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तेजाब से झुलसी छात्रा की मौत का मामला : पुलिस के खुलासे में कई अनसुलझे सवाल
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रहरा (अमरोहा)।
क्षेत्र के एक गांव में कक्षा आठ की छात्रा को घर के बाहर से अगवा कर उसके ऊपर तेजाब डाल दिया गया। समय पर उपचार न मिल पाने से उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने गांव के ही पिता-पुत्र पर रंजिशन घटना को अंजाम देने में रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है। हालांकि, पुलिस के खुलासे में अभी भी कई अनसुलझे सवाल है।
लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है, कि रंजिश की खुन्नस में आखिर छात्रा को ही क्यों निशाना बनाया गया। पुलिस को अभी इस मामले में बारीकी से कई बिंदुओं पर जांच करने की जरूरत है। रविवार आधी रात के बाद हुई इस घटना के बाद परिजनों का कहना है कि उनकी 14 वर्षीय बेटी रात करीब तीन बजे लघुशंका के लिए उठी थी। उसी समय गांव के ही आरोपी पिता-पुत्र ने छात्रा को दरवाजे से ही उठा लिया था और खेत में ले गए, जहां मारपीट करने के बाद उस पर तेजाब डाला गया था। फिर खुद ही छात्रा अपने घर भी पहुंची थी। घटना के 12 घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस छात्रा को उपचार के लिए मेरठ ले गई, जहां सोमवार की देररात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गांव के ही पिता-पुत्र के खिलाफ रंजिश के तहत छात्रा पर तेजाब डालने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। हालांकि, गांव में अधिकांश ग्रामीणों का कहना है कि यदि ये घटना रंजिश की वजह से हुई तो छात्रा को ही क्यों निशाना बनाया गया।
ये हैं कई अनसुलझे सवाल
- रंजिश में छात्रा को ही क्यों निशाना बनाया गया, जबकि छात्रा के परिवार में और भी कई सदस्य हैं।
- रंजिश की खुन्नस में बदला ही लेना था, तो तेजाब से ही क्यों हमला किया। नुकसान पहुंचाने को और भी कई तरीके अपनाए जा सकते थे।
- यदि रंजिश का मकसद हत्या ही करना था तो आरोपियों ने जीवित अवस्था में छात्रा को घर क्यों जाने दिया। क्या उन्हें खुद के पहचाने जाने का डर नहीं था।
- रात तीन बजे छात्रा ने दरवाजा खोलने से पहले घर के किसी सदस्य को नहीं जगाया। जबकि, देर रात में यदि कोई दरवाजे पर आता है तो सावधानी बरती जाती है। घर के किसी बड़े सदस्य को ही जांच पड़ताल करके दरवाजा खोलना चाहिए था। जबकि, उनकी पहले से गांव में रंजिश चल रही थी तो सावधानी बरतने का और भी ज्यादा कारण उनके पास था।
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- रविवार की रात करीब चार बजे परिजनों को छात्रा पर हमले की जानकारी हुई तो उन्हें छात्रा को उपचार दिलाने के साथ-साथ पुलिस को भी सूचना दे देनी चाहिए थी। घटना के बाद पुलिस को मामले की सूचना देने में 12 घंटे लग गए। ये भी सवाल बना हुआ है।
- घर से करीब दो किमी दूर जंगल में छात्रा के अधजले कपड़े बरामद हुए हैं। जहां कपड़े मिले वहां तेजाब से घास झुलसने के कोई निशान स्पष्ट नहीं हैं। तो क्या हमला होने के बाद पैदल चलकर छात्रा घर निर्वस्त्र अवस्था में पहुंची।
समय से मिलता उपचार तो बच सकती थी जान
हसनपुर। कक्षा आठ की छात्रा पर रविवार आधी रात के बाद करीब तीन बजे तेजाब से हमला किया गया। चार बजे छात्रा झुलसी हालत में घर पहुंची। परिजन कुछ ही देर बाद पुलिस सूचना दिए बिना छात्रा को इलाज के लिए मेरठ ले गए थे। लेकिन वहां पुलिस कार्रवाई नहीं होने की वजह से किसी चिकित्सक ने छात्रा को भर्ती नहीं किया। छात्रा करीब 12 घंटे तक इलाज के लिए तड़पती रही। इस पर परिजनों ने गांव पहुंचकर सोमवार शाम करीब चार बजे पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने छात्रा का उपचार शुरू कराया। हसनपुर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि यदि छात्रा को समय से उपचार मिल गया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
