फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   अमरोहा पर सीबीआई की नजर पड़ी तो कई हो जाएंगे बेनकाब

अमरोहा पर सीबीआई की नजर पड़ी तो कई हो जाएंगे बेनकाब

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:58 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा पर सीबीआई की नजर पड़ी तो कई हो जाएंगे बेनकाब
अमरोहा। अवैध खनन को लेकर सीबीआई की सख्ती को देखकर भ्रष्ट अफसरशाही से लेकर अमरोहा के खनन माफिया में खलबली मच गई है। बसपा और सपा सरकार में तत्कालीन अफसरों की सह पर जनपद में खनन का अवैध कारोबार जमकर हुआ है। खनन माफिया ने जमीन खोखली कर दी। किसान अफसरानों से शिकायत करते रहे, लेकिन कोई सुनावाई नही हुई। यहीं नहीं जिले में आई एनजीटी की गठित टीम को बरगला कर लौटा दिया। अब जब सीबीआई ने अवैध खनन कराने वाले अफसरों पर शिकंजा कसा तो माफिया में हड़कंप मचा है। अगर सीबीआई की निगाहें अमरोहा की ओर पड़ी तो कई सफेदपोश से लेकर अफसर और माफिया बेपर्दा होना तय है।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि वर्ष 2006 से वर्ष 2014 मेें तत्कालीन बसपा और सपा सरकार के कार्यकाल में जनपद में खनन माफिया का बोलबाला रहा। सफेद बालू का काला कारोबार नेताओं और अफसरों की शह पर खुलेआम हुआ। अफसरों ने खनन माफिया से मिलीभगत कर रामसर जोन (प्रतिबंधित क्षेत्र) में अवैध तरीके से पट्टे कर दिए गए। कई बार इसकी शिकायत केंद्र और प्रदेश सरकार से की गई थी। गंगा में खनन की न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी। इसके बाद एक एनजीटी टीम का गठन किया गया। जो अमरोहा भी पहुंची, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने टीम को दूसरी स्थानों पर घुमाकर बरगला दिया। इसके बाद टीम वापस लौट गई थी। खास बात यह है कि भैंसा बुग्गी से खनन करने वाले माफिया, अफसर और नेता आज आलीशान बंगले, लग्जरी गाड़ी और करोड़ों रुपये के मालिक बनकर बैठे हैं। रात के अंधेरे में जेसीबी गरती रहीं, लेकिन प्रशासनिक अमला खामोश बैठा रहा। आज भी शासन से स्वीकृत खनन का पट्टा एक जगह है, जबकि माफिया रसूखदार नेताओं और अधिकारियों की मिली भगत से खनन का अवैध कारोबार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed