Amroha: मूंढाखेड़ा निवासी कारोबारी के घर में लगी आग, पत्नी और बेटा-बेटी की जिंदा जलने से मौत
अमरोहा के मूंढा मुकारी गांव में कीटनाशक की दुकान चलाने वाले नितिन के घर में संदिग्ध स्थिति में आग लग गई। इसमें उसकी पत्नी और बेटा-बेटी की जलने से मौत हो गई। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का लगा रहा है।
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नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव मूंढाखेड़ा निवासी व्यापारी नितिन के घर में शुक्रवार दोपहर आग लगने से उसकी पत्नी मंजू (30), बेटी तनवी (12 ) और बेटे पार्थ (4 ) की जलकर मौत हो गई। घटना के समय तीनों के अलावा घर पर कोई नहीं था। मंजू के भाई की तहीरर के आधार पर पुलिस ने नितिन और उसकी मां रामवती के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नितिन की शादी 14 साल पहले मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी मंजू साथ हुई थी। नितिन की पेस्टीसाइड की दुकान है। मंजू कुछ साल पहले तक कैलसा में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। उसके दो बच्चे तनवी और पार्थ थे। तनवी गुरुकुल चोटीपुरा में कक्षा 7 में पढ़ती थी। बेटे पार्थ का इस साल प्ले स्कूल में दाखिला कराया गया था।
बृहस्पतिवार को पार्थ का जन्मदिन था। इसलिए तनवी भी गुरुकुल से घर आई हुई थी। शुक्रवार की सुबह नितिन अपनी दुकान पर चला गया था। उसकी मां भी घर पर नहीं थी। दोपहर के वक्त घर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों में घिरे मां, बेटी और बेटा गंभीर रूप से झुलस गए।
पड़ोसियों ने दरवाजा खोलकर उनको बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पहुंचे मंजू के भाई प्रदीप ने नितिन और उसकी मां पर अपनी बहन और अपने भांजे-भांजी की हत्या आरोप लगाया। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मंजू के भाई की तहीरर के आधार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पति-पत्नी के विवाद की सजा बच्चों को क्यों मिली
बीते पांच सालों से मंजू और उसके पति नितिन के बीच तकरार चल रही थी। लगातार कहासुनी होती रहती थी। मंजू अपने घर को चलाना चाहती थी इसलिए वह नितिन पर घर को बर्बाद नहीं करने का दबाव बनाती थी। मायके वालों के मुताबिक नितिन ने अपने नाम की जमीन और अमरोहा का मकान बेच दिया था।
जबकि दुकान पर लाखों रुपये का कर्ज ले लिया था। गांव में केवल नितिन की मां के नाम पर चार बीघा जमीन बची हुई है। विवाद के चलते करीब चार महीने पहले मंजू अपनी मायके चली गई थी। इस दौरान बेटी तनवी गुरुकुल के हॉस्टल में रहती थी। जबकि बेटा पार्थ अपनी दादी के पास था।
लेकिन करीब एक महीने पहले नितिन मंजू के मायके पहुंचा और अपनी आदतों में सुधार करने की बात कह कर मंजू को वापस बुला लाया था। मंजू के भाई प्रदीप के मुताबिक दोनों के बीच मनमुटाव के दो मुकदमे भी चल रहे हैं। लेकिन, पति-पत्नी के विवाद के बीच बच्चों की क्या गलती थी। मंजू के साथ आग में जलकर मरने वाले बच्चों के साथ पूरे परिवार जैसे तहस नहस हो गया है।
एक दिन पहले बेटी को गुरुकुल से लेकर आया था नितिन
बृहस्पतिवार को मंजू के बेटे पार्थ का जन्मदिन था। इसे एक दिन पहले नितिन खुद बेटी तनवी को गुरुकुल चोटीपुरा से बुलाकर घर लेकर आया था। नितिन के द्वारा तनवी को गुरुकुल से ले आने की पुष्टि कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सुमेधा ने की है।