Amroha: गर्मी का असर.. बुखार और डायरिया के मरीजों की अस्पताल में भरमार, डॉक्टरों ने कहा- पानी का सेवन करें
अमरोहा में लगातार गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। इसका असर जिला अस्पताल में भी पड़ा है। चिकित्सकों के मुताबिक गर्मी के चलते बुखार और डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे है। चिकित्सक सभी को बचाव के तरीके भी बता रहे हैं।
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भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीमारियां बढ़ रहीं हैं। तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। गर्म हवा के थपेड़ों ने चेहरे की रंगत उड़ा दी है। भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार और डायरिया के मरीजों की भरमार रही।
मरीज और तीमारदार भटकते दिखे। वही, पंजीयन, ओपीडी और दवा वितरण कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। डॉक्टर गर्मी के मौसम में मरीज को सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। दिन में तेज धूप और लू के कारण लोगों की सेहत खराब हो रही है। गर्मी अधिक बढ़ने से लोग बीमार हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी के चलते जिला अस्पताल में उल्टी व दस्त के मरीजों की संख्या कई गुनी हो गई है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर चिकित्सकों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल स्टाफ अलग से वार्ड और बेड तैयार करने में लग गया है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सोमवार को जिला अस्पताल 1451 मरीजों की ओपीडी हुई। जिसमें 102 लोग बुखार और डायरिया 39 मरीज मिले है।
जबकि बुखार और डायरिया के 76 मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें और तरल पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहेगी तो डायरिया होने का खतरा भी कम रहेगा।
बच्चे भी हो रहे बीमार
डॉ. चरन सिंह ने बताया कि गर्मी ज्यादा होने के कारण बच्चों में सबसे ज्यादा केस डायरिया के हैं और इसके बाद वायरल बुखार के मामले आ रहे हैं। जिन बच्चों में डायरिया होने पर शरीर में पानी की कमी होती है, उन मरीजों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाते रहे और गर्मी से बचाव के तरीके अपनाने चाहिए और चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
- तेज सिरदर्द होना
- त्वचा सूखी होना
- ज्यादा देर तक पेशाब न आना
- पेशाब पीले रंग का आना, चक्कर आना, घबराहट महसूस होना
- मुंह सूखना, सुस्ती और थकान होना
- कमजोरी महसूस होना
- धूप से बचाव के लिए सिर पर कैप या कपड़ा रखें
- पानी और तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें
- मौसमी फल तरबूज, खरबूजा, ककड़ी आदि का सेवन करें
- काम करते समय पानी की बोतल साथ रखें
- दही और लस्सी का सेवन करें
- पानी में नमक डालकर पीएं
- डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं