{"_id":"66244ec9a303e508cf01d835","slug":"daughters-are-strong-continuously-in-merit-for-six-years-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-117407-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: बेटियां दमदार, छह साल से मेरिट में लगातार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: बेटियां दमदार, छह साल से मेरिट में लगातार
विज्ञापन
अनिल चौहान
अमरोहा (अनिल चौहान)। यूपी बोर्ड की परीक्षा में पिछले छह सालों से बेटियों का दबदबा कायम है। बेटों से अधिक बेटियों ने कामयाबी हासिल की। वर्ष 2021 में कोरोना के चलते परीक्षाएं नहीं हुईं थी। इसलिए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित किया गया था। बेटियों की कामयाबी पर अभिभावकों को नाज है।
आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में 24003 छात्र-छात्राएं थे। जिसमें 13514 छात्र और 10588 छात्राएं पास हुईं थीं। इस दौरान छात्रों का कुल प्रतिशत 83. 28 रहा। जबकि 91.82 प्रतिशत छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वहीं हाईस्कूल में कुल 28144 विद्यार्थी थे। जिसमें 15408 यानी 86.87 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा पास की थी। जबकि 17736 छात्राएं पास हुईं थीं, जिसका कुल प्रतिशत 93. 88 रहा था। ऐसे ही वर्ष 2020 में हाईस्कूल में कुल 51614 विद्यार्थी थे। जिसमें से हाईस्कूल में 25039 छात्र-छात्राएं पास हुए थे। जबकि इंटरमीडिएट में 21561 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। इस तरह 90.19 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जबकि 96.40 छात्राओं ने बाजी मारी थी। जबकि वर्ष 2021 माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर में कुल 55049 विद्यार्थी पंजीकृत थे। हाईस्कूल में 16,510 छात्र और 12,519 छात्राएं थीं। जबकि इंटर में 15722 छात्र और 10658 छात्राएं पंजीकृत थीं। कोरोना संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा को निरस्त कर दिया था। पिछले वर्ष के अंक और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक परीक्षा फल तैयार किया गया था। वहीं वर्ष 2022 में कुल 25045 छात्र-छात्राएं आए थे। जिनमें से 21655 ने परीक्षा पास की थी। जिसमें 89.30 प्रतिशत छात्र और 95.36 प्रतिशत छात्राएं पास हुई थी। वहीं, हाई स्कूल में कल 27299 विद्यार्थी थे, जिसमें से 23516 में परीक्षा पास की थी। इस परीक्षा में 90.77 प्रतिशत छात्र और 95.90 प्रतिशत छात्रों ने बाजी मारी। ऐसे ही वर्ष 2023 में हाईस्कूल और इंटर में बेटियों ने बाजी मारी। छात्रों के मुकाबले छात्राएं अधिक पास हुईं थी।
विज्ञापन
अमरोहा (अनिल चौहान)। यूपी बोर्ड की परीक्षा में पिछले छह सालों से बेटियों का दबदबा कायम है। बेटों से अधिक बेटियों ने कामयाबी हासिल की। वर्ष 2021 में कोरोना के चलते परीक्षाएं नहीं हुईं थी। इसलिए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित किया गया था। बेटियों की कामयाबी पर अभिभावकों को नाज है।
आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में 24003 छात्र-छात्राएं थे। जिसमें 13514 छात्र और 10588 छात्राएं पास हुईं थीं। इस दौरान छात्रों का कुल प्रतिशत 83. 28 रहा। जबकि 91.82 प्रतिशत छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वहीं हाईस्कूल में कुल 28144 विद्यार्थी थे। जिसमें 15408 यानी 86.87 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा पास की थी। जबकि 17736 छात्राएं पास हुईं थीं, जिसका कुल प्रतिशत 93. 88 रहा था। ऐसे ही वर्ष 2020 में हाईस्कूल में कुल 51614 विद्यार्थी थे। जिसमें से हाईस्कूल में 25039 छात्र-छात्राएं पास हुए थे। जबकि इंटरमीडिएट में 21561 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। इस तरह 90.19 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जबकि 96.40 छात्राओं ने बाजी मारी थी। जबकि वर्ष 2021 माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर में कुल 55049 विद्यार्थी पंजीकृत थे। हाईस्कूल में 16,510 छात्र और 12,519 छात्राएं थीं। जबकि इंटर में 15722 छात्र और 10658 छात्राएं पंजीकृत थीं। कोरोना संक्रमण के चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा को निरस्त कर दिया था। पिछले वर्ष के अंक और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक परीक्षा फल तैयार किया गया था। वहीं वर्ष 2022 में कुल 25045 छात्र-छात्राएं आए थे। जिनमें से 21655 ने परीक्षा पास की थी। जिसमें 89.30 प्रतिशत छात्र और 95.36 प्रतिशत छात्राएं पास हुई थी। वहीं, हाई स्कूल में कल 27299 विद्यार्थी थे, जिसमें से 23516 में परीक्षा पास की थी। इस परीक्षा में 90.77 प्रतिशत छात्र और 95.90 प्रतिशत छात्रों ने बाजी मारी। ऐसे ही वर्ष 2023 में हाईस्कूल और इंटर में बेटियों ने बाजी मारी। छात्रों के मुकाबले छात्राएं अधिक पास हुईं थी।
विज्ञापन