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ऋण देने के नाम पर एसएमएस लिंक भेजकर साइबर ठगों ने 37800 रुपए ठगे
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अमरोहा। साइबर ठगों ने लोन देने के नाम पर युवक के मोबाइल फोन पर लिंक भेजा। एप डाउनलोड कर युवक की निजी जानकारी भरवा कर आवेदन करा लिया। बाद में साइबर ठगों ने 50 हजार रुपये का लोन मंजूर होने का दावा कर प्रोसेस फीस बैंक में जमा करने का झांसा दिया। ठगों ने एक के बाद पांच बार में 37800 रुपये अपने खाते में जमा करा लिए। ठगी का अहसास होने पर युवक के होश उड़ गए। अब बेखौफ ठग युवक से 13200 रुपये जबरदस्ती जमा करने के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की। पुलिस ने महिला समेत दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
नौगांवा सादात क्षेत्र के यहियापुर गांव में दूल्हेहसन का परिवार रहता है। आरोप के मुताबिक 28 दिसंबर 2019 को उनके बेटे मोहम्मद जावेद के मोबाइल फोन पर एक लिंक आया था। वह मैसेज लोन कंपनी का था। कंपना का रजिस्टर्ड पता आईएम रोड पंच भट्ठी नई कालोनी जयपुर राजस्थान लिखा था। जावेद ने मैसेज में आए नंबर पर कॉल कर जानकारी मांगी तो कंपनी की प्रतिनिधि सुनीता कुमारी ने दिए गए लिंक से एप डाउनलोड कर उस पर निजी जानकारी भरने को कहा था। लिहाजा जावेद ने सारी जानकारी भरकर आवेदन कर दिया। इसके बाद महिला ने फोन कर 50 हजार रुपये का लोन स्वीकृत होने का दावा किया और 3100 हजार रुपये बतौर प्रोसेस फीस के रूप में जमा करा लिए। इसके दो घंटे बाद फिर फोन आया और टीडीएस और आईटीआर के नाम पर 5600 जमा कराए।
बाद में कंपनी के मैनेजर राकेश कुमार ने फोन करने पर 6500 रुपये जमा कर लिए। कुछ इसी तरह ठगों ने पांच बार में 37800 रुपये की धनराशि अपने खातों में जमा करा ली। इसके बाद फिर मैनेजर ने फोन कर 13200 रुपये जमा करने का दबाव बनाया। तभी जावेद को ठगी का अहसास हुआ। लिहाजा उसने जांच-पड़ताल कराई तो कंपनी फर्जी निकली। बावजूद इसके ठग 13200 जमा करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत संबंधित पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने प्रकरण की शिकायत सूबे के मुख्यमंत्री से की। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जावेद की शिकायत पर सुनीता कुमारी और राकेश कुमार निवासी नई कालोनी जयपुर राजस्थान के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
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नौगांवा सादात क्षेत्र के यहियापुर गांव में दूल्हेहसन का परिवार रहता है। आरोप के मुताबिक 28 दिसंबर 2019 को उनके बेटे मोहम्मद जावेद के मोबाइल फोन पर एक लिंक आया था। वह मैसेज लोन कंपनी का था। कंपना का रजिस्टर्ड पता आईएम रोड पंच भट्ठी नई कालोनी जयपुर राजस्थान लिखा था। जावेद ने मैसेज में आए नंबर पर कॉल कर जानकारी मांगी तो कंपनी की प्रतिनिधि सुनीता कुमारी ने दिए गए लिंक से एप डाउनलोड कर उस पर निजी जानकारी भरने को कहा था। लिहाजा जावेद ने सारी जानकारी भरकर आवेदन कर दिया। इसके बाद महिला ने फोन कर 50 हजार रुपये का लोन स्वीकृत होने का दावा किया और 3100 हजार रुपये बतौर प्रोसेस फीस के रूप में जमा करा लिए। इसके दो घंटे बाद फिर फोन आया और टीडीएस और आईटीआर के नाम पर 5600 जमा कराए।
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बाद में कंपनी के मैनेजर राकेश कुमार ने फोन करने पर 6500 रुपये जमा कर लिए। कुछ इसी तरह ठगों ने पांच बार में 37800 रुपये की धनराशि अपने खातों में जमा करा ली। इसके बाद फिर मैनेजर ने फोन कर 13200 रुपये जमा करने का दबाव बनाया। तभी जावेद को ठगी का अहसास हुआ। लिहाजा उसने जांच-पड़ताल कराई तो कंपनी फर्जी निकली। बावजूद इसके ठग 13200 जमा करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत संबंधित पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने प्रकरण की शिकायत सूबे के मुख्यमंत्री से की। इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जावेद की शिकायत पर सुनीता कुमारी और राकेश कुमार निवासी नई कालोनी जयपुर राजस्थान के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
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