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ज्वाइनिंग के ग्यारहवें दिन सीएमओ की बेटी ने नौकरी से दिया इस्तीफा0
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अमरोहा। महिला चिकित्सा अधिकारी के पद पर ज्वाइनिंग के ग्यारहवें दिन सीएमओ की बेटी ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उनकी नियुक्ति सवालों के घेरे में थी। आरोप था कि सीएमओ पिता खुद इस चयन समिति के सदस्य थे।
दरअसल सरकारी अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। इसलिए मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों पर वॉक-एन-इंटरव्यू के माध्यम से नियुक्ति करने के लिए आदेश दिया था। डीएम की अध्यक्षता में चयन समिति बनी थी। लेकिन डीएम उमेश मिश्रा ने अपने स्थान पर सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ला को नामित किया था। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौभाग्य प्रकाश और सीएमएस डॉ. अनिल गुप्ता सदस्य थे। स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञापन निकाला था, जिसमें दो स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक निश्चेतक, दो महिला चिकित्सा अधिकारी, छह एमबीबीएस चिकित्सक (संविदा) और एक चिकित्साधिकारी की नियुक्ति होनी थी। 18 फरवरी को सीएमओ कार्यालय में डॉक्टरों का इंटरव्यू हुआ था। इसमें सीएमओ सौभाग्य प्रकाश की बेटी डॉ. शांभवी प्रकाश ने महिला चिकित्साधिकारी के लिए इंटरव्यू दिया था। इसके बाद अलग-अलग पांच पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति हुई। तीन मार्च को डॉ. शांभवी प्रकाश ने गजरौला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर लिया था। उनका वेतन 65 हजार रुपये प्रतिमाह था। लेकिन कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि चयन समिति के अध्यक्ष या सदस्यों के परिवारजन इसका लाभ नहीं उठा सकते है, या फिर इंटरव्यू के दौरान समिति में आवेदक के परिजन नहीं होने चाहिए। विभाग में भी कानाफूसी शुरू हो गई थी।
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दरअसल सरकारी अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। इसलिए मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों पर वॉक-एन-इंटरव्यू के माध्यम से नियुक्ति करने के लिए आदेश दिया था। डीएम की अध्यक्षता में चयन समिति बनी थी। लेकिन डीएम उमेश मिश्रा ने अपने स्थान पर सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ला को नामित किया था। जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौभाग्य प्रकाश और सीएमएस डॉ. अनिल गुप्ता सदस्य थे। स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञापन निकाला था, जिसमें दो स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक निश्चेतक, दो महिला चिकित्सा अधिकारी, छह एमबीबीएस चिकित्सक (संविदा) और एक चिकित्साधिकारी की नियुक्ति होनी थी। 18 फरवरी को सीएमओ कार्यालय में डॉक्टरों का इंटरव्यू हुआ था। इसमें सीएमओ सौभाग्य प्रकाश की बेटी डॉ. शांभवी प्रकाश ने महिला चिकित्साधिकारी के लिए इंटरव्यू दिया था। इसके बाद अलग-अलग पांच पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति हुई। तीन मार्च को डॉ. शांभवी प्रकाश ने गजरौला अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर लिया था। उनका वेतन 65 हजार रुपये प्रतिमाह था। लेकिन कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि चयन समिति के अध्यक्ष या सदस्यों के परिवारजन इसका लाभ नहीं उठा सकते है, या फिर इंटरव्यू के दौरान समिति में आवेदक के परिजन नहीं होने चाहिए। विभाग में भी कानाफूसी शुरू हो गई थी।
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