घटना से सहमे है परिजन और ग्रामीण
छात्रा पर तेजाब डालकर उसकी हत्या करने की घटना से परिजनों के साथ ग्रामीण भी सहमे हुए हैं। छात्रा का चेहरा और आधे से ज्यादा शरीर पूरा झुलस चुका था। जिसे देखकर परिजन और ग्रामीण बदहवास हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा पर तेजाब डालकर उसकी हत्या करने वाले दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
19 दिन बाद फिर सामने आई अनसुलझी हत्या की कहानी
हसनपुर। हसनपुर क्षेत्र में 19 दिन बाद फिर एक ऐसी हत्या हुई है। जिसकी कहानी कई सवाल छोड़ रही है। जिनके जवाब तलाशने के लिए शायद पुलिस कोशिश भी नहीं कर रही। 18 सितंबर की रात को हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव घंसूरपुर में विधायक महेंद्र खड़गवंशी के मामा सत्यप्रकाश खड़गवंशी की पशुशाला में चारपाई पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तेज बारिश होने के दौरान हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। गांव से लेकर आसपास के सीसीटीवी कैमरों में भी किसी के आने या जाने की हरकत कैद नहीं हुई है। कई अनसुलझे सवाल इस घटना में भी है। जिनका पुलिस अभी तक जवाब नहीं तलाश पाई है। ऐसे ही रहरा थाना क्षेत्र के गांव में कक्षा आठ की छात्रा पर तेजाब डालकर हत्या करने की घटना है। परिजनों ने गांव के ही पिता-पुत्र को रंजिश में नामजद कराया है। लेकिन कई सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस को तलाशने की कोशिश करनी चाहिए।
100 मीटर की दूरी है दोनों के घरों के बीच
रहरा। जिस छात्रा पर तेजाब से हमला के बाद मौत हो गई है। उस छात्रा के घर और आरोपियों के घर के बीच करीब 100 मीटर दूरी है। दोनों घरों के बीच केवल तीन घर ही हैं। घरों के बीच ज्यादा दूरी नहीं है।
छात्रा का था नवरात्र का व्रत
छात्रा के नवरात्र के नौ दिन व्रत थे। घटना वाले दिन भी उसका व्रत था। परिजनों का कहना है कि छात्रा नवरात्र के नौ दिन के व्रत रख रही थी। माता रानी के व्रत के दिन ही उस पर जानलेवा हमला होने से ग्रामीणों में रोष है।
फोरेंसिक टीम ने खेत से बरामद किए छात्रा के अधजले कपड़े
गांव में तेजाब डालकर छात्रा की हत्या की घटना में जांच के लिए मंगलवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम पहुंची। उन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर गांव चीला व हैदलपुर के बीच कीकड़ के वन में सड़क के पास छात्रा के अधजले कपड़े, एक माचिस का पैकेट और एक खाली शीशी मिली है। हालांकि, एक सवाल ये भी है कि जहां जले हुए कपड़े मिले हैं, वहां की घास पर तेजाब का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
दरोगा बनना चाहती थी छात्रा
छात्रा के परिजनों का कहना है कि वह पढ़ाई में बहुत तेज थी। वह दरोगा बनना चाहती थी, लेकिन क्या मालूम था कि उसका यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। जिस रात उस पर हमला हुआ। उस रात घर में वह चारपाई पर छोटी बहन के साथ सोई थी।
सुरक्षा की दृष्टि से तैनात है गांव में पुलिस
