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अमरोहा : लोन लेकर भूल गए, 95 करोड़ बट्टे खाते में
Fri, 28 Nov 2025 02:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 28 Nov 2025 02:50 AM IST
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अमरोहा। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेकर लोग जमा करना ही भूल गए। जनपद के 30 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना स्वरोजगार स्थापित करने के लिए लोन लिया था। इनमें से करीब साढ़े दस हजार लोग ऐसे है, जिन्होंने लोन की रकम वापस जमा ही नहीं की। इस कारण बैंकों की लगभग 95 करोड़ रुपये की राशि एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) के रूप में दर्ज करनी पड़ी है।
छोटे उद्यमियों को बढ़ावा दिए जाने के लिए साल 2015 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि व्यवसायों को अधिकतम 20 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाता है। यह योजना छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई थी। इसे शिशु, किशोर और तरुण तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
इसमें शिशु वर्ग में छोटे व्यवसायियों को 50,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है। किशोर वर्ग में 50,000 रुपये से पांच लाख रुपये तक, तरुण वर्ग में पांच लाख रुपये से 10 लाख और तरुण प्लस वर्ग में 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है। योजना के तहत बिना गारंटी के उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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पीएम किशोर योजना में फंसी सबसे अधिक रकम
मुद्रा योजना को तीन वर्गों में बांटा गया है। शुरुआती स्टार्ट अप के लिए शिशु, उसके बाद किशोर व तरूण वर्ग के तहत लोन दिया जाता है। बैंकों की सबसे अधिक राशि पीएम किशोर योजना में फंसी है। इसके तहत 17090 लोगों को 185.52 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था जिसमें से 4848 लोन धारकों ने 57.46 करोड़ रुपये की राशि बैंकों को नहीं लौटाई। अब इन खातों को एनपीए घोषित कर दिया गया है।
सरकारी बैंकों की स्थिति बेहद खराब
योजना के तहत लोन देकर वापस न ले पाने में सरकारी बैंकों की स्थिति बेहद खराब है। तीनों वर्गों में पीएनबी 3578 केनरा बैंक के 1850 व एसबीआई के 1562 लोन खाते एनपीए हो चुके हैं।
किस योजना में कितनी रकम फंसी
योजना
- कुल लोन खाते
- ऋण
- एनपीए खाते
- एनपीए राशि
शिशु
- 11045 - 20.28 - 5054 - 7.54
किशोर
- 17090 - 185.52 - 4848 - 57.46
तरुण
- 2157 - 136.06 - 542 - 30.22
योग
- 30292 - 341.86 - 10444 - 95.22
नोट- डाटा लीड बैंक कार्यालय के अनुसार, राशि करोड़ रुपये में।
- रोजगारपरक योजनाओं के तहत लोन देने के लिए बैंक नियमित प्रक्रिया अपना रहे हैं। जिन मामलों में ऋण एनपीए घोषित हो गया है, वहां बैंकों द्वारा अपने स्तर पर रिकवरी भी की जा रही है। - उमेश कुमार प्रजापति , लीड बैंक मैनेजर
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छोटे उद्यमियों को बढ़ावा दिए जाने के लिए साल 2015 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि व्यवसायों को अधिकतम 20 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाता है। यह योजना छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई थी। इसे शिशु, किशोर और तरुण तीन श्रेणियों में बांटा गया है।
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इसमें शिशु वर्ग में छोटे व्यवसायियों को 50,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है। किशोर वर्ग में 50,000 रुपये से पांच लाख रुपये तक, तरुण वर्ग में पांच लाख रुपये से 10 लाख और तरुण प्लस वर्ग में 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है। योजना के तहत बिना गारंटी के उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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पीएम किशोर योजना में फंसी सबसे अधिक रकम
मुद्रा योजना को तीन वर्गों में बांटा गया है। शुरुआती स्टार्ट अप के लिए शिशु, उसके बाद किशोर व तरूण वर्ग के तहत लोन दिया जाता है। बैंकों की सबसे अधिक राशि पीएम किशोर योजना में फंसी है। इसके तहत 17090 लोगों को 185.52 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था जिसमें से 4848 लोन धारकों ने 57.46 करोड़ रुपये की राशि बैंकों को नहीं लौटाई। अब इन खातों को एनपीए घोषित कर दिया गया है।
सरकारी बैंकों की स्थिति बेहद खराब
योजना के तहत लोन देकर वापस न ले पाने में सरकारी बैंकों की स्थिति बेहद खराब है। तीनों वर्गों में पीएनबी 3578 केनरा बैंक के 1850 व एसबीआई के 1562 लोन खाते एनपीए हो चुके हैं।
किस योजना में कितनी रकम फंसी
योजना
- कुल लोन खाते
- ऋण
- एनपीए खाते
- एनपीए राशि
शिशु
- 11045 - 20.28 - 5054 - 7.54
किशोर
- 17090 - 185.52 - 4848 - 57.46
तरुण
- 2157 - 136.06 - 542 - 30.22
योग
- 30292 - 341.86 - 10444 - 95.22
नोट- डाटा लीड बैंक कार्यालय के अनुसार, राशि करोड़ रुपये में।
- रोजगारपरक योजनाओं के तहत लोन देने के लिए बैंक नियमित प्रक्रिया अपना रहे हैं। जिन मामलों में ऋण एनपीए घोषित हो गया है, वहां बैंकों द्वारा अपने स्तर पर रिकवरी भी की जा रही है। - उमेश कुमार प्रजापति , लीड बैंक मैनेजर