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बसें और ट्रेनें फुल, सीट के लिए मारामारी
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 19 Aug 2016 01:04 AM IST
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अमरोहा में रक्षा बंधन पर रोडवेज बस में यात्रियों की लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
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भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर बस और ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखी गई। बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। बस और ट्रेनों में भीड़ का आलम यह था, क्या अंदर और क्या छत, सब पर सवारियां ही नजर आ रहीं थीं। भाई और बहनों ने एक दूसरे के पास जाने के लिए जमकर धक्के खाए। उधर, त्योहार पर उमड़ी मुसाफिरों की भीड़ के आगे रोडवेज की व्यवस्था बौनी साबित हुई है।
गुरुवार को भीड़ रोजाना के मुकाबले काफी अधिक थी। सुबह से ही भाई-बहन एक दूसरे घर जाने के लिए रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर पहुंचने शुरू हो गए थे। दिन निकलने के साथ ही सफर का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक बना रहा। ट्रेनों में अंदर घुसने तक की जगह नहीं मिल रही थी। तमाम यात्री छतों पर बैठे नजर आए। जबकि कईयों ने लटककर सफर किया।
अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की से भी गुरेज नहीं कर रहे थे। रोडवेज बसों में भी यात्री की खासी भीड़ रही। जैसे ही बस आती, तो उसमें चढ़ने के लिए दौड़ लगनी शुरू हो जाती। यात्रियों ने अंदर जगह पाने के लिए खिड़की का सहारा लेने से भी गुरेज नहीं किया।
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त्योहार पर उमड़ी मुसाफिरों की भीड़ के आगे रोडवेज की व्यवस्था बौनी साबित हुई। मुसाफिरों को रोडवेज बसों की किल्लत झेलनी पड़ी। परिवहन विभाग के दावों के बावजूद बहन और भाइयों को रोडवेज की बसों की मारामारी का समाना करना पड़ा है।
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गुरुवार को भीड़ रोजाना के मुकाबले काफी अधिक थी। सुबह से ही भाई-बहन एक दूसरे घर जाने के लिए रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर पहुंचने शुरू हो गए थे। दिन निकलने के साथ ही सफर का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक बना रहा। ट्रेनों में अंदर घुसने तक की जगह नहीं मिल रही थी। तमाम यात्री छतों पर बैठे नजर आए। जबकि कईयों ने लटककर सफर किया।
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अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की से भी गुरेज नहीं कर रहे थे। रोडवेज बसों में भी यात्री की खासी भीड़ रही। जैसे ही बस आती, तो उसमें चढ़ने के लिए दौड़ लगनी शुरू हो जाती। यात्रियों ने अंदर जगह पाने के लिए खिड़की का सहारा लेने से भी गुरेज नहीं किया।
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त्योहार पर उमड़ी मुसाफिरों की भीड़ के आगे रोडवेज की व्यवस्था बौनी साबित हुई। मुसाफिरों को रोडवेज बसों की किल्लत झेलनी पड़ी। परिवहन विभाग के दावों के बावजूद बहन और भाइयों को रोडवेज की बसों की मारामारी का समाना करना पड़ा है।