रहरा। गांव में कक्षा आठ की छात्रा की तेजाब से हमले में मौत हो गई। आरोपी पक्ष का घर पीड़ित परिवार के घर से केवल 100 मीटर दूरी पर ही है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से गांव में उनके घर के पास ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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क्षेत्र के एक गांव में कक्षा आठ की छात्रा को घर के बाहर से अगवा कर उसके ऊपर तेजाब डाल दिया गया। समय पर उपचार न मिल पाने से उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने गांव के ही पिता-पुत्र पर रंजिशन घटना को अंजाम देने में रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है। हालांकि, पुलिस के खुलासे में अभी भी कई अनसुलझे सवाल है।
लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है, कि रंजिश की खुन्नस में आखिर छात्रा को ही क्यों निशाना बनाया गया। पुलिस को अभी इस मामले में बारीकी से कई बिंदुओं पर जांच करने की जरूरत है। रविवार आधी रात के बाद हुई इस घटना के बाद परिजनों का कहना है कि उनकी 14 वर्षीय बेटी रात करीब तीन बजे लघुशंका के लिए उठी थी। उसी समय गांव के ही आरोपी पिता-पुत्र ने छात्रा को दरवाजे से ही उठा लिया था और खेत में ले गए, जहां मारपीट करने के बाद उस पर तेजाब डाला गया था। फिर खुद ही छात्रा अपने घर भी पहुंची थी। घटना के 12 घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस छात्रा को उपचार के लिए मेरठ ले गई, जहां सोमवार की देररात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गांव के ही पिता-पुत्र के खिलाफ रंजिश के तहत छात्रा पर तेजाब डालने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। हालांकि, गांव में अधिकांश ग्रामीणों का कहना है कि यदि ये घटना रंजिश की वजह से हुई तो छात्रा को ही क्यों निशाना बनाया गया।
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ये हैं कई अनसुलझे सवाल
- रंजिश में छात्रा को ही क्यों निशाना बनाया गया, जबकि छात्रा के परिवार में और भी कई सदस्य हैं।
- रंजिश की खुन्नस में बदला ही लेना था, तो तेजाब से ही क्यों हमला किया। नुकसान पहुंचाने को और भी कई तरीके अपनाए जा सकते थे।
- यदि रंजिश का मकसद हत्या ही करना था तो आरोपियों ने जीवित अवस्था में छात्रा को घर क्यों जाने दिया। क्या उन्हें खुद के पहचाने जाने का डर नहीं था।
- रात तीन बजे छात्रा ने दरवाजा खोलने से पहले घर के किसी सदस्य को नहीं जगाया। जबकि, देर रात में यदि कोई दरवाजे पर आता है तो सावधानी बरती जाती है। घर के किसी बड़े सदस्य को ही जांच पड़ताल करके दरवाजा खोलना चाहिए था। जबकि, उनकी पहले से गांव में रंजिश चल रही थी तो सावधानी बरतने का और भी ज्यादा कारण उनके पास था।
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- रविवार की रात करीब चार बजे परिजनों को छात्रा पर हमले की जानकारी हुई तो उन्हें छात्रा को उपचार दिलाने के साथ-साथ पुलिस को भी सूचना दे देनी चाहिए थी। घटना के बाद पुलिस को मामले की सूचना देने में 12 घंटे लग गए। ये भी सवाल बना हुआ है।
- घर से करीब दो किमी दूर जंगल में छात्रा के अधजले कपड़े बरामद हुए हैं। जहां कपड़े मिले वहां तेजाब से घास झुलसने के कोई निशान स्पष्ट नहीं हैं। तो क्या हमला होने के बाद पैदल चलकर छात्रा घर निर्वस्त्र अवस्था में पहुंची।
समय से मिलता उपचार तो बच सकती थी जान
हसनपुर। कक्षा आठ की छात्रा पर रविवार आधी रात के बाद करीब तीन बजे तेजाब से हमला किया गया। चार बजे छात्रा झुलसी हालत में घर पहुंची। परिजन कुछ ही देर बाद पुलिस सूचना दिए बिना छात्रा को इलाज के लिए मेरठ ले गए थे। लेकिन वहां पुलिस कार्रवाई नहीं होने की वजह से किसी चिकित्सक ने छात्रा को भर्ती नहीं किया। छात्रा करीब 12 घंटे तक इलाज के लिए तड़पती रही। इस पर परिजनों ने गांव पहुंचकर सोमवार शाम करीब चार बजे पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने छात्रा का उपचार शुरू कराया। हसनपुर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि यदि छात्रा को समय से उपचार मिल गया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
घटना से सहमे है परिजन और ग्रामीण
छात्रा पर तेजाब डालकर उसकी हत्या करने की घटना से परिजनों के साथ ग्रामीण भी सहमे हुए हैं। छात्रा का चेहरा और आधे से ज्यादा शरीर पूरा झुलस चुका था। जिसे देखकर परिजन और ग्रामीण बदहवास हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा पर तेजाब डालकर उसकी हत्या करने वाले दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
19 दिन बाद फिर सामने आई अनसुलझी हत्या की कहानी
हसनपुर। हसनपुर क्षेत्र में 19 दिन बाद फिर एक ऐसी हत्या हुई है। जिसकी कहानी कई सवाल छोड़ रही है। जिनके जवाब तलाशने के लिए शायद पुलिस कोशिश भी नहीं कर रही। 18 सितंबर की रात को हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव घंसूरपुर में विधायक महेंद्र खड़गवंशी के मामा सत्यप्रकाश खड़गवंशी की पशुशाला में चारपाई पर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तेज बारिश होने के दौरान हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। गांव से लेकर आसपास के सीसीटीवी कैमरों में भी किसी के आने या जाने की हरकत कैद नहीं हुई है। कई अनसुलझे सवाल इस घटना में भी है। जिनका पुलिस अभी तक जवाब नहीं तलाश पाई है। ऐसे ही रहरा थाना क्षेत्र के गांव में कक्षा आठ की छात्रा पर तेजाब डालकर हत्या करने की घटना है। परिजनों ने गांव के ही पिता-पुत्र को रंजिश में नामजद कराया है। लेकिन कई सवाल हैं, जिनके जवाब पुलिस को तलाशने की कोशिश करनी चाहिए।
100 मीटर की दूरी है दोनों के घरों के बीच
रहरा। जिस छात्रा पर तेजाब से हमला के बाद मौत हो गई है। उस छात्रा के घर और आरोपियों के घर के बीच करीब 100 मीटर दूरी है। दोनों घरों के बीच केवल तीन घर ही हैं। घरों के बीच ज्यादा दूरी नहीं है।
छात्रा का था नवरात्र का व्रत
छात्रा के नवरात्र के नौ दिन व्रत थे। घटना वाले दिन भी उसका व्रत था। परिजनों का कहना है कि छात्रा नवरात्र के नौ दिन के व्रत रख रही थी। माता रानी के व्रत के दिन ही उस पर जानलेवा हमला होने से ग्रामीणों में रोष है।
फोरेंसिक टीम ने खेत से बरामद किए छात्रा के अधजले कपड़े
गांव में तेजाब डालकर छात्रा की हत्या की घटना में जांच के लिए मंगलवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम पहुंची। उन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर गांव चीला व हैदलपुर के बीच कीकड़ के वन में सड़क के पास छात्रा के अधजले कपड़े, एक माचिस का पैकेट और एक खाली शीशी मिली है। हालांकि, एक सवाल ये भी है कि जहां जले हुए कपड़े मिले हैं, वहां की घास पर तेजाब का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
दरोगा बनना चाहती थी छात्रा
छात्रा के परिजनों का कहना है कि वह पढ़ाई में बहुत तेज थी। वह दरोगा बनना चाहती थी, लेकिन क्या मालूम था कि उसका यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। जिस रात उस पर हमला हुआ। उस रात घर में वह चारपाई पर छोटी बहन के साथ सोई थी।
सुरक्षा की दृष्टि से तैनात है गांव में पुलिस
रहरा। गांव में कक्षा आठ की छात्रा की तेजाब से हमले में मौत हो गई। आरोपी पक्ष का घर पीड़ित परिवार के घर से केवल 100 मीटर दूरी पर ही है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से गांव में उनके घर के पास ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।