फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Demonstration of farmers by accusing the central government of disobedience

केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर किसानों का प्रदर्शन

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 02:21 AM IST
विज्ञापन
Demonstration of farmers by accusing the central government of disobedience
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने की बात कही। किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपकर किसान हित में कड़ा फैसला लेने की मांग की।
विज्ञापन

सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहां कि सरकार के आश्वासन के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली बॉर्डर से अपना आंदोलन खत्म किया था। लेकिन इसके बाद सरकार अपने वादों से मुकर रही है। सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। लगातार मांग करने के बाद में भी किसान हित में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 9 दिसंबर 2021 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने किसानों की मांग पर एमएसपी पर एक कमेटी बनाए जाने की बात कही थी। इसके बाद भी सरकार ने कोई कमेटी का गठन नहीं किया है। सरकार द्वारा आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की बात कही गई थी। बावजूद इसके किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने 54 में से 17 केस वापस लेने की बात कही है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं किया है कि कौन से मुकदमे वापस लिए जाएंगे। कहा कि लखीमपुर खीरी कांड में एसआईटी की रिपोर्ट में षड्यंत्र की बात स्वीकार करने के बावजूद भी मुख्य षड्यंत्रकारी अजय मिश्र टोनी का केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहना संवैधानिक और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। इस बीच पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से हत्याकांड के आरोपी आशीष मिश्र मोनू को जमानत दिला दी गई है। एक प्रमुख गवाह पर हमला होने के बाद भी सरकार द्वारा जमानत के आर्डर पर अपील न करना और गवाहों को सुरक्षा न देना, सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा कर रहा है। जबकि पुलिस द्वारा फंसाए गए किसानों को जमानत नहीं मिल रही है। इस दौरान किसानों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर तत्काल समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की है। इस दौरान आलोक कुमार, मुकेश कुमार, राजीव चौधरी, अली जफर, समरपाल सिंह, शीशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, दीपक सिंह, मनीष, चेतन सिंह, सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed