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हमले में मारुति के जख्मी चीफ इंजीनियर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:59 AM IST
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मौत
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बाद में बादली थाना पुलिस ने घायल को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। 25 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने वाले सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया। शव बुधवार को गांव पहुंचा। इस पर परिजनों में कोहराम मच गया।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव कूबी का मूल निवासी सुरेंद्र (41) पुत्र सीताराम गुड़गांव स्थित मारुति कार की फैक्ट्री में चीफ इंजीनियर थे। पांच मार्च को फैक्ट्री से अपना वेतन लेकर वह बाइक से घर सोनीपत बाईपास स्थित स्वरूपनगर कालोनी आ रहे थे।
अगले दिन उन्हें बच्चों का एडमिशन कराना था। इधर, दिल्ली में समरपुर बादली के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसकी बाइक को रोक लिया। बदमाशों ने तमंचा सटाकर उनके पास रखे एक लाख रुपये लूट लिए और पेट में चाकू घोंप दिया।
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लूटपाट के बाद बदमाश घायल सुरेंद्र को वहीं छोड़ गए। बादली थाना पुलिस ने सुरेंद्र को दिल्ली के रोहिणी पश्चिम स्थित डा. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सुरेंद्र ने 25 दिन मौत से जूझने के बाद 29 मार्च को दमतोड़ दिया। सुरेंद्र का शव लेकर बड़े भाई सुरेश उर्फ गुड्डू गांव कूबी पहुंचे तो कोहराम मच गया।
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रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव कूबी का मूल निवासी सुरेंद्र (41) पुत्र सीताराम गुड़गांव स्थित मारुति कार की फैक्ट्री में चीफ इंजीनियर थे। पांच मार्च को फैक्ट्री से अपना वेतन लेकर वह बाइक से घर सोनीपत बाईपास स्थित स्वरूपनगर कालोनी आ रहे थे।
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अगले दिन उन्हें बच्चों का एडमिशन कराना था। इधर, दिल्ली में समरपुर बादली के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसकी बाइक को रोक लिया। बदमाशों ने तमंचा सटाकर उनके पास रखे एक लाख रुपये लूट लिए और पेट में चाकू घोंप दिया।
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लूटपाट के बाद बदमाश घायल सुरेंद्र को वहीं छोड़ गए। बादली थाना पुलिस ने सुरेंद्र को दिल्ली के रोहिणी पश्चिम स्थित डा. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सुरेंद्र ने 25 दिन मौत से जूझने के बाद 29 मार्च को दमतोड़ दिया। सुरेंद्र का शव लेकर बड़े भाई सुरेश उर्फ गुड्डू गांव कूबी पहुंचे तो कोहराम मच गया।