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अमरोहा : आम स्थान ही नहीं, अस्पताल में भी कुत्तों का डेरा
Sun, 09 Nov 2025 02:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 09 Nov 2025 02:32 AM IST
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अमरोहा। जिले में सार्वजनिक स्थान ही नहीं सरकारी अस्पतालों में भी खूंखार कुत्तों का डेरा है। रोडवेज बस अड्डे की भी यहीं स्थिति है यहां दिनभर आवारा कुत्ते घूमते रहते है जो लोगों पर हमला भी कर देते है।
पिछले दिनों राज्य के प्रमुख सचिव को तलब करने के बाद फिर सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसर, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों से लावारिस कुत्तों को हटाने व उनके प्रवेश को रोकने का आदेश दिया है लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान नहीं है जबकि रोजाना जिलेभर में लोगों पर कुत्तों के हमला करने के मामले सामने आ रहे हैं। कुत्ते झुंड बनाकर महिला, वृद्धों और बच्चों को निशाना बन रहे हैं। पिछले तीन साल में ही खूंखार कुत्तों के हमले में 13 लोगों की जान भी जा चुकी है जिनमें कई बच्चे भी शामिल है। शनिवार को भी 160 लोगों को जिले के सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन लगाई जा रही है।
शनिवार को की गई पड़ताल में अमरोहा रोडवेज बस अड्डे पर कुत्ते घूमते नजर आए। जिला अस्पताल के सीटी स्कैन सेंटर के मुख्य द्वार के पास भी एक कुत्ता घूमता मिला। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी कुत्तों के झुंड नजर आए। सुप्रीम कोर्ट सख्तियों के बाद भी जिले के जिम्मेदार कुत्तों को पकड़ने के अभियान के नाम सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं जबकि पिछले तीन साल में आवारा कुत्ते 13 लोगों की जान ले चुके हैं। जान गंवाने वालों में बड़े ही नहीं बच्चे भी शामिल हैं।
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कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में करीब 250 मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। इनमें 160 मरीज नए थे।
सीएचसी में 26 लोगों ने लगवाया एंटी रैबीज इंजेक्शन
गजरौला। शनिवार को सीएचसी में सुबह 11 बजे तक 15 लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवा चुके थे। वहीं, दोपहर तक 26 लोगों ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया। इनमें किसी को कुत्ते ने काटा था तो कोई बंदर का काटा हुआ था। जबकि एक दिन पूर्व सीएचसी में 50 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया गया।
मंडी धनौरा में रोज और रहे आवारा कुत्तों के काटने के मामले
मंडी धनौरा। क्षेत्र में बंदर व कुत्ते काटने के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार को दोपहर एक बजे तक 42 लोगों के एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके थे जबकि शुक्रवार को 35 और बृहस्पतिवार को 68 लोगों के एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए थे। प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर राहुल कुमार ने बताया कि करीब 20 फीसदी लोगों को बंदर काट रहे हैं।
सड़कों पर कुत्तों का आतंक, लोग परेशान
हसनपुर/सैदनगली। सड़कों पर कुत्तों का आतंक मचा हुआ है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह कुत्ते सड़क पर निकलने वाले बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। जबकि अक्सर यही कुत्ते सड़कों पर हादसों का कारण भी बनते हैं। जिसका शिकार सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन वाले हो जाते हैं। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को करीब 20 लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज की वैक्सीन की डोज लगवाई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों को लगातार एंटी रैबीज की वैक्सीन की डोज लगाई जा रही है।
सड़क से खेतों तक छुट्टा पशुओं का आतंक
अमरोहा। जिले में कई लोगों की सांड़ के हमले से मौत हो चुकी है। वहीं, सड़कों घूमते छुट्टा पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। सबसे अधिक घटनाएं हसनपुर क्षेत्र में हुई हैं। अमरोहा, मंडी धनौरा, गजरौला क्षेत्र में हमले की घटना सामने आती रहती हैं। सुप्रीम कोर्ट और सरकार की फटकार के बाद अधिकारी छुट्टा पशुओं को पकड़ने के अभियान के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। जिसका खामियाजा लोगाें को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ रहा है। हकीकत यह है कि बीते दो साल में सांड़ व छुट्टा पशु हमलाकर 16 से अधिक की जान ले चुके हैं। इन हादसों के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। अमरोहा से नौगांवा, जोया समेत अन्य मार्गाें पर सांड़ व छुट्टा पशुओं को घूमते हुए देखा जा सकता है। अब शुक्रवार को फिर सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों व एक्सप्रेसवे से लावारिस मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
