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चढ़ा पारा,बिजली ने भी मारा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 18 May 2016 01:30 AM IST
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बिजली चोरी
- फोटो : Bureau
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बिजली नहीं मिलने किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे आक्रोशित लोगों का गुस्सा कभी फूट सकता है।
सोमवार को तापमान का पारा 45 डिग्री पर पहुंच गया। इस बीच बिजली की अघोषित कटौती ने आग में घी डालने का काम किया। कभी कंट्रोल से रोस्टिंग तो कभी लाइन में ब्रेक डाउन बताकर कटौती की जा रही है। इससे लोग भीषण गर्मी में उबल रहे हैं।
20 घंटे के शेड्यूल में से लोगों को महज 12 व 13 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। अचानक बत्ती गुल होने से शहरियों की रातों की नींद हराम हो गई है। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है जो कभी फूट सकता है।उधर, ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे के शेड्यूल में सात व आठ घंटे ही सप्लाई की आपूर्ति मिल रही है। इस कारण फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे फसल सूखने लगी है।
भाकियू (असली) ने बिजली, गन्ना बकाया भुगतान के लिए सरकार से आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। चौधरी वीरेंद्र सिंह के आवास पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती और बिजली दरों में की जा रही वृद्घि से किसान परेशान हो चुका है। उन्होंने बताया 18 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह से मुलाकात कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जयवीर सिंह, यशपाल सिंह, मधुसूदन, हरपाल सिंह, शीशपाल सिंह, सचिन चौधरी, इंद्रपाल सिंह, जगवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, रविंद्र सिंह, अमन शर्मा, दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।
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शहर में की जा रही अघोषित बिजली कटौती पर सोमवार को शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय एकता समाज समिति के बैनर तले लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए। समस्या का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया। जानकारी पर एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को कटौती मुक्त सप्लाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष साबिर सैफी के नेतृत्व में सुबह करीब दस बजे कार्यकर्ता आजाद मार्ग किनारे पंजाबी धर्मशाला के सामने जमा हुए। इसके बाद नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिजली विभाग ने रात को 12 से तीन बजे तक कटौती शुरू कर दी है।
इसकी वजह से शहरवासी ठीक से नींद भी नहीं ले पा रहे हैं। जिला पंचायत के बराबर में 11 हजार की लाइन का खंभा गल चुका है। इसके कारण आजाद मार्ग पर बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। मोहल्लों में जर्जर तार टूटकर गिर रहे हैं। लेकिन उन्हें नहीं बदला गया है।
चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या नहीं सुलझी तो एसडीओ व एक्सईएन कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। सूचना पर एसडीओ शहर नरेश कुमार व जेई सूर्यकांत शर्मा धरनास्थल पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को दिन व रात में कटौती नहीं करने का भरोसा दिलाया।
इस मौके पर मोनिस कुरैशी, अनिल कुमार, रामरतन सैनी, असलम अंसारी, अनवार अंसारी, इरशाद सैफी, शाहे आलम सैफी, शाहबुद्दीन सैफी, फैजुद्दीन, परशुराम सैनी, आरिफ, सलमान कुरैशी, प्रभाकर, नसीम, पप्पू, शाहरूख आदि मौजूद थे।
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सोमवार को तापमान का पारा 45 डिग्री पर पहुंच गया। इस बीच बिजली की अघोषित कटौती ने आग में घी डालने का काम किया। कभी कंट्रोल से रोस्टिंग तो कभी लाइन में ब्रेक डाउन बताकर कटौती की जा रही है। इससे लोग भीषण गर्मी में उबल रहे हैं।
20 घंटे के शेड्यूल में से लोगों को महज 12 व 13 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। अचानक बत्ती गुल होने से शहरियों की रातों की नींद हराम हो गई है। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है जो कभी फूट सकता है।उधर, ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे के शेड्यूल में सात व आठ घंटे ही सप्लाई की आपूर्ति मिल रही है। इस कारण फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे फसल सूखने लगी है।
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भाकियू (असली) ने बिजली, गन्ना बकाया भुगतान के लिए सरकार से आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। चौधरी वीरेंद्र सिंह के आवास पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती और बिजली दरों में की जा रही वृद्घि से किसान परेशान हो चुका है। उन्होंने बताया 18 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह से मुलाकात कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जयवीर सिंह, यशपाल सिंह, मधुसूदन, हरपाल सिंह, शीशपाल सिंह, सचिन चौधरी, इंद्रपाल सिंह, जगवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, रविंद्र सिंह, अमन शर्मा, दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।
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शहर में की जा रही अघोषित बिजली कटौती पर सोमवार को शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय एकता समाज समिति के बैनर तले लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए। समस्या का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया। जानकारी पर एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को कटौती मुक्त सप्लाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद हड़ताल खत्म कर दी गई।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष साबिर सैफी के नेतृत्व में सुबह करीब दस बजे कार्यकर्ता आजाद मार्ग किनारे पंजाबी धर्मशाला के सामने जमा हुए। इसके बाद नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिजली विभाग ने रात को 12 से तीन बजे तक कटौती शुरू कर दी है।
इसकी वजह से शहरवासी ठीक से नींद भी नहीं ले पा रहे हैं। जिला पंचायत के बराबर में 11 हजार की लाइन का खंभा गल चुका है। इसके कारण आजाद मार्ग पर बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। मोहल्लों में जर्जर तार टूटकर गिर रहे हैं। लेकिन उन्हें नहीं बदला गया है।
चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या नहीं सुलझी तो एसडीओ व एक्सईएन कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। सूचना पर एसडीओ शहर नरेश कुमार व जेई सूर्यकांत शर्मा धरनास्थल पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को दिन व रात में कटौती नहीं करने का भरोसा दिलाया।
इस मौके पर मोनिस कुरैशी, अनिल कुमार, रामरतन सैनी, असलम अंसारी, अनवार अंसारी, इरशाद सैफी, शाहे आलम सैफी, शाहबुद्दीन सैफी, फैजुद्दीन, परशुराम सैनी, आरिफ, सलमान कुरैशी, प्रभाकर, नसीम, पप्पू, शाहरूख आदि मौजूद थे।