{"_id":"64160f0f56e1047069052ed4","slug":"dco-police-investigate-after-senior-assistant-goes-to-jail-for-embezzlement-of-five-crores-jpnagar-news-c-15-1-88870-2023-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: पौने पांच करोड़ के गबन में वरिष्ठ सहायक के जेल जाने के बाद डीसीओ, पुलिस ने की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: पौने पांच करोड़ के गबन में वरिष्ठ सहायक के जेल जाने के बाद डीसीओ, पुलिस ने की जांच
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)। पौने पांच करोड़ रुपये के गबन में जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सहायक आशीष सैनी के शुक्रवार को जेल जाने के बाद जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार और पुलिस ने गन्ना विकास परिषद में जाकर जांच की। डीसीओ ने रजिस्टर चेक किए और पुलिस ने कम्प्यूटर में पुराना रिकार्ड चेक किया। डीसीओ जांच करते रहे। उधर पुलिस ने तत्कालीन डीसीओ व एस सीडीआई को भी नोटिस जारी किया। गबन का यह मामला पिछले साल का है। जुलाई 2022 में इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।
शुक्रवार को पुलिस ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आशीष सैनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उस पर गन्ना विभाग के पौने पांच करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। उसके जेल जाने के एक दिन बाद शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार व मामले की जांच कर रहे गजरौला थाने के अपराध निरीक्षक धर्मेंद सिंह गन्ना विकास परिषद पहुंचे। अपराध निरीक्षक ने परिषद के कम्प्यूटर को खुलवाया। उसमें बीते सालों का लेन देन का रिकार्ड चेक किया। जानकारी ली कि कितने चेक और कितनी रकम के व कब-कब काटे गए। यहां तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की। उधर डीसीओ ने एस सीडीआई व परिषद के कर्मचारियों से जानकारी करने के साथ ही पुराने रजिस्टर चेक किए। जिससे यह पता चल सके कि गड़बड़ी करने में तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह व एस सीडीआई प्रीतम सिंह की क्या-क्या संलिप्तता रही है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि दोनों अधिकारियों की भी संलिप्तता सामने आ रही है। क्योंकि कई रजिस्टर नहीं मिल रहे हैं। जिनसे उनका खेल पकड़ में आ जाता, उनको गायब कर दिया गया। अपराध निरीक्षक का कहना है कि तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी व एस सीडीआई ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो विभाग से अनुमति लेकर दोनों की गिरफ्तारी को टीम जाएगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को पुलिस ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आशीष सैनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उस पर गन्ना विभाग के पौने पांच करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। उसके जेल जाने के एक दिन बाद शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार व मामले की जांच कर रहे गजरौला थाने के अपराध निरीक्षक धर्मेंद सिंह गन्ना विकास परिषद पहुंचे। अपराध निरीक्षक ने परिषद के कम्प्यूटर को खुलवाया। उसमें बीते सालों का लेन देन का रिकार्ड चेक किया। जानकारी ली कि कितने चेक और कितनी रकम के व कब-कब काटे गए। यहां तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की। उधर डीसीओ ने एस सीडीआई व परिषद के कर्मचारियों से जानकारी करने के साथ ही पुराने रजिस्टर चेक किए। जिससे यह पता चल सके कि गड़बड़ी करने में तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह व एस सीडीआई प्रीतम सिंह की क्या-क्या संलिप्तता रही है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि दोनों अधिकारियों की भी संलिप्तता सामने आ रही है। क्योंकि कई रजिस्टर नहीं मिल रहे हैं। जिनसे उनका खेल पकड़ में आ जाता, उनको गायब कर दिया गया। अपराध निरीक्षक का कहना है कि तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी व एस सीडीआई ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो विभाग से अनुमति लेकर दोनों की गिरफ्तारी को टीम जाएगी।
विज्ञापन