फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Chotipura's Kanya Gurukul is the bearer of Vedic education and tradition: Acharya Balakrishna

वैदिक शिक्षा और परंपरा का वाहक है चोटीपुरा का कन्या गुरुकुल : आचार्य बालकृष्ण

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jul 2023 01:10 AM IST
विज्ञापन
Chotipura's Kanya Gurukul is the bearer of Vedic education and tradition: Acharya Balakrishna
अमरोहा। श्रीमद्दयानंद कन्या गुरुकुल चोटीपुरा में शुक्रवार को तीन दिवसीय वैदिक मानस योग कार्यशाला का समापन हो गया। समापन अवसर पर पतंजलि योग पीठ के अध्यक्ष व आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि दुनिया में अनेक शिक्षण संस्थान चल रहे हैं लेकिन इस संस्थान ने वैदिक परंपरा, मर्यादा एवं वैदिक शिक्षा के माध्यम से नारी शक्ति को संस्कारित करने का जो बीड़ा उठाया है, वह अपने आप में अद्वितीय है। उन्होंने छात्राओं को वैदिक परम्पराओं के बारे में विस्तार से बताया।
विज्ञापन

शुक्रवार को श्रीमद्दयानंद कन्या गुुरुकुल चोटीपुरा में तीन दिवसीय वैदिक मानस योग कार्यशाला का विधिवत समापन हो गया। समापन समारोह में आचार्य बाल कृष्ण व साध्वी ऋृतंभरा भी पहुंचे। आचार्य बाल कृष्ण ने कहा कि दुनिया में अनेक शिक्षण संस्थान चल रहे हैं, लेकिन यह संस्थान वैदिक परंपरा, मर्यादा एवं वैदिक शिक्षा के माध्यम से नारी शक्ति को संस्कारित करने का जो बीड़ा उठाया है, वह अपने आप में एक अद्वितीय है। आचार्य की भूमिका के साथ-साथ मातृवत कन्याओं का संरक्षण करने के कारण उन्होंने आचार्या डा. सुमेधा को आचार्या मां कहकर संबोधन किया। साध्वी मां ऋतम्भरा ने बालिकाओं को देश-धर्म हेतु समर्पित होने के लिए प्रेरित किया। कहा कि ऋषियों, महर्षियों की परम्परा को अपनाते हुए इस गुरुकुल ने देश में नई पहचान बनाई है। भारत की वैदिक परंपरा फिर से अवतरित होगी। प्राचार्या सुमेधा ने दोनों अतिथियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि साधन हमें नहीं बनाते हैं बल्कि साधना मनुष्य को गढ़ती है। प्रतिकूलताएं ही मनुष्य को मजबूत बनाती हैं। यह गुरुकुल इसी का साक्षात उदाहरण है। वहीं, इससे पूर्व आयोजित कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक अरविन्द राणा ने अपने सहयोगी प्रशिक्षकों डाॅ.उपासना अग्रवाल, शुभांगी श्रीवास्तव, डाॅ. प्रतिभा, कमल देव एवं महेंद्र गांधी के साथ बालिकाओं को आंखों पर पट्टी बांधकर रंग पहचानना, अक्षर पढ़ना, रंग के अनुसार घूमना आदि कलाओं की शिक्षा दी गई। तीन दिन चली कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed