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तेंदुआ देख उड़े बाइक सवार के होश
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 12 May 2016 12:57 AM IST
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तेंदुआ
- फोटो : amar ujala
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बुधवार की दोपहर तेंदुए को सड़क पार करते देख बाइक सवार युवकों के होश उड़ गए। इससे ग्रामीणों में दहशत है। रामगंगा पोषक नहर पर मौजूद तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पकड़ने के बजाए भगाने का प्रयास किया।
थाना क्षेत्र के गांव कमालपुरी माफी के ग्रामीण ने मंगलवार की शाम करीब पांच बजे अल्लीपुर और कमालपुरी माफी गांव के बीच से होकर बह रही रामगंगा पोषक नहर पर तेंदुए को देखा था।
ग्रामीण ने जब इसकी जानकारी गांव जाकर दी, तो तमाम ग्रामीण बंदूक, तमंचे, धारदार हथियार और लाठी डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने तेंदुए पर हमला भी बोला और तेंदुए का पंजा लगने से नया गांव निवासी बल्ले घायल हो गया था। सूचना के डेढ़ घंटा बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अंधेरा होने के कारण पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटा दिया था।
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करीब चार घंटे बाद रात करीब नौ बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम ने पकड़ने के बजाए तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। अंधेरे में जब तेंदुआ नजरों से ओझल हो गया तो टीम वापस लौट आई। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे अल्लीपुर गांव निवासी खुर्शीद व संतू बाइक पर सवार होकर वहां से गुजरे तो उन्होंने तेंदुए को सड़क पार करते देखा।
तेंदुआ देखकर उनके होश उड़ गए और वह किसी तरह वहां से गुजरे। इधर, अल्लीपुर, नया गांव, कमालपुरी समेत तमाम गांवों में तेंदुए की मौजूदगी से दशहत व्याप्त है।
नौगावां सादा क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली थी। टीम मंगलवार रात और बुधवार सुबह भी मौके पर गई थी। इस संबंध में ग्रामीणों से बी जानकारी ली गई, लेकिन तेंदुआ कहीं नहीं मिला। संभवत: रात में वो कहीं दूर निकल गया होगा। एके सिंह, वन क्षेत्रधिकारी
परिवार के साथ घूम रही मादा तेंदुआ
नौगावां सादात। जवाहर नवोदय विद्यालय बसेड़ा खुर्द और उसके आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की दहशत अभी भी बरकरार है। तीन दिन पहले भी गांव के पास से एक शावक पकड़ा गया था। सोमवार को भी स्कूल के पास ग्रामीणों शावक देखा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों से हमेशा तेंदुए के गुर्राने की आवाज आती रहती है।
बच्चों ने शावक को पकड़ लिया था। इसके बाद जंगलों से मादा तेंदुआ के गुर्राने की आवाज आती रही। बाद में इसे जंगल में ही छोड़ दिया गया। तेंदुए के डर से ग्रामीणों दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मामले से वन अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। वो पहुंचे भी थे, लेकिन तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका।
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थाना क्षेत्र के गांव कमालपुरी माफी के ग्रामीण ने मंगलवार की शाम करीब पांच बजे अल्लीपुर और कमालपुरी माफी गांव के बीच से होकर बह रही रामगंगा पोषक नहर पर तेंदुए को देखा था।
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ग्रामीण ने जब इसकी जानकारी गांव जाकर दी, तो तमाम ग्रामीण बंदूक, तमंचे, धारदार हथियार और लाठी डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने तेंदुए पर हमला भी बोला और तेंदुए का पंजा लगने से नया गांव निवासी बल्ले घायल हो गया था। सूचना के डेढ़ घंटा बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अंधेरा होने के कारण पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटा दिया था।
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करीब चार घंटे बाद रात करीब नौ बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम ने पकड़ने के बजाए तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। अंधेरे में जब तेंदुआ नजरों से ओझल हो गया तो टीम वापस लौट आई। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे अल्लीपुर गांव निवासी खुर्शीद व संतू बाइक पर सवार होकर वहां से गुजरे तो उन्होंने तेंदुए को सड़क पार करते देखा।
तेंदुआ देखकर उनके होश उड़ गए और वह किसी तरह वहां से गुजरे। इधर, अल्लीपुर, नया गांव, कमालपुरी समेत तमाम गांवों में तेंदुए की मौजूदगी से दशहत व्याप्त है।
नौगावां सादा क्षेत्र में तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिली थी। टीम मंगलवार रात और बुधवार सुबह भी मौके पर गई थी। इस संबंध में ग्रामीणों से बी जानकारी ली गई, लेकिन तेंदुआ कहीं नहीं मिला। संभवत: रात में वो कहीं दूर निकल गया होगा। एके सिंह, वन क्षेत्रधिकारी
परिवार के साथ घूम रही मादा तेंदुआ
नौगावां सादात। जवाहर नवोदय विद्यालय बसेड़ा खुर्द और उसके आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की दहशत अभी भी बरकरार है। तीन दिन पहले भी गांव के पास से एक शावक पकड़ा गया था। सोमवार को भी स्कूल के पास ग्रामीणों शावक देखा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों से हमेशा तेंदुए के गुर्राने की आवाज आती रहती है।
बच्चों ने शावक को पकड़ लिया था। इसके बाद जंगलों से मादा तेंदुआ के गुर्राने की आवाज आती रही। बाद में इसे जंगल में ही छोड़ दिया गया। तेंदुए के डर से ग्रामीणों दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मामले से वन अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। वो पहुंचे भी थे, लेकिन तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका।