UP: पांचवीं पास फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर गया जेल, बीड़ी कारोबारी से 25 लाख वसूलने में गिरफ्तार, चार की तलाश
पांचवीं पास भूपेंद्र फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर बनकर बीड़ी कारोबारी से 25 लाख रुपये मांगते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वसूली की साजिश रची थी। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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बीड़ी कारोबारी के गोदाम पर छापा मारने का डर दिखाकर 25 लाख रुपये मांगने में गिरफ्तार फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह रावत सिर्फ पांचवीं पास निकला। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के बैलोडी गांव का रहने वाला आरोपी भूपेंद्र वर्ष 2007 से दिल्ली के छतरपुर में एक होटल पर खाना बनाने का काम करता है। उसके परिवार में माता-पिता, पत्नी व दो बच्चे हैं।
यह सभी बैलोडी गांव में रहते हैं। यह बातें आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में कबूल की हैं। पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं, उसके चार साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिशें दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक, पौड़ी गढ़वाल के ही देवराडी गांव निवासी दोस्त संतोष कुमार के कहने पर वह नौगांवा सादात के तीन लोगों के संपर्क में आया था।
इसके बाद भूपेंद्र रावत और संतोष कुमार एक सप्ताह पहले नौगांवा सादात मोहल्ला नई बस्ती के इसराइल, नन्हा और समीम के पास पहुंचे। यही पांचों ने बीड़ी कारोबारी मोहम्मद आरिफ से रुपये वसूलने की पटकथा लिखी। इसके बाद सभी कारोबारी को सीबीआई अधिकारी बनकर फोन करने लगे।
फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर भूपेंद्र का दोस्त संतोष कुमार कारोबारी मोहम्मद आरिफ से फोन बात करता था। कारोबारी पहचान न सके, इसलिए संतोष कुमार, इसराइल, नन्हा और समीम ने रसोइया भूपेंद्र सिंह रावत को फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर बनाकर वसूली के लिए भेजा था।
सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि बृहस्पतिवार को फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर भूपेंद्र को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। उसके साथी संतोष कुमार, इसराइल, नन्हा और समीम की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।
यह था पूरा मामला
नौगांवा सादात निवासी कारोबारी मोहम्मद आरिफ को मोहल्ला नई बस्ती में बीड़ी कारखाना है। आरोप है कि कारोबारी आरिफ के मोबाइल पर पिछले पांच दिन से कुछ अनजान नंबरों से कॉल आ रही थी। फोन करने वाले लोग खुद को दिल्ली सीबीआई दफ्तर से बता रहे थे। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री कार्यालय से उनके पास कारोबारी के कारखाना और घर पर छापा मारने का आदेश मिला है। इसके अलावा भी उनके खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं।
सीबीआई दफ्तर से फोन आने के बाद कारोबारी आरिफ परेशान थे। लगातार फोन आने के कारण उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया। मंगलवार की शाम उन्होंने अपना मोबाइल खोला तो फिर से कॉल आनी शुरू हो गईं। फोन करने वाले लोगों ने बताया कि बुधवार सुबह सीबीआई के इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह रावत नौगांवा सादात पहुंच रहे हैं और उनके पास शिकायतों की फाइल है।
यदि कार्रवाई नहीं चाहते तो 25 लाख रुपये देकर मामला रफादफा कर लेना। बुधवार दोपहर एक व्यक्ति उनके कारखाने पर पहुंचा और उसने खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर भूपेंद्र रावत बताया। उसने दिल्ली सीबीआई के सीओ के नाम वाला एक फर्जी पत्र भी दिखाया। जिस पर बीड़ी कारखाने पर छापा मारने का आदेश दर्ज था।
भूपेंद्र ने कारोबारी आरिफ से 25 लाख रुपये की मांग की। कारोबारी ने रकम का इंतजाम नहीं होने की बात कही तो फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर ने जितने पैसे उपलब्ध हैं, देने के लिए कहा। साथ ही बाकी रुपये बाद में देने की बात कही थी। इस बात पर कारोबारी शक हुआ तो उन्होंने दूसरे कमरे में जाकर डायल 112 पुलिस को बुला लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फर्जी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया था।
इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
सीओ ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2), 315(4), 319(4), 338, 336 (3) और 340(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सभी धाराएं भय दिखाकर जबरन वसूली करना, किसी संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग करना, जालसाजी करना, जान-बूझकर जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करना अपराध से संबंधित हैं।