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Amroha News: विशेष शिक्षण सामग्री से पढ़ाई करेंगे दिव्यांग
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अमरोहा। जिले में समेकित शिक्षा के तहत स्कूलों में पंजीकृत बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। ये शिक्षक विशेष टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटीरियल) के तहत बच्चों को उनकी आवश्यकता और रुचि के अनुसार सरल, सुगम और अच्छे पाठ्यक्रम पर आधारित पढ़ाई कराएंगे। शिक्षण सामग्री के लिए जिले को 1.25 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं। अब समेकित शिक्षा के तहत बच्चों को विशेष सामग्री के तहत शिक्षण कार्य कराया जाएगा। बच्चों की रुचि के अनुसार सरल, स्पष्ट, सुगम और पाठ्यक्रम आधारित टीएलएम की खरीद और निर्माण किया जाएगा। जिले में नोडल शिक्षकों की ओर से आकर्षक, मल्टीसेंसरी (शारीरिक इंद्रियों से जुड़ा या उनमें शामिल) व स्वनिर्मित टीएलएम तैयार किया जाएगा। इस सामग्री का विवरण विद्यालय की स्टॉक पंजिका में दर्ज किया जाएगा। नोडल शिक्षक इसका प्रयोग दिव्यांग बच्चों में उपयुक्त संप्रेषण के तरीके को बढ़ाने और विषय वस्तु काे सिखाने में करेंगे।
विभिन्न प्रकार के चार्ट व मॉडल रहेंगे शामिल
टीचिंग लर्निंग मैटीरियल में विभिन्न प्रकार के चार्ट और मॉडल शामिल रहेंगे। इसके अलावा स्पर्शीय नक्शा, स्पर्शीय नंबर कार्ड (ब्रेल के साथ), स्पर्शीय वर्णमाला कार्ड, ड्राई इरेज बोर्ड, मैग्नेटिक बोर्ड, फ्लैशबोर्ड-हिंदी वर्णमाला, शब्द कार्ड, गिनती कार्ड, शब्द-वाक्य चित्र, स्केच पेन, वैक्स रंग भी शामिल रहेंगे। इसके साथ ही फल-सब्जी, परिवहन के साधन, पशु-पक्षी मॉडल, घर, स्कूल, मंदिर, मस्जिद, चर्च, मैचिंग गेम के अलावा विभिन्न प्रकार के पजल्स शामिल रहेंगे।
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- समेकित शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिले में 25 नोडल शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। जिसके तहत वह सामग्री की खरीद करेंगे। -डॉ. मोनिका, बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं। अब समेकित शिक्षा के तहत बच्चों को विशेष सामग्री के तहत शिक्षण कार्य कराया जाएगा। बच्चों की रुचि के अनुसार सरल, स्पष्ट, सुगम और पाठ्यक्रम आधारित टीएलएम की खरीद और निर्माण किया जाएगा। जिले में नोडल शिक्षकों की ओर से आकर्षक, मल्टीसेंसरी (शारीरिक इंद्रियों से जुड़ा या उनमें शामिल) व स्वनिर्मित टीएलएम तैयार किया जाएगा। इस सामग्री का विवरण विद्यालय की स्टॉक पंजिका में दर्ज किया जाएगा। नोडल शिक्षक इसका प्रयोग दिव्यांग बच्चों में उपयुक्त संप्रेषण के तरीके को बढ़ाने और विषय वस्तु काे सिखाने में करेंगे।
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विभिन्न प्रकार के चार्ट व मॉडल रहेंगे शामिल
टीचिंग लर्निंग मैटीरियल में विभिन्न प्रकार के चार्ट और मॉडल शामिल रहेंगे। इसके अलावा स्पर्शीय नक्शा, स्पर्शीय नंबर कार्ड (ब्रेल के साथ), स्पर्शीय वर्णमाला कार्ड, ड्राई इरेज बोर्ड, मैग्नेटिक बोर्ड, फ्लैशबोर्ड-हिंदी वर्णमाला, शब्द कार्ड, गिनती कार्ड, शब्द-वाक्य चित्र, स्केच पेन, वैक्स रंग भी शामिल रहेंगे। इसके साथ ही फल-सब्जी, परिवहन के साधन, पशु-पक्षी मॉडल, घर, स्कूल, मंदिर, मस्जिद, चर्च, मैचिंग गेम के अलावा विभिन्न प्रकार के पजल्स शामिल रहेंगे।
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- समेकित शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जिले में 25 नोडल शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। जिसके तहत वह सामग्री की खरीद करेंगे। -डॉ. मोनिका, बीएसए