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Amroha News: इस साल शुरू हो सकती है ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
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अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया को लेकर सतर्क हो गया है। जिले के संवेदनशील 95 गांव को चिह्नित किया गया है। वहीं इस सीजन ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के शुरू होने की उम्मीद है। इनवर्टर, बिजली और जनरेटर व्यवस्था मुकम्मल कर ली गई है। अगर देरी है तो सिर्फ यूनिट के लाइसेंस की। लाइसेंस मिलते ही यूनिट को चालू कर दिया जाएगा। जिसके बाद यहीं पर मरीजों को प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी और क्रायोप्रेसीपिटेट मिल सकेंगे। जिसके बाद मरीजों को मुरादाबाद, दिल्ली और मेरठ की भागदौड़ से निजात मिल सकेगी।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 15-20 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने ब्लड बैंक के पीछे ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद पहले बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी पूरा हुआ। सभी मशीनें लग चुकी हैं। उम्मीद थी कि इस साल से खून की एक यूनिट से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल) और क्रॉयोप्रेसीपिटेट तैयार किए जा सकेंगे। चार महीने से यूनिट में लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। यूनिट की लाइसेंस प्रक्रिया चल रही है।
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यूनिट पूरी तरह तैयार है। लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। लाइसेंस मिलते ही यूनिट को चालू कर दिया जाएगा। जिसके बाद यहीं पर मरीजों को प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी और क्रॉयोप्रेसीपिटेट मिल सकेंगे। -डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी, ब्लड बैंक जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 15-20 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने ब्लड बैंक के पीछे ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद पहले बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी पूरा हुआ। सभी मशीनें लग चुकी हैं। उम्मीद थी कि इस साल से खून की एक यूनिट से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल) और क्रॉयोप्रेसीपिटेट तैयार किए जा सकेंगे। चार महीने से यूनिट में लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। यूनिट की लाइसेंस प्रक्रिया चल रही है।
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यूनिट पूरी तरह तैयार है। लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। लाइसेंस मिलते ही यूनिट को चालू कर दिया जाएगा। जिसके बाद यहीं पर मरीजों को प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी और क्रॉयोप्रेसीपिटेट मिल सकेंगे। -डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी, ब्लड बैंक जिला अस्पताल
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