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अमरोहा : कागजों में चल रही फर्म से करोड़ों की धोखाधड़ी
Sat, 06 Dec 2025 02:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 06 Dec 2025 02:34 AM IST
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अमरोहा। मुरादाबाद के कारोबारी ने कागजों में फर्म दिखाकर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाकर 5.73 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की है। जीएसटी अफसरों की जांच में मौके पर फर्म नहीं पाई गई। व्यापारी का नंबर भी बंद आ रहा है। अधिकारियों की माने तो कुछ लोगों ने षड्यंत्र के तहत दूसरे लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की धोखाधड़ी की है। कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर डिडौली पुलिस जांच में जुट गई है।
राज्य कर अधिकारी खंड-दो पृथ्वीराज की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद के चामुंडा वाली गली बरवालन निवासी मुसव्विर ने डिडौली कोतवाली क्षेत्र के बुढ़नपुर में जेंटेक्स इंपैक्स के नाम से फर्म बना रखी थी। इस फर्म में कॉपर, एल्युमिनियम, ग्लास और सुपाड़ी आदि तैयार करना दिखाया गया था। फर्म के पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्शाया गया लेकिन हकीकत में यह फर्म कागजों में चल रही थी और धरातल पर नहीं।
केवल बिलों का आदान-प्रदान करते हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम (आइटीसी) और पासऑन की गई जबकि माल का वास्तविक संचारण नहीं किया गया। उपयुक्त राज्य कर संभाग-ए मुरादाबाद की ओर से फर्म स्थल की जांच कराई जिसमें हकीकत का पता चला। सामने आया कि साल 2021 से 24 तक फर्म के मालिक मुसव्विर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए कागजों में फर्म तैयार की। इसके आधार पर जीएसटी अधिनियम के तहत दंड और ब्याज समेत कुल 5,73,82046 रुपये की राजस्व हानि पहुंचाते हुए धोखाधड़ी की है। अस्तित्वहीन पाई गई इस फर्म का पंजीयन नौ फरवरी 2024 को निरस्त कर दिया गया था।
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कारोबारी का नंबर आ रहा है बंद
इसके बाद कारोबारी से वसूली के लिए फर्म के बैंक अकाउंट से वसूली का नोटिस जारी किया गया लेकिन मुरादाबाद की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में संचालित इस खाते से कोई धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी। कारोबारी ने भी बकाया जमा नहीं किया है। दोबारा से फर्म स्थल की जांच की गई तो वहां पर खंडहरनुमा इमारत बंद मिली। फर्म के आसपास में पूछताछ के दौरान भी कारोबारी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जीएसटी पोर्टल पर दर्ज कारोबारी का मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। लिहाजा, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राज्य कर अधिकारी खंड दो पृथ्वीराज ने जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर मुरादाबाद के चामुंडा वाली गली बरवालन में रहने वाले मुसव्विर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोगस फर्म बनाकर 14.75 करोड़ की दर्शाई गई खरीदारी
अमरोहा। जिले में बोगस फर्म बनाकर करीब 14.75 करोड़ की खरीदारी दर्शाई गई, जबकि इस वित्तीय वर्ष में इन दोनों फर्मों से कोई खरीदारी नहीं की गई। कंपनी को जीवन राम पुरखाराम निवासी तोताराम की धानी, बाबर मगरा वार्ड-19 जिला जैसलमेर, राजस्थान ने सर्वश्री शिव ट्रेडिंग कंपनी से स्क्रैप के कारोबार के लिए अपने पेन नंबर पर जीएसटी के तहत 21 जून 2020 से प्रभावी पंजीयन केंद्रीय क्षेत्राधिकार (सीजीएसटी) में प्राप्त किया था। व्यापार का मुख्य स्थल गजरौला रोड हसनपुर बिल्डिंग नंबर-मकान नंबर 12, जिला अमरोहा में स्थित बताया गया था। जीवनराम ने रजिस्ट्रेशन प्राप्त करते समय दो मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी भी दी थी लेकिन जांच के दौरान इस तरह की कोई फर्म मौके पर नहीं मिली। इस कंपनी के कारोबारी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में सवा दो करोड़ रुपये की बिक्री की गई है तथा 2021-22 में 12.50 करोड़ की बिक्री घोषित की गई है। वर्ष 2020-21 में कंपनी द्वारा फर्म एम/एस मकसूद सेल्स कारपोरेशन से खरीद की गई तथा वर्ष 2021-22 में फर्म एम/एस मकसूद सेल्स कारपोरेशन व एम/एस प्रसाद इंटरप्राइजेज से खरीद की गई। जबकि दोनों फर्मों द्वारा इस वित्तीय वर्ष में कोई खरीद नहीं की गई। संवाद
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कागजों में चल रहीं 15 फर्मों की चल रही जांच
अमरोहा। लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना कर जीएसटी चोरी करने में लगे हुए हैं। जिले में ऐसे ही दो मामले सामने आ चुके हैं। कारोबारियों ने कागजों में फर्म बनाकर करोड़ों रुपये कि जीएसटी चोरी की है। जबकि ऐसे ही करीब 15 फर्मों की जांच चल रही है जो कागजों में चल रहीं हैं, फर्जी बिल तैयार करके दूसरों को लाभ देकर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है। साथ ही कारोबारी व्यापार से जोड़कर मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ लिया गया है। संवाद
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शक के दायरे में आई फर्मों की जांच चल रही हैं। एक मामले में डिडौली कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। जबकि एक मामले में हसनपुर कोतवाली में तहरीर दी गई है। करीब 15 फर्मों की जांच चल रही है। सभी फर्म दूसरों को फायदा पहुंचाने के लिए कागजों में चल रही हैं और सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है। - महेश चंद्र, राज्य कर उपायुक्त
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राज्य कर अधिकारी खंड-दो पृथ्वीराज की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक मुरादाबाद के चामुंडा वाली गली बरवालन निवासी मुसव्विर ने डिडौली कोतवाली क्षेत्र के बुढ़नपुर में जेंटेक्स इंपैक्स के नाम से फर्म बना रखी थी। इस फर्म में कॉपर, एल्युमिनियम, ग्लास और सुपाड़ी आदि तैयार करना दिखाया गया था। फर्म के पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्शाया गया लेकिन हकीकत में यह फर्म कागजों में चल रही थी और धरातल पर नहीं।
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केवल बिलों का आदान-प्रदान करते हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम (आइटीसी) और पासऑन की गई जबकि माल का वास्तविक संचारण नहीं किया गया। उपयुक्त राज्य कर संभाग-ए मुरादाबाद की ओर से फर्म स्थल की जांच कराई जिसमें हकीकत का पता चला। सामने आया कि साल 2021 से 24 तक फर्म के मालिक मुसव्विर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए कागजों में फर्म तैयार की। इसके आधार पर जीएसटी अधिनियम के तहत दंड और ब्याज समेत कुल 5,73,82046 रुपये की राजस्व हानि पहुंचाते हुए धोखाधड़ी की है। अस्तित्वहीन पाई गई इस फर्म का पंजीयन नौ फरवरी 2024 को निरस्त कर दिया गया था।
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कारोबारी का नंबर आ रहा है बंद
इसके बाद कारोबारी से वसूली के लिए फर्म के बैंक अकाउंट से वसूली का नोटिस जारी किया गया लेकिन मुरादाबाद की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में संचालित इस खाते से कोई धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी। कारोबारी ने भी बकाया जमा नहीं किया है। दोबारा से फर्म स्थल की जांच की गई तो वहां पर खंडहरनुमा इमारत बंद मिली। फर्म के आसपास में पूछताछ के दौरान भी कारोबारी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जीएसटी पोर्टल पर दर्ज कारोबारी का मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। लिहाजा, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राज्य कर अधिकारी खंड दो पृथ्वीराज ने जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर मुरादाबाद के चामुंडा वाली गली बरवालन में रहने वाले मुसव्विर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोगस फर्म बनाकर 14.75 करोड़ की दर्शाई गई खरीदारी
अमरोहा। जिले में बोगस फर्म बनाकर करीब 14.75 करोड़ की खरीदारी दर्शाई गई, जबकि इस वित्तीय वर्ष में इन दोनों फर्मों से कोई खरीदारी नहीं की गई। कंपनी को जीवन राम पुरखाराम निवासी तोताराम की धानी, बाबर मगरा वार्ड-19 जिला जैसलमेर, राजस्थान ने सर्वश्री शिव ट्रेडिंग कंपनी से स्क्रैप के कारोबार के लिए अपने पेन नंबर पर जीएसटी के तहत 21 जून 2020 से प्रभावी पंजीयन केंद्रीय क्षेत्राधिकार (सीजीएसटी) में प्राप्त किया था। व्यापार का मुख्य स्थल गजरौला रोड हसनपुर बिल्डिंग नंबर-मकान नंबर 12, जिला अमरोहा में स्थित बताया गया था। जीवनराम ने रजिस्ट्रेशन प्राप्त करते समय दो मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी भी दी थी लेकिन जांच के दौरान इस तरह की कोई फर्म मौके पर नहीं मिली। इस कंपनी के कारोबारी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में सवा दो करोड़ रुपये की बिक्री की गई है तथा 2021-22 में 12.50 करोड़ की बिक्री घोषित की गई है। वर्ष 2020-21 में कंपनी द्वारा फर्म एम/एस मकसूद सेल्स कारपोरेशन से खरीद की गई तथा वर्ष 2021-22 में फर्म एम/एस मकसूद सेल्स कारपोरेशन व एम/एस प्रसाद इंटरप्राइजेज से खरीद की गई। जबकि दोनों फर्मों द्वारा इस वित्तीय वर्ष में कोई खरीद नहीं की गई। संवाद
कागजों में चल रहीं 15 फर्मों की चल रही जांच
अमरोहा। लोग तरह-तरह के हथकंडे अपना कर जीएसटी चोरी करने में लगे हुए हैं। जिले में ऐसे ही दो मामले सामने आ चुके हैं। कारोबारियों ने कागजों में फर्म बनाकर करोड़ों रुपये कि जीएसटी चोरी की है। जबकि ऐसे ही करीब 15 फर्मों की जांच चल रही है जो कागजों में चल रहीं हैं, फर्जी बिल तैयार करके दूसरों को लाभ देकर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है। साथ ही कारोबारी व्यापार से जोड़कर मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ लिया गया है। संवाद
शक के दायरे में आई फर्मों की जांच चल रही हैं। एक मामले में डिडौली कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। जबकि एक मामले में हसनपुर कोतवाली में तहरीर दी गई है। करीब 15 फर्मों की जांच चल रही है। सभी फर्म दूसरों को फायदा पहुंचाने के लिए कागजों में चल रही हैं और सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई जा रही है। - महेश चंद्र, राज्य कर उपायुक्त