अमरोहा। तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा व कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के रेल रोको के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने दो पैसेंजर ट्रेनों को रोका। किसानों ने ट्रेन के इंजन चढ़कर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाकियू कार्यकर्ता सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने 11 बजकर 25 मिनट पर नजीबाबाद से चलकर गजरौला जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को आते ही रोक लिया। किसानों ने 11 बजकर 41 मिनट पर ट्रेन को गंतव्य की ओर जाने दिया। इसके बाद किसानों ने दोपहर बाद गजरौला से नजीबाबाद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी 25 मिनट तक रोके रखा। भाकियू ने मौके पर मौजूद एसडीएम व सीओ को ज्ञापन सौंपा। वहीं, भाकियू के जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह ने लखीमपुर खीरी हिंसा की निंदा की। उन्होंने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए वापस लिए जाने की मांग की। ज्ञापन में कृषि कानूनों को वापस लेने, एनपीके खाद के दामों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लिए जाने व किसानों की फसलों की खरीद एमएसपी पर किए जाने की मांग की गई है। इस मौके पर दानवीर सिंह, गुरमीत सिंह, सुभाष चीमा, सौवीर सिंह, ऊधम सिंह, जयपाल सिंह, बोबी चाहल, काविंद्र सिंह आदि मौजूद थे।