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घर से निकले खुशी-खुशी, लौटी तो मौत की खबर
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अमरोहा। रहरा सीएचसी में हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद जमा भीड़।
- फोटो : HASANPUR
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रहरा (अमरोहा)। गुरैठा गांव निवासी रघुवीर के परिवार के सदस्य सोमवार को गांव के युवक की शादी में शामिल होने के लिए सोमवार को घर से खुशी-खुशी रवाना हुए थे। परिवार की महिलाओं ने भी उन्हें विशेष तैयारियों के बीच रवाना किया था। उम्मीद थी कि बरात के बाद सभी हंसी-खुशी घर लौटेंगे लेकिन शाम को परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर घर पहुंची। इस जानकारी से घर में कोहराम मच गया तो पूरे गांव में मातम पसर गया।
सोमवार की सुबह करीब नौ बजे बरात गांव से हसनपुर के गांव लुहारी खादर के लिए रवाना हुई थी। वैसे तो दूल्हे चमन सिंह और मृतकों के बीच कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है। इसके बावजूद उनके बीच एक गांव के होने का मजबूत नाता था। इन नाते को और मजबूती देने के लिए ही रघुवीर के बेटे नरेश, सतपाल, विजेंद्र, विजेंद्र की पांच साल की बेटी छवि और सतपाल का छह वर्षीय बेटा लवकुश भी बरात में शामिल होने गए थे। इनके साथ ही फूल सिंह भी बराती के लिए रवाना हुए थे।
वापसी में ये सभी छह लोग एक बाइक पर सवार थे। दूसरी बाइक से टक्कर होने के कारण 55 वर्षीय फूल सिंह, रघुवीर के बेटे नरेश (35), सतपाल (22) और विजेंद्र की बेटी छवि (5) की मौत हो गई। गांव के चार और एक परिवार के तीन लोगों की मौत से समूचे गांव के लोग सन्न रह गई। रघुवीर के घर में कोहराम मच गया तो फूल सिंह के परिजनों के आंसू भी नहीं थम रहे थे।
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आनन फानन दोनों घरों के लोग उस अस्पताल में पहुंचे जहां घायल भर्ती थे। वहीं मृतकों के शव भी मौजूद थे। मासूम छवि का चेहरा देख उसकी मां बिलख उठीं। रोकने की कोशिशों के बावजूद मासूम के शव से लिपट गईं। घायल पति विजेंद्र के लिए दुआएं भी करती जा रही थीं। कुछ ऐसी ही हालत मृतक फूल सिंह के परिजनों की थी।
रहरा (अमरोहा)। जिस गांव गुरैठा में सोमवार सुबह से दोपहर तक बरात को रवाना करने के बाद तक महिलाओं के बीच उत्सवी माहौल था, वहीं शाम से दो परिवारों में चीखें गूंज उठीं। भीषण हादसे का सीधा असर दूल्हे के घर-परिवार पर भी पड़ा। गांव में अचानक गहराए इतने बड़े गम को देखते हुए जहां लुहारी खादर गांव में दुल्हन के घर खामोशी से शादी की रस्मों को पूरा किया गया, वहीं विदाई के बाद बिना बैंड-वाजे के दुल्हन गुरैठा गांव पहुंची।
भीषण हादसे में चार बरातियों समेत पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही दोनों गांवों से शादी की खुशियां काफूर हो गईं। दूल्हा बने चमन सिंह ने खुद ही धूम-धड़ाके से इनकार कर दिया। इसके बाद दुल्हन के परिवार ने भी बिना देरी फेरे व शादी की अन्य रस्मों को पूरा करवाया। तमाम लोगों ने पहले मौके और फिर अस्पताल का रुख किया। इस बीच खामोशी से रस्में पूरी करके दुल्हन को विदा किया गया। गुरैठा में बहू की अगवानी के लिए दिनभर जोश के साथ तैयारियां करने वाली दूल्हे के परिवार की महिलाओं ने भी खामोशी भी ओढ़ ली। दुल्हन के आगमन की रस्में भी औपचारिक तरीके से कराई गईं।