कुत्तों को सड़कों से हटाने के लिए अभियान चलाया जाता रहा है। जल्द ही कुत्तों को पकड़ने के लिए सभी पालिकाओं में अभियान चलाया जाएगा। - गरिमा सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व
जिले में छुट्टा पशुओं के लिए 25 गो आश्रय स्थल बने हुए हैं। समय-समय पर अभियान चलाकर पशुओं को गोशाला भिजवाया जाता है। - डॉ. आभा दत्त, सीवीओ
जिले में कुत्तों के काटने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके लिए जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में है।- डॉ. एसपी सिंह
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पिछले दिनों राज्य के प्रमुख सचिव को तलब करने के बाद फिर सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसर, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों से लावारिस कुत्तों को हटाने व उनके प्रवेश को रोकने का आदेश दिया है लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान नहीं है जबकि रोजाना जिलेभर में लोगों पर कुत्तों के हमला करने के मामले सामने आ रहे हैं। कुत्ते झुंड बनाकर महिला, वृद्धों और बच्चों को निशाना बन रहे हैं। पिछले तीन साल में ही खूंखार कुत्तों के हमले में 13 लोगों की जान भी जा चुकी है जिनमें कई बच्चे भी शामिल है। शनिवार को भी 160 लोगों को जिले के सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन लगाई जा रही है।
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शनिवार को की गई पड़ताल में अमरोहा रोडवेज बस अड्डे पर कुत्ते घूमते नजर आए। जिला अस्पताल के सीटी स्कैन सेंटर के मुख्य द्वार के पास भी एक कुत्ता घूमता मिला। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी कुत्तों के झुंड नजर आए। सुप्रीम कोर्ट सख्तियों के बाद भी जिले के जिम्मेदार कुत्तों को पकड़ने के अभियान के नाम सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं जबकि पिछले तीन साल में आवारा कुत्ते 13 लोगों की जान ले चुके हैं। जान गंवाने वालों में बड़े ही नहीं बच्चे भी शामिल हैं।
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कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों में करीब 250 मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। इनमें 160 मरीज नए थे।
सीएचसी में 26 लोगों ने लगवाया एंटी रैबीज इंजेक्शन
गजरौला। शनिवार को सीएचसी में सुबह 11 बजे तक 15 लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवा चुके थे। वहीं, दोपहर तक 26 लोगों ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया। इनमें किसी को कुत्ते ने काटा था तो कोई बंदर का काटा हुआ था। जबकि एक दिन पूर्व सीएचसी में 50 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया गया।
मंडी धनौरा में रोज और रहे आवारा कुत्तों के काटने के मामले
मंडी धनौरा। क्षेत्र में बंदर व कुत्ते काटने के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार को दोपहर एक बजे तक 42 लोगों के एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके थे जबकि शुक्रवार को 35 और बृहस्पतिवार को 68 लोगों के एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए थे। प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर राहुल कुमार ने बताया कि करीब 20 फीसदी लोगों को बंदर काट रहे हैं।
सड़कों पर कुत्तों का आतंक, लोग परेशान
हसनपुर/सैदनगली। सड़कों पर कुत्तों का आतंक मचा हुआ है जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह कुत्ते सड़क पर निकलने वाले बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। जबकि अक्सर यही कुत्ते सड़कों पर हादसों का कारण भी बनते हैं। जिसका शिकार सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन वाले हो जाते हैं। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को करीब 20 लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज की वैक्सीन की डोज लगवाई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों को लगातार एंटी रैबीज की वैक्सीन की डोज लगाई जा रही है।
सड़क से खेतों तक छुट्टा पशुओं का आतंक
अमरोहा। जिले में कई लोगों की सांड़ के हमले से मौत हो चुकी है। वहीं, सड़कों घूमते छुट्टा पशु हादसों का कारण बन रहे हैं। सबसे अधिक घटनाएं हसनपुर क्षेत्र में हुई हैं। अमरोहा, मंडी धनौरा, गजरौला क्षेत्र में हमले की घटना सामने आती रहती हैं। सुप्रीम कोर्ट और सरकार की फटकार के बाद अधिकारी छुट्टा पशुओं को पकड़ने के अभियान के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। जिसका खामियाजा लोगाें को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ रहा है। हकीकत यह है कि बीते दो साल में सांड़ व छुट्टा पशु हमलाकर 16 से अधिक की जान ले चुके हैं। इन हादसों के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। अमरोहा से नौगांवा, जोया समेत अन्य