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चाची के हत्यारे को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jul 2022 01:00 AM IST
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Aunt's killer sentenced to life imprisonment and 20 thousand rupees fine
जमीन के लिए धारदार हथियार से चाची की हत्या करने के दोषी जेठ के बेटे को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। आरोपियों में शामिल रहे दोषी के भाई की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। दोषी जमानत पर बाहर था। न्यायालय का फैसला आने के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
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यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के लुहारी खादर गांव में 2 फरवरी 2012 को हुई थी। आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव दरियापुर में पूरन सिंह की मौत के बाद उनकी पत्नी लीलावती अपने मायके लुहारी खादर में अपने भतीजे कालीचरण के साथ रहती थीं। लीलावती जंगल में गोबर के उपले बनाकर उन्हें बेचकर गुजारा करती थीं। लीलावती के नाम पर दरियापुर गांव में 20 बीघा जमीन थी। उस भूमि पर लीलावती के जेठ भगोना के बेटे बहोर व उसका भाई चरन खेती कर रहे थे। दोनों लीलावती से जमीन अपने नाम करवाने के लिए लगातार दबाव बनाते थे।
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लीलावती की धेवती (बेटी की बेटी) प्रेमा की शादी बछरायूं थानाक्षेत्र के ढाको वाली गांव में हुई थी। गांव में बाढ़ आ जाने के कारण प्रेमा अपने बच्चों के साथ लुहारी खादर आ गई थी और नानी लीलावती के साथ रहने लगी थी। इस बीच लीलावती के जेठ के बेटे चरन व बहोर चार दिन के लिए लुहारी खादर में आकर रुके थे। वे लगातार लीलावती से दरियापुर गांव चलकर जमीन अपने नाम करवाने के लिए दबाव बना रहे थे। लीलावती ने इससे इंकार कर दिया था। इस पर दोनों भाई लीलावती, उसके भतीजे कालीचरण और धेवती प्रेमा को जान से मारने की धमकी देकर चले गए थे।
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घटना वाले दिन प्रेमा जंगल में गोबर के उपले थाप रही थी, जबकि उसकी नानी लीलावती जंगल में गोबर इकट्ठा करने चली गई थी। इसी बीच चरन और उसका भाई बहोर वहां पहुंचे और लीलावती पर धारदार हथियार (दाब) से हमला कर हत्या कर दी थी। चीख-पुकार सुनकर मौके पर दौड़ी प्रेमा ने दोनों भाइयों को घटनास्थल से भागते हुए देखा। इस मामले में प्रेमा की तहरीर पर चरन और बहोर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश अहमद उल्लाह खां की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने पैरवी की। बृहस्पतिवार को अदालत ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई करते हुए साक्ष्य और सबूतों के आधार पर बहोर को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बहोर के भाई दूसरे आरोपी चरन की मौत हो गई थी।
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