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सोमवार की सुबह करीब नौ बजे बरात गांव से हसनपुर के गांव लुहारी खादर के लिए रवाना हुई थी। वैसे तो दूल्हे चमन सिंह और मृतकों के बीच कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है। इसके बावजूद उनके बीच एक गांव के होने का मजबूत नाता था। इन नाते को और मजबूती देने के लिए ही रघुवीर के बेटे नरेश, सतपाल, विजेंद्र, विजेंद्र की पांच साल की बेटी छवि और सतपाल का छह वर्षीय बेटा लवकुश भी बरात में शामिल होने गए थे। इनके साथ ही फूल सिंह भी बराती के लिए रवाना हुए थे।
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वापसी में ये सभी छह लोग एक बाइक पर सवार थे। दूसरी बाइक से टक्कर होने के कारण 55 वर्षीय फूल सिंह, रघुवीर के बेटे नरेश (35), सतपाल (22) और विजेंद्र की बेटी छवि (5) की मौत हो गई। गांव के चार और एक परिवार के तीन लोगों की मौत से समूचे गांव के लोग सन्न रह गई। रघुवीर के घर में कोहराम मच गया तो फूल सिंह के परिजनों के आंसू भी नहीं थम रहे थे।
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आनन फानन दोनों घरों के लोग उस अस्पताल में पहुंचे जहां घायल भर्ती थे। वहीं मृतकों के शव भी मौजूद थे। मासूम छवि का चेहरा देख उसकी मां बिलख उठीं। रोकने की कोशिशों के बावजूद मासूम के शव से लिपट गईं। घायल पति विजेंद्र के लिए दुआएं भी करती जा रही थीं। कुछ ऐसी ही हालत मृतक फूल सिंह के परिजनों की थी।
रहरा (अमरोहा)। जिस गांव गुरैठा में सोमवार सुबह से दोपहर तक बरात को रवाना करने के बाद तक महिलाओं के बीच उत्सवी माहौल था, वहीं शाम से दो परिवारों में चीखें गूंज उठीं। भीषण हादसे का सीधा असर दूल्हे के घर-परिवार पर भी पड़ा। गांव में अचानक गहराए इतने बड़े गम को देखते हुए जहां लुहारी खादर गांव में दुल्हन के घर खामोशी से शादी की रस्मों को पूरा किया गया, वहीं विदाई के बाद बिना बैंड-वाजे के दुल्हन गुरैठा गांव पहुंची।
भीषण हादसे में चार बरातियों समेत पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही दोनों गांवों से शादी की खुशियां काफूर हो गईं। दूल्हा बने चमन सिंह ने खुद ही धूम-धड़ाके से इनकार कर दिया। इसके बाद दुल्हन के परिवार ने भी बिना देरी फेरे व शादी की अन्य रस्मों को पूरा करवाया। तमाम लोगों ने पहले मौके और फिर अस्पताल का रुख किया। इस बीच खामोशी से रस्में पूरी करके दुल्हन को विदा किया गया। गुरैठा में बहू की अगवानी के लिए दिनभर जोश के साथ तैयारियां करने वाली दूल्हे के परिवार की महिलाओं ने भी खामोशी भी ओढ़ ली। दुल्हन के आगमन की रस्में भी औपचारिक तरीके से कराई गईं।

अमरोहा। आदमपुर क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंच- फोटो : HASANPUR

अमरोहा। रहरा सीएचसी में पुलिस से घटना की जानकारी करते सीओ सतीशचंद पांडेय।- फोटो : HASANPUR

अमरोहा। रहरा सीएचसी में हादसे के बाद बिलखते नरेश के परिजन।- फोटो : HASANPUR

अमरोहा। आदमपुर क्षेत्र में हुए हादसे के बाद जानकारी करती पुलिस।- फोटो : HASANPUR

मृतक आकाश का फाइल फोटो- फोटो : HASANPUR