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छात्र की हत्या में चाची समेत दो को उम्रकैद कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:29 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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छात्र की हत्या के मामले में अदालत ने चाची समेत दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। मामले के तीसरे आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है। पुलिस ने दोनों दोषियों को कस्टडी में लेते हुए मुरादाबाद जेल भेज दिया है।
घटना आदमपुर थाना क्षेत्र की है। गांव गारवपुर निवासी समय सिंह ने 13 नवंबर 2010 को थाने में तहरीर दी थी कि उसका भतीजा अभय उर्फ हनी 11 नवंबर को स्कूल में पढ़ने के लिए गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। वह कक्षा पांच का छात्र था।
खोजने के बाद भी पता नहीं चल सका है। उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। खोजबीन के दौरान उसकी लाश गन्ने के खेत में मिली थी। जिसकी जूतों के फीते से गला दबाकर हत्या की गई थी। मामले को हत्या में तरमीम करते हुए पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई थी।
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विवेचना के दौरान गांव के ही दीपक व उसके दोस्त सतवीर पुत्र गंगाराम निवासी गांव ड्योटी थाना बछरायूं व छात्र की चाची किरन पत्नी समय सिंह का नाम हत्या में सामने आया था। पुलिस ने पूछताछ की थी तो उन्होंने जुर्म भी कुबूल कर लिया था। इसके बाद उनको पकड़कर जेल भेज दिया था। तब से यह मामला एफटीसी प्रथम अखिलेश दुबे की अदालत में चल रहा था। मुकदमे के दौरान हत्यारोपी दीपक की मौत हो गई थी।
बुधवार को न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई की। पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। न्यायाधीश ने किरन व सतवीर को घटना का दोषी पाते हुए उम्रकैद व 1.10 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
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घटना आदमपुर थाना क्षेत्र की है। गांव गारवपुर निवासी समय सिंह ने 13 नवंबर 2010 को थाने में तहरीर दी थी कि उसका भतीजा अभय उर्फ हनी 11 नवंबर को स्कूल में पढ़ने के लिए गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। वह कक्षा पांच का छात्र था।
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खोजने के बाद भी पता नहीं चल सका है। उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। खोजबीन के दौरान उसकी लाश गन्ने के खेत में मिली थी। जिसकी जूतों के फीते से गला दबाकर हत्या की गई थी। मामले को हत्या में तरमीम करते हुए पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई थी।
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विवेचना के दौरान गांव के ही दीपक व उसके दोस्त सतवीर पुत्र गंगाराम निवासी गांव ड्योटी थाना बछरायूं व छात्र की चाची किरन पत्नी समय सिंह का नाम हत्या में सामने आया था। पुलिस ने पूछताछ की थी तो उन्होंने जुर्म भी कुबूल कर लिया था। इसके बाद उनको पकड़कर जेल भेज दिया था। तब से यह मामला एफटीसी प्रथम अखिलेश दुबे की अदालत में चल रहा था। मुकदमे के दौरान हत्यारोपी दीपक की मौत हो गई थी।
बुधवार को न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई की। पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। न्यायाधीश ने किरन व सतवीर को घटना का दोषी पाते हुए उम्रकैद व 1.10 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।