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Amroha News: माता के भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु, झांकियों ने मोहा मन

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:30 AM IST
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Devotees danced to the hymns of the Mother Goddess till late night, the tableaux captivated the hearts.
अमरोहा। श्री वासुदेव तीर्थ में शारदीय नवरात्र महोत्सव के छठवें दिन शुक्रवार को बिजनौर के गायक कुमार आफताब ने माता की भेंटें प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति में झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘मेरी मां का भवन सजा दो’, ‘मां के नवरात्र आए हैं’ और ‘मेरी मां ने दर्शन दिखाए, ये तो गजब हो गया’ जैसे भजनों पर तीर्थ परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा।
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भजन संध्या से पहले मां दुर्गा के षष्ठम स्वरूप की पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती का पाठ, चंडी पाठ और चंडी यज्ञ हुआ। पूर्णाहुति के बाद आरती कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।
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मां शारदा जागरण पार्टी अमरोहा के कलाकारों ने धार्मिक झांकियां और भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद कुमार आफताब ने श्रोताओं की मांग पर ‘बेटियां क्यों पराई होती हैं’ भजन सुनाया। ‘भोले ओ भोले’ गीत ने भी श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का समापन रात 11 बजे मां काली की आरती से हुआ।
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इस दौरान श्री वासुदेव तीर्थ प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिवस्वरूप टंडन सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन अनिल कुमार जग्गा ने किया।

मां कात्यायनी की पूजा कर मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
अमरोहा। शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को वासुदेव तीर्थ, मां चामुंडा मंदिर और दुर्गा माता मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की। घरों में भी भजन-कीर्तन हुए।

पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं। उनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है और वह सिंह पर सवार रहती हैं। उनकी चार भुजाओं में कमल, तलवार, अभय और वरद मुद्रा सुशोभित हैं। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने कालिंदी नदी के तट पर मां कात्यायनी की पूजा की थी।
शनिवार को नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होगी। संवाद
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