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Amroha News: सांप ने डसा, झाड़ फूंक ने मार डाला
Fri, 11 Jul 2025 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 11 Jul 2025 01:54 AM IST
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रहरा (अमरोहा)। खैलिया पट्टी गांव में बुधवार को धान की रोपाई के दौरान किसान होराम सिंह (30) को सांप ने डस लिया। शुरुआत में परिजन झाड़ फूंक से इलाज में लगे रहे। हालत न सुधरने पर आठ घंटे बाद अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सही इलाज में देरी को मौत की वजह बताया।
सर्पदंश की यह घटना बुधवार सुबह करीब नौ बजे की है। धान की पौध रोपते समय होराम के हाथ की अंगुली पर सांप ने फन मारा था तुरंत सही इलाज कराने के बजाय परिजन देसी उपचार और फिर झाड़ फूंक वाले के जाल में उलझे रहे। इस बीच होराम की हालत बिगड़ती गई। शाम करीब पांच बजे होराम को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने सही उपचार में देरी को मौत का कारण बताया है।
आठ साल पहले हुई थी शादी
ग्रामीणों ने बताया कि होराम की शादी आठ साल पहले हुई थी। इस बीच कोई संतान नहीं थी। खेती पर निर्भर परिवार खुशहाल था लेकिन सर्पदंश के मामले में अंधविश्वास ने परिवार की खुशियां छीन लीं। होराम की पत्नी के आंसू थम नहीं रहे हैं।
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डॉक्टर बोले, बिना देरी कराएं सही इलाज
सीएचसी रहरा के प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि सर्पदंश के बाद मरीज को नजदीक होते हुए भी सीएचसी नहीं लाया गया। सर्पदंश जैसे मामलों में तुरंत सही इलाज से जीवन बचाना आसान है। झाड़ फूंक अक्सर जानलेवा साबित होती है।
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सर्पदंश की यह घटना बुधवार सुबह करीब नौ बजे की है। धान की पौध रोपते समय होराम के हाथ की अंगुली पर सांप ने फन मारा था तुरंत सही इलाज कराने के बजाय परिजन देसी उपचार और फिर झाड़ फूंक वाले के जाल में उलझे रहे। इस बीच होराम की हालत बिगड़ती गई। शाम करीब पांच बजे होराम को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने सही उपचार में देरी को मौत का कारण बताया है।
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आठ साल पहले हुई थी शादी
ग्रामीणों ने बताया कि होराम की शादी आठ साल पहले हुई थी। इस बीच कोई संतान नहीं थी। खेती पर निर्भर परिवार खुशहाल था लेकिन सर्पदंश के मामले में अंधविश्वास ने परिवार की खुशियां छीन लीं। होराम की पत्नी के आंसू थम नहीं रहे हैं।
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डॉक्टर बोले, बिना देरी कराएं सही इलाज
सीएचसी रहरा के प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि सर्पदंश के बाद मरीज को नजदीक होते हुए भी सीएचसी नहीं लाया गया। सर्पदंश जैसे मामलों में तुरंत सही इलाज से जीवन बचाना आसान है। झाड़ फूंक अक्सर जानलेवा साबित होती है।