीं। इसके बाद अफसराें ने ग्रामीणों से नदी को पुनर्जीवित करने के लिए श्रमदान करने का आह्वान किया। डीएम ने कहा कि जिसका जैसा इंतजाम, वैसा वह नदी को पुनर्जीवित करने का काम करे। साधन नहीं है तो फावड़ा चलाकर अपना योगदान दे सकते हैं। ट्रैक्टर से जुताई कर खुदाई के काम में मदद कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि नदी को पुनर्जीवित करना बेहद जरूरी है। यदि हम जल्द ही जल के स्रोतों को बचाने के लिए आगे नहीं आए तो यहां के हालात बुंदेलखंड से बुरे हो जाएंगे। पीने को भी पानी नहीं मिलेगा। हसनपुर एसडीएम ने ग्रामीणों से नदी की खुदाई में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी को यह शिकायत है कि उसके नाम की जमीन को नदी में नापा जा रहा है तो वह उनसे मिल कर अपनी समस्या रख सकते हैं। किसी की जमीन नहीं जाने दी जाएगी। नदी के खुद जाने से उनके इलाके में हरियाली आएगी। अफसरों ने फावड़ा चलाकर नदी की खुदाई के लिए श्रमदान करने का आह्वान किया। इस मौके पर ग्राम पंचायत सचिव धर्मेंद्र सिंह, नेपाल सिंह, एपीओ नितिन कुमार और ग्रामीण मौजूद रहे।
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पपसरा खादर से निकलती है छोइया नदी

गजरौला। जिला प्रशासन की छोइया नदी को पुनर्जीवित कर झील के रूप में विकसित करने की योजना है। यह नदी पपसरा खादर से निकलती है, जो शाहपुर उर्फ साहबपुर, बसैली, शहवाजपुर डोर होकर सुल्तानठेर मोहम्मदपुर के निकट बगद नदी में गिरती है। प्रशिक्षु एसडीएम का कहना है कि शुरू में 11 सौ मीटर की लंबाई में काम किया जाएगा। नदी की चौड़ाई 40 से 60 मीटर है। पपसरा खादर, शाहपुर सहित कई गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। राजस्व रिकॉर्ड निकलवाकर खुदाई का काम कराया जाएगा।
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