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Amroha News: दावा पर्याप्त स्टॉक का... समितियों पर नहीं एनपीके और डीएपी, भटक रहे किसान
Fri, 09 Oct 2026 12:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:15 AM IST
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अमरोहा। धान की कटाई के बाद आलू, सरसों और गेहूं की बुवाई की तैयारियों में जुटे किसानों के सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है। कृषि विभाग जिले में एनपीके और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, लेकिन साधन सहकारी समितियों पर खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। जिले की 45 सहकारी समितियों में करीब 30 समितियों पर एनपीके और डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान सुबह से समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कई जगह उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
इस समय खेतों के फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटा है। आलू, सरसों और गेहूं की फसल के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। किसानों का कहना है कि बुवाई के समय खाद नहीं मिली तो फसल प्रभावित हो सकती है। समय निकलने के बाद उन्हें निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ेगी, जहां अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। अमरोहा गन्ना समिति पर एनपीके करीब छह महीने से उपलब्ध नहीं है, जबकि डीएपी भी छह दिन से खत्म है। इससे समिति पर पहुंचने वाले किसानों को वापस लौटना पड़ा रहा है। वहीं, कृषि विभाग के जिम्मेदार जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे हैं। उनके अनुसार वर्तमान में 1077 मीट्रिक टन यूरिया 548 मीट्रिक टन डीएपी और 319 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसानों का सवाल है कि यदि गोदामों में खाद उपलब्ध है तो समितियों तक समय से क्यों नहीं पहुंच रही है। गन्ना समिति खाद गोदाम प्रभारी विश्वप्रकाश सिंह ने बताया कि समिति पर पिछले पांच माह से एनपीके खाद नहीं है और पांच दिन से डीएपी नहीं है। यूरिया खाद उपलब्ध है।
मंडी धनौरा क्षेत्र में आलू और सरसों की बुवाई के समय एनपीके और डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी सामने आ रही है। कई किसान सेवा सहकारी समितियों और पीसीएफ केंद्रों पर खाद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। शाहजहांपुर निवासी हरबंश सिंह ने बताया कि उन्हें सरसों की बुवाई करनी है, लेकिन पहाड़पुर समिति पर एनपीके नहीं मिला। कमेलपुर निवासी राजीव कुमार भी कई दिनों से पीसीएफ केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, एक निजी दुकानदार ने बताया कि उसके पास काफी समय से डीएपी उपलब्ध नहीं है। हालांकि वासीपुर किसान सेवा समिति के प्रबंध निदेशक चेतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बुधवार रात समिति पर पर्याप्त एनपीके पहुंच चुका है और किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।
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/बुरावली क्षेत्र की सहकारी समितियों पर एनपीके खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। शाहपुर कला किसान सेवा सहकारी समिति पर करीब 20 दिन से एनपीके नहीं है। समिति के पास फिलहाल 300 कट्टे डीएपी और 250 कट्टे यूरिया उपलब्ध हैं। वहीं, बुरावली की बहुउद्देशीय सहकारी समिति कंडवा में भी 30 सितंबर से एनपीके का संकट बना हुआ है। यहां 553 कट्टे डीएपी और 500 कट्टे यूरिया मौजूद हैं, लेकिन एनपीके नहीं मिलने से किसान निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बुवाई के समय सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं मिलने से उन्हें मजबूरी में निजी दुकानों से खरीदारी करनी पड़ रही है। इससे अधिक कीमत चुकाने का डर बना हुआ है।
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इस समय खेतों के फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटा है। आलू, सरसों और गेहूं की फसल के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। किसानों का कहना है कि बुवाई के समय खाद नहीं मिली तो फसल प्रभावित हो सकती है। समय निकलने के बाद उन्हें निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ेगी, जहां अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। अमरोहा गन्ना समिति पर एनपीके करीब छह महीने से उपलब्ध नहीं है, जबकि डीएपी भी छह दिन से खत्म है। इससे समिति पर पहुंचने वाले किसानों को वापस लौटना पड़ा रहा है। वहीं, कृषि विभाग के जिम्मेदार जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे हैं। उनके अनुसार वर्तमान में 1077 मीट्रिक टन यूरिया 548 मीट्रिक टन डीएपी और 319 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसानों का सवाल है कि यदि गोदामों में खाद उपलब्ध है तो समितियों तक समय से क्यों नहीं पहुंच रही है। गन्ना समिति खाद गोदाम प्रभारी विश्वप्रकाश सिंह ने बताया कि समिति पर पिछले पांच माह से एनपीके खाद नहीं है और पांच दिन से डीएपी नहीं है। यूरिया खाद उपलब्ध है।
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मंडी धनौरा क्षेत्र में आलू और सरसों की बुवाई के समय एनपीके और डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी सामने आ रही है। कई किसान सेवा सहकारी समितियों और पीसीएफ केंद्रों पर खाद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। शाहजहांपुर निवासी हरबंश सिंह ने बताया कि उन्हें सरसों की बुवाई करनी है, लेकिन पहाड़पुर समिति पर एनपीके नहीं मिला। कमेलपुर निवासी राजीव कुमार भी कई दिनों से पीसीएफ केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, एक निजी दुकानदार ने बताया कि उसके पास काफी समय से डीएपी उपलब्ध नहीं है। हालांकि वासीपुर किसान सेवा समिति के प्रबंध निदेशक चेतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बुधवार रात समिति पर पर्याप्त एनपीके पहुंच चुका है और किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।
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/बुरावली क्षेत्र की सहकारी समितियों पर एनपीके खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। शाहपुर कला किसान सेवा सहकारी समिति पर करीब 20 दिन से एनपीके नहीं है। समिति के पास फिलहाल 300 कट्टे डीएपी और 250 कट्टे यूरिया उपलब्ध हैं। वहीं, बुरावली की बहुउद्देशीय सहकारी समिति कंडवा में भी 30 सितंबर से एनपीके का संकट बना हुआ है। यहां 553 कट्टे डीएपी और 500 कट्टे यूरिया मौजूद हैं, लेकिन एनपीके नहीं मिलने से किसान निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बुवाई के समय सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं मिलने से उन्हें मजबूरी में निजी दुकानों से खरीदारी करनी पड़ रही है। इससे अधिक कीमत चुकाने का डर बना हुआ है।