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ऑक्सीजन नहीं मिलने पर व्यापारी की पत्नी की मौत
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गजरौला। ऑक्सीजन की किल्लत जानलेवा हो चली है। भूलवश अतिरिक्त सिलिंडर साथ नहीं ले जाने पर हापुड़ के निजी अस्पताल में उपचार करा रही महिला की मौत हो गई। हालांकि उनका पुत्र और भांजा सिलिंडर लेकर पहुंचे भी, लेकिन दस मिनट पूर्व ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।
शुक्रवार को गजरौला नगर के लक्ष्मीनगर में रहने वाले ब्रेड व्यापारी जागेश अग्रवाल की 43 वर्षीय पत्नी की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें टाइफाइड था और घर पर ही ऑक्सीजन लगाई जा रही थी। इसके लिए दो सिलिंडरों की व्यवस्था थी। एक लगा हुआ था और दूसरा इमरजेंसी के लिए रखा था। अचानक हालत बिगड़ने पर उन्हें हापुड़ के निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहीं देर रात उनकी हालत बिगड़ गई। स्टाफ ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया और उनसे आनन-फानन में ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कहा। इस पर परिजन सकते में आ गए। वह जल्दबाजी में अतिरिक्त सिलिंडर लेकर नहीं आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि ऑक्सीजन की व्यवस्था तो अस्पताल का स्टाफ खुद कराएगा।
वहीं सिलिंडर खत्म होता देख गजरौला में परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया। मेरठ में भी रिश्तेदारों को बताया। गजरौला से महिला का पुत्र और मेरठ से भांजा ऑक्सीजन का सिलिंडर लेकर हापुड़ पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने से दस मिनट पूर्व ही महिला की सांस ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण थम चुकी थी। परिजनों का कहना है कि यदि वे गजरौला में रखा अतिरिक्त सिलिंडर साथ ले जाते तो शायद महिला की जान बच जाती। उधर, व्यापारी की पत्नी के निधन की सूचना पर व्यापारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
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शुक्रवार को गजरौला नगर के लक्ष्मीनगर में रहने वाले ब्रेड व्यापारी जागेश अग्रवाल की 43 वर्षीय पत्नी की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें टाइफाइड था और घर पर ही ऑक्सीजन लगाई जा रही थी। इसके लिए दो सिलिंडरों की व्यवस्था थी। एक लगा हुआ था और दूसरा इमरजेंसी के लिए रखा था। अचानक हालत बिगड़ने पर उन्हें हापुड़ के निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहीं देर रात उनकी हालत बिगड़ गई। स्टाफ ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया और उनसे आनन-फानन में ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कहा। इस पर परिजन सकते में आ गए। वह जल्दबाजी में अतिरिक्त सिलिंडर लेकर नहीं आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि ऑक्सीजन की व्यवस्था तो अस्पताल का स्टाफ खुद कराएगा।
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वहीं सिलिंडर खत्म होता देख गजरौला में परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया। मेरठ में भी रिश्तेदारों को बताया। गजरौला से महिला का पुत्र और मेरठ से भांजा ऑक्सीजन का सिलिंडर लेकर हापुड़ पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने से दस मिनट पूर्व ही महिला की सांस ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण थम चुकी थी। परिजनों का कहना है कि यदि वे गजरौला में रखा अतिरिक्त सिलिंडर साथ ले जाते तो शायद महिला की जान बच जाती। उधर, व्यापारी की पत्नी के निधन की सूचना पर व्यापारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
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