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मासूम की बलि देने की आरोपी चाची और तांत्रिक गिरफ्तार
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अमरोहा। यश हत्याकांड का आदमपुर पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। एसपी के मुताबिक, चाची ने ही पैदा होने वाले अपने बच्चों को जीवित रखने के लिए मासूम यश की बलि दी थी। उसने ही यश की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद जंगल में ले जाकर तांत्रिक की मौजूदगी में उसके टुकड़े कर दिए। बाद में शव को सेही (जंगली जानवर) के बिल में छिपा दिया था। पुलिस ने हत्यारों की चाची और तांत्रिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, हत्या में प्रयुक्त बलकटी को भी बरामद कर लिया है।
शुक्रवार को एसपी आदित्य लांग्हे ने पुलिस आफिस में घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आदमपुर थानाक्षेत्र के मलकपुर निवासी रमेश का पौने दो वर्षीय बेटा यश 22 अगस्त को घर से लापता हो गया था। इसके बाद 24 अगस्त को उसका शव मरौरा गांव के जंगल बंदा के बराबर में गन्ने के खेत में क्षत-विक्षत बरामद हुआ था। उसके पिता रमेश ने पैर देखकर यश की पहचान की थी। इस दौरान परिजनों ने यश की चाची प्रेमवती पर हत्या करने का शक जताया था। शुक्रवार को पुलिस ने प्रेमवती को गिरफ्तार किया। जिसके बाद यश हत्याकांड से पर्दा उठ गया। एसपी के मुताबिक हत्यारोपी प्रेमवती की शादी को 4 वर्ष को गए।
इस दौरान उसने तीन बच्चों को जन्म दिया लेकिन तीनों ही मर गए। इसके बाद वह हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के कालाखेड़ा निवासी तांत्रिक नसीम अली से मिली। इस दौरान तांत्रिक नसीम अली ने बच्चों के जीवित रहने का भरोसा दिया और बताया कि तुम्हारे ऊपर गंदी मसान का रोग हैं। जिस कारण बच्चे सूख-सूखकर पैदा होने पर या पैदा होने से पहले मर जाते हैं। इसके बाद तांत्रिक नसीम अली ने तरह-तरह की तंत्र क्रिया कराईं। इसके बाद भी प्रेमवती को कोई फायदा नहीं हुआ। तभी तांत्रिक नसीम अली ने बच्चे की बलि देने के बाद ही फायदा होने की बात कही। इस क्रम में 22 अगस्त को मासूम यश खेलते-खेलते प्रेमवती के घर पहुंच गया।
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इस दौरान यश की मां सरोज अपने घर के कमरे में थी। इसका फायदा उठाकर प्रेमवती ने यश को अपने कमरे ले गई और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लाश को बलकटी (दाब) के साथ कपड़ों में लपेटकर अपने बिटौरे के पास गन्ने के खेत में ले गई। योजना के तहत पहले से तांत्रिक नसीम अली से मिली। इसके बाद दोनों गन्ने के खेत में गए और तांत्रिक के कहने पर बायां पैर काट दिया। इसके बाद यश के खून को माथे पर लगाया। कटी टांग को कपडे़ में लपेटकर वहीं छोड़ दिया।
इसके बाद शव को सेही के बिल में छिपा दिया। बाद में बलकटी को बिटौरे के उपलों में छिपा कर घर चली गई। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी प्रेमवती और तांत्रिक नसीम अली को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्होंने जेल भेज दिया गया है।
तांत्रिक ने अपने सामने दिलाई थी यश की बलि
अमरोहा। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी प्रेमवती के बयान के आधार पर तांत्रिक नसीम अली को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान तांत्रिक ने घटना को कबूल करते हुए बताया कि उसने ही बच्चे की बलि देने की बात कही थी। घटना वाले दिन अपने सामने यश की बलि प्रेमवती से दिलवाकर घर चला गया था।
बढ़ाई गई हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं
अमरोहा। एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि यश के लापता होने के बाद उसके पिता रमेश की शिकायत पर उपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन यश की लाश मिलने के बाद मुकदमे में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं की वृद्धि की गई है।
खुलासा करने वाली टीम
यश हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, दरोगा पुष्पेंद्र राठी, संदीप बालियान, योगेंद्र मलिक, कांस्टेबल लोकेंद्र बालियान, बोबी मलिक, मानवेंद्र कुमार, बिजेंद्र कुमार, लिटिल मलिक और रुबी शामिल रही।
ये तंत्रक्रिया भी कराई गई
एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि तांत्रिक नसीम अली ने प्रेमवती से कई तरह की तंत्र क्रिया कराई थी। सबसे पहले उसने बकरे की कलेजी को सिर से पैर तक शरीर पर लगवाया था। इसके बाद हत्यारोपी प्रेमवती बकरे की कलेजी को लेकर गंगा में नहाई और कलेजी को गंगा में ही बहा दिया था। इसके बाद भी प्रेमवती की तबियत ठीक नहीं हुई तो उसने तुरंत तांत्रिक नसीम अली से संपर्क किया। जिसके बाद तांत्रिक ने बच्चे की बलि देने की बात कही थी।
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शुक्रवार को एसपी आदित्य लांग्हे ने पुलिस आफिस में घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आदमपुर थानाक्षेत्र के मलकपुर निवासी रमेश का पौने दो वर्षीय बेटा यश 22 अगस्त को घर से लापता हो गया था। इसके बाद 24 अगस्त को उसका शव मरौरा गांव के जंगल बंदा के बराबर में गन्ने के खेत में क्षत-विक्षत बरामद हुआ था। उसके पिता रमेश ने पैर देखकर यश की पहचान की थी। इस दौरान परिजनों ने यश की चाची प्रेमवती पर हत्या करने का शक जताया था। शुक्रवार को पुलिस ने प्रेमवती को गिरफ्तार किया। जिसके बाद यश हत्याकांड से पर्दा उठ गया। एसपी के मुताबिक हत्यारोपी प्रेमवती की शादी को 4 वर्ष को गए।
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इस दौरान उसने तीन बच्चों को जन्म दिया लेकिन तीनों ही मर गए। इसके बाद वह हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के कालाखेड़ा निवासी तांत्रिक नसीम अली से मिली। इस दौरान तांत्रिक नसीम अली ने बच्चों के जीवित रहने का भरोसा दिया और बताया कि तुम्हारे ऊपर गंदी मसान का रोग हैं। जिस कारण बच्चे सूख-सूखकर पैदा होने पर या पैदा होने से पहले मर जाते हैं। इसके बाद तांत्रिक नसीम अली ने तरह-तरह की तंत्र क्रिया कराईं। इसके बाद भी प्रेमवती को कोई फायदा नहीं हुआ। तभी तांत्रिक नसीम अली ने बच्चे की बलि देने के बाद ही फायदा होने की बात कही। इस क्रम में 22 अगस्त को मासूम यश खेलते-खेलते प्रेमवती के घर पहुंच गया।
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इस दौरान यश की मां सरोज अपने घर के कमरे में थी। इसका फायदा उठाकर प्रेमवती ने यश को अपने कमरे ले गई और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लाश को बलकटी (दाब) के साथ कपड़ों में लपेटकर अपने बिटौरे के पास गन्ने के खेत में ले गई। योजना के तहत पहले से तांत्रिक नसीम अली से मिली। इसके बाद दोनों गन्ने के खेत में गए और तांत्रिक के कहने पर बायां पैर काट दिया। इसके बाद यश के खून को माथे पर लगाया। कटी टांग को कपडे़ में लपेटकर वहीं छोड़ दिया।
इसके बाद शव को सेही के बिल में छिपा दिया। बाद में बलकटी को बिटौरे के उपलों में छिपा कर घर चली गई। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी प्रेमवती और तांत्रिक नसीम अली को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्होंने जेल भेज दिया गया है।
तांत्रिक ने अपने सामने दिलाई थी यश की बलि
अमरोहा। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी प्रेमवती के बयान के आधार पर तांत्रिक नसीम अली को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान तांत्रिक ने घटना को कबूल करते हुए बताया कि उसने ही बच्चे की बलि देने की बात कही थी। घटना वाले दिन अपने सामने यश की बलि प्रेमवती से दिलवाकर घर चला गया था।
बढ़ाई गई हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं
अमरोहा। एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि यश के लापता होने के बाद उसके पिता रमेश की शिकायत पर उपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन यश की लाश मिलने के बाद मुकदमे में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं की वृद्धि की गई है।
खुलासा करने वाली टीम
यश हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष रामप्रकाश शर्मा, दरोगा पुष्पेंद्र राठी, संदीप बालियान, योगेंद्र मलिक, कांस्टेबल लोकेंद्र बालियान, बोबी मलिक, मानवेंद्र कुमार, बिजेंद्र कुमार, लिटिल मलिक और रुबी शामिल रही।
ये तंत्रक्रिया भी कराई गई
एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि तांत्रिक नसीम अली ने प्रेमवती से कई तरह की तंत्र क्रिया कराई थी। सबसे पहले उसने बकरे की कलेजी को सिर से पैर तक शरीर पर लगवाया था। इसके बाद हत्यारोपी प्रेमवती बकरे की कलेजी को लेकर गंगा में नहाई और कलेजी को गंगा में ही बहा दिया था। इसके बाद भी प्रेमवती की तबियत ठीक नहीं हुई तो उसने तुरंत तांत्रिक नसीम अली से संपर्क किया। जिसके बाद तांत्रिक ने बच्चे की बलि देने की बात कही थी।