{"_id":"5c33b651bdec2256f321a9e8","slug":"71546892881-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा पर सीबीआई की नजर पड़ी तो कई हो जाएंगे बेनकाब","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अमरोहा पर सीबीआई की नजर पड़ी तो कई हो जाएंगे बेनकाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। अवैध खनन को लेकर सीबीआई की सख्ती को देखकर भ्रष्ट अफसरशाही से लेकर अमरोहा के खनन माफिया में खलबली मच गई है। बसपा और सपा सरकार में तत्कालीन अफसरों की सह पर जनपद में खनन का अवैध कारोबार जमकर हुआ है। खनन माफिया ने जमीन खोखली कर दी। किसान अफसरानों से शिकायत करते रहे, लेकिन कोई सुनावाई नही हुई। यहीं नहीं जिले में आई एनजीटी की गठित टीम को बरगला कर लौटा दिया। अब जब सीबीआई ने अवैध खनन कराने वाले अफसरों पर शिकंजा कसा तो माफिया में हड़कंप मचा है। अगर सीबीआई की निगाहें अमरोहा की ओर पड़ी तो कई सफेदपोश से लेकर अफसर और माफिया बेपर्दा होना तय है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2006 से वर्ष 2014 मेें तत्कालीन बसपा और सपा सरकार के कार्यकाल में जनपद में खनन माफिया का बोलबाला रहा। सफेद बालू का काला कारोबार नेताओं और अफसरों की शह पर खुलेआम हुआ। अफसरों ने खनन माफिया से मिलीभगत कर रामसर जोन (प्रतिबंधित क्षेत्र) में अवैध तरीके से पट्टे कर दिए गए। कई बार इसकी शिकायत केंद्र और प्रदेश सरकार से की गई थी। गंगा में खनन की न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी। इसके बाद एक एनजीटी टीम का गठन किया गया। जो अमरोहा भी पहुंची, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने टीम को दूसरी स्थानों पर घुमाकर बरगला दिया। इसके बाद टीम वापस लौट गई थी। खास बात यह है कि भैंसा बुग्गी से खनन करने वाले माफिया, अफसर और नेता आज आलीशान बंगले, लग्जरी गाड़ी और करोड़ों रुपये के मालिक बनकर बैठे हैं। रात के अंधेरे में जेसीबी गरती रहीं, लेकिन प्रशासनिक अमला खामोश बैठा रहा। आज भी शासन से स्वीकृत खनन का पट्टा एक जगह है, जबकि माफिया रसूखदार नेताओं और अधिकारियों की मिली भगत से खनन का अवैध कारोबार कर रहे हैं।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि वर्ष 2006 से वर्ष 2014 मेें तत्कालीन बसपा और सपा सरकार के कार्यकाल में जनपद में खनन माफिया का बोलबाला रहा। सफेद बालू का काला कारोबार नेताओं और अफसरों की शह पर खुलेआम हुआ। अफसरों ने खनन माफिया से मिलीभगत कर रामसर जोन (प्रतिबंधित क्षेत्र) में अवैध तरीके से पट्टे कर दिए गए। कई बार इसकी शिकायत केंद्र और प्रदेश सरकार से की गई थी। गंगा में खनन की न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी। इसके बाद एक एनजीटी टीम का गठन किया गया। जो अमरोहा भी पहुंची, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने टीम को दूसरी स्थानों पर घुमाकर बरगला दिया। इसके बाद टीम वापस लौट गई थी। खास बात यह है कि भैंसा बुग्गी से खनन करने वाले माफिया, अफसर और नेता आज आलीशान बंगले, लग्जरी गाड़ी और करोड़ों रुपये के मालिक बनकर बैठे हैं। रात के अंधेरे में जेसीबी गरती रहीं, लेकिन प्रशासनिक अमला खामोश बैठा रहा। आज भी शासन से स्वीकृत खनन का पट्टा एक जगह है, जबकि माफिया रसूखदार नेताओं और अधिकारियों की मिली भगत से खनन का अवैध कारोबार कर रहे हैं।
विज्ञापन