{"_id":"6ac9476a25f699f7200727fa","slug":"brother-in-law-dies-during-treatment-after-being-injured-in-a-life-threatening-attack-by-his-sisters-husband-jpnagar-news-c-284-1-smbd1016-175095-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: बहनोई के जानलेवा हमले में घायल साले की इलाज के दौरान हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: बहनोई के जानलेवा हमले में घायल साले की इलाज के दौरान हुई मौत
विज्ञापन
हसनपुर। कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगाचोली में 25 सितंबर को सेफ अलमारी की चाबी न मिलने पर जीजा के चाकू से हमले में गंभीर रूप से घायल छात्र जितेंद्र (15) की मौत हो गई। मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना के दिन सैदनगली के गांव सुतारी निवासी जितेंद्र का बहनोई नरेश गंगाचोली स्थित स्कूल पहुंचा था। उसने शिक्षकों को छात्र के पिता की तबीयत खराब होने की बात बताई। झांसे में आकर शिक्षकों ने कक्षा आठ के छात्र जितेंद्र को उसके साथ भेज दिया। रास्ते में नरेश ने अलमारी की चाबी मांगी। चाबी देने से मना करने पर उसने जितेंद्र के पेट और कनपटी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
गंभीर हालत में जितेंद्र को सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर किया गया था। ग्रामीणों ने आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने जितेंद्र के चाचा मेवाराम की तहरीर पर नरेश के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मेरठ के निजी अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार सुबह जितेंद्र की मौत हो गई। सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में हत्या की धारा जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अलमारी की चाबी का विवाद बना काल
हसनपुर। बताया जा रहा है कि आरोपी नरेश की पत्नी जो जितेंद्र की बहन चंचल है। वह पारिवारिक विवाद के कारण नाराज होकर अपने मायके आ गई थी और अलमारी की चाबी साथ ले आई थी। इसी चाबी को हासिल करने की कोशिश में आरोपी ने अपने ही नाबालिग साले पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
जितेंद्र की मौत से उजड़े दो परिवार
हसनपुर। अलमारी की मामूली चाबी को लेकर हुए विवाद ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। जितेंद्र की मौत से उसके पिता कैलाश के घर का इकलौता चिराग बुझ गया, वहीं उनकी बेटी चंचल का घर भी बिखर गया। आरोपी नरेश के इस कदम से उसका साला जितेंद्र छिन गया और वह खुद हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंच गया। जितेंद्र के माता-पिता इकलौते बेटे की मौत से टूट चुके हैं, वहीं चंचल पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भाई की असमय मौत और पति के जेल जाने से उसका परिवार बिखर गया। इस घटना ने दो परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है। संवाद
विज्ञापन
घटना के दिन सैदनगली के गांव सुतारी निवासी जितेंद्र का बहनोई नरेश गंगाचोली स्थित स्कूल पहुंचा था। उसने शिक्षकों को छात्र के पिता की तबीयत खराब होने की बात बताई। झांसे में आकर शिक्षकों ने कक्षा आठ के छात्र जितेंद्र को उसके साथ भेज दिया। रास्ते में नरेश ने अलमारी की चाबी मांगी। चाबी देने से मना करने पर उसने जितेंद्र के पेट और कनपटी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
विज्ञापन
गंभीर हालत में जितेंद्र को सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर किया गया था। ग्रामीणों ने आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने जितेंद्र के चाचा मेवाराम की तहरीर पर नरेश के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
मेरठ के निजी अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार सुबह जितेंद्र की मौत हो गई। सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में हत्या की धारा जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अलमारी की चाबी का विवाद बना काल
हसनपुर। बताया जा रहा है कि आरोपी नरेश की पत्नी जो जितेंद्र की बहन चंचल है। वह पारिवारिक विवाद के कारण नाराज होकर अपने मायके आ गई थी और अलमारी की चाबी साथ ले आई थी। इसी चाबी को हासिल करने की कोशिश में आरोपी ने अपने ही नाबालिग साले पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
जितेंद्र की मौत से उजड़े दो परिवार
हसनपुर। अलमारी की मामूली चाबी को लेकर हुए विवाद ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। जितेंद्र की मौत से उसके पिता कैलाश के घर का इकलौता चिराग बुझ गया, वहीं उनकी बेटी चंचल का घर भी बिखर गया। आरोपी नरेश के इस कदम से उसका साला जितेंद्र छिन गया और वह खुद हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंच गया। जितेंद्र के माता-पिता इकलौते बेटे की मौत से टूट चुके हैं, वहीं चंचल पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भाई की असमय मौत और पति के जेल जाने से उसका परिवार बिखर गया। इस घटना ने दो परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है। संवाद