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एक करोड़ 23 लाख से फैक्टरी इलाके में होंगे विकास कार्य
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नगर पालिका फैक्टरी इलाके में एक करोड़ 23 लाख रुपये से विकास कार्य कराएगी। सड़क का निर्माण कराने के साथ ही जलनिकासी के लिए नाला बनवाया जाएगा। रोशनी के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगवाने के बाद 45 विद्युत खंभे लगाए जाएंगे और उन पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। रोशनी पर पालिका 29 लाख रुपये खर्च करेगी।
औद्योगिक इकाइयों से नगर पालिका को टैक्स के रूप में भारी भरकम रकम मिलती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में पालिका को औद्योगिक क्षेत्र से दो करोड़ 10 लाख रुपये मिले। हालांकि वित्तीय वर्ष 21-22 और 22-23 का औद्योगिक इकाइयों पर पालिका का दो करोड़ रुपये का टैक्स बकाया भी है। पालिका स्वकर प्रणाली के तहत फैक्टरी संचालकों पर भुगतान का दबाव बना रही है, जबकि उद्यमी मेंटीनेंस चार्ज वसूलने की मांग कर रहे थे। हालांकि बाद में स्वकर प्रणाली के तहत वसूली पर सहमति बन गई। औद्योगिक इकाइयों से मिले टैक्स की रकम से विकास कार्य कराने के लिए एक समिति गठित है। डीएम समिति के अध्यक्ष, एसडीएम धनौरा, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी सीडा बरेली, इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा नगर पालिका गजरौला के ईओ समिति के सदस्य और सचिव होते हैं।
समिति की सोमवार को डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक इकाइयों से टैक्स के रूप में दो करोड़ रुपये से विकास कराने को हरी झंडी मिल गई। जिसमें एक करोड़ 23 लाख रुपये से फैक्टरी इलाके में सड़क निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। नाला निर्माण के साथ रोशनी के लिए पालिका 29 लाख रुपये खर्च करेगी।
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ईओ डॉक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि फैक्टरी इलाके में एक करोड़ 23 लाख से विकास कार्य जल्द ही शुरू हो जाएंगे। 15 दिन में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके अलावा इंद्रा चौक पर बड़ी स्क्रीन लगाने पर भी सहमति बन गई। स्क्रीन में गजरौला नगर का पूरा विवरण सामने आएगा।
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औद्योगिक इकाइयों से नगर पालिका को टैक्स के रूप में भारी भरकम रकम मिलती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में पालिका को औद्योगिक क्षेत्र से दो करोड़ 10 लाख रुपये मिले। हालांकि वित्तीय वर्ष 21-22 और 22-23 का औद्योगिक इकाइयों पर पालिका का दो करोड़ रुपये का टैक्स बकाया भी है। पालिका स्वकर प्रणाली के तहत फैक्टरी संचालकों पर भुगतान का दबाव बना रही है, जबकि उद्यमी मेंटीनेंस चार्ज वसूलने की मांग कर रहे थे। हालांकि बाद में स्वकर प्रणाली के तहत वसूली पर सहमति बन गई। औद्योगिक इकाइयों से मिले टैक्स की रकम से विकास कार्य कराने के लिए एक समिति गठित है। डीएम समिति के अध्यक्ष, एसडीएम धनौरा, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपी सीडा बरेली, इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा नगर पालिका गजरौला के ईओ समिति के सदस्य और सचिव होते हैं।
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समिति की सोमवार को डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक इकाइयों से टैक्स के रूप में दो करोड़ रुपये से विकास कराने को हरी झंडी मिल गई। जिसमें एक करोड़ 23 लाख रुपये से फैक्टरी इलाके में सड़क निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। नाला निर्माण के साथ रोशनी के लिए पालिका 29 लाख रुपये खर्च करेगी।
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ईओ डॉक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि फैक्टरी इलाके में एक करोड़ 23 लाख से विकास कार्य जल्द ही शुरू हो जाएंगे। 15 दिन में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके अलावा इंद्रा चौक पर बड़ी स्क्रीन लगाने पर भी सहमति बन गई। स्क्रीन में गजरौला नगर का पूरा विवरण सामने आएगा।