{"_id":"6757ee7034233a69ab0242ee","slug":"bhakiyu-asli-blocked-the-road-as-sugarcane-rates-were-not-declared-jpnagar-news-c-284-1-smbd1011-130514-2024-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: गन्ना का रेट घोषित न होने पर भाकियू असली ने लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: गन्ना का रेट घोषित न होने पर भाकियू असली ने लगाया जाम
Tue, 10 Dec 2024 01:02 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 10 Dec 2024 01:02 PM IST
विज्ञापन
धनौरा में ब्लॉक कार्यालय के बाहर सड़क पर बैठे भाकियू असली के कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : संवाद
मंडी धनौरा (अमरोहा)।
चीनी मिल शुरू होने के 40 दिन बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा गन्ने का रेट घोषित न करने पर किसानों में रोष है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ताओं और किसानों ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला मार्ग पर जाम लगा दिया।
करीब आंधे घंटे तक किसान सड़क पर बैठे रहे। उधर, भाकियू कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन के बाहर भी आधे घंटे तक धरना दिया। उन्होंने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम अलग अलग ज्ञापन एसडीएम व स्टेशन अधीक्षक को सौंपे। मार्ग जाम होने के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भाकियू असली ने गन्ने का रेट घोषित न होने के विरोध में नौ दिसंबर को सड़क जाम और रेल रोकने की चेतावनी दी थी। सोमवार दोपहर भाकियू के कार्यकर्ता ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचे। मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। नोएडा में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे किसानों को जेल भेज दिया गया। हरियाणा और पंजाब में भी किसानों की आवाज को गोली व लाठी से दबाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की। उधर, दो बजे किसान और कार्यकर्ता ब्लॉक कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला मार्ग पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब आधा घंटे किसान सड़क पर बैठे रहे।
विज्ञापन
भाकियू ने राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मौके पर आई एसडीएम चंद्रकांता को सौंपे। ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने और गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया। इसके बाद वह रेल रोकने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गए।
स्टेशन अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
रेलवे स्टेशन के बाहर जीआरपी, आरपीएफ व सिविल पुलिस के इंस्पेक्टर फोर्स के मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को रेलवे स्टेशन के अंदर नहीं जाने दिया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने कार्यकर्ताओं से रेलवे स्टेशन के बाहर ही ज्ञापन देने का अनुरोध किया। कार्यकर्ता स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। रेलवे स्टेशन पर जाकर जाकर स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर डूंगर सिंह, नरेश कुमार, गुरवचन सिंह, जसपाल सिंह, दिनेश प्रधान, खचेड़ू प्रधान, लोकेश कुमार, कलुवा खां, शब्बन चौधरी मौजूद रहे।
विज्ञापन
चीनी मिल शुरू होने के 40 दिन बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा गन्ने का रेट घोषित न करने पर किसानों में रोष है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ताओं और किसानों ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला मार्ग पर जाम लगा दिया।
करीब आंधे घंटे तक किसान सड़क पर बैठे रहे। उधर, भाकियू कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन के बाहर भी आधे घंटे तक धरना दिया। उन्होंने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम अलग अलग ज्ञापन एसडीएम व स्टेशन अधीक्षक को सौंपे। मार्ग जाम होने के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
भाकियू असली ने गन्ने का रेट घोषित न होने के विरोध में नौ दिसंबर को सड़क जाम और रेल रोकने की चेतावनी दी थी। सोमवार दोपहर भाकियू के कार्यकर्ता ब्लॉक कार्यालय पर पहुंचे। मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। नोएडा में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे किसानों को जेल भेज दिया गया। हरियाणा और पंजाब में भी किसानों की आवाज को गोली व लाठी से दबाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की। उधर, दो बजे किसान और कार्यकर्ता ब्लॉक कार्यालय के बाहर चांदपुर-गजरौला मार्ग पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब आधा घंटे किसान सड़क पर बैठे रहे।
विज्ञापन
भाकियू ने राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मौके पर आई एसडीएम चंद्रकांता को सौंपे। ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने और गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोल दिया। इसके बाद वह रेल रोकने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गए।
स्टेशन अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
रेलवे स्टेशन के बाहर जीआरपी, आरपीएफ व सिविल पुलिस के इंस्पेक्टर फोर्स के मौजूद थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को रेलवे स्टेशन के अंदर नहीं जाने दिया। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने कार्यकर्ताओं से रेलवे स्टेशन के बाहर ही ज्ञापन देने का अनुरोध किया। कार्यकर्ता स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। रेलवे स्टेशन पर जाकर जाकर स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर डूंगर सिंह, नरेश कुमार, गुरवचन सिंह, जसपाल सिंह, दिनेश प्रधान, खचेड़ू प्रधान, लोकेश कुमार, कलुवा खां, शब्बन चौधरी मौजूद रहे।