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टमाटर निर्यात न होने से किसानों के आए बुरे दिन
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Tue, 29 May 2018 01:21 AM IST
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अतरासी में क्रेट में टमाटर पैक करते मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हिंदुस्तान का टमाटर लेने से इंकार कर दिया। इससे अमरोहा के किसानों को झटका लगा है। बंपर पैदावार होने के बाद भी किसानों को मनचाहे दाम नहीं मिल रहे हैं। टमाटर फेंकने पड़ रहे हैं। वहीं पाकिस्तान के इंकार के बाद हिंदुस्तान ने वहां से 65 लाख टन चीनी खरीदकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। जिससे किसान नेताओं में रोष भी उत्पन्न होने लगा है। किसानों संगठनों ने पाकिस्तानी चीनी का विरोध करने का भी एलान किया है।
लगभग एक साल पूर्व तक हिंदुस्तान का टमाटर पाकिस्तान जाता था। उसमें लगभग प्रत्येक दिन 500 टन टमाटर अमरोहा जनपद का भी जाता था, लेकिन पाकिस्तान ने हिंदुस्तान का टमाटर किसी भी रेट में खरीदने से साफ इंकार कर दिया। इससे न सिर्फ केंद्र सरकार को झटका लगा बल्कि किसानों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान से चीनी खरीदे जाने से किसान संगठनों में रोष है।
किसान संगठनों ने पाकिस्तान की चीनी का विरोध करने का भी मन बना लिया है। टमाटर का कारोबार करने वाले अलीम अहमद व सतीश सैैनी ने बताया कि पिछले एक साल से पाकिस्तान यहां का टमाटर नहीं खरीद रहा है। ऐसे में काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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लगभग एक साल पूर्व तक हिंदुस्तान का टमाटर पाकिस्तान जाता था। उसमें लगभग प्रत्येक दिन 500 टन टमाटर अमरोहा जनपद का भी जाता था, लेकिन पाकिस्तान ने हिंदुस्तान का टमाटर किसी भी रेट में खरीदने से साफ इंकार कर दिया। इससे न सिर्फ केंद्र सरकार को झटका लगा बल्कि किसानों को भी नुकसान का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान से चीनी खरीदे जाने से किसान संगठनों में रोष है।
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किसान संगठनों ने पाकिस्तान की चीनी का विरोध करने का भी मन बना लिया है। टमाटर का कारोबार करने वाले अलीम अहमद व सतीश सैैनी ने बताया कि पिछले एक साल से पाकिस्तान यहां का टमाटर नहीं खरीद रहा है। ऐसे में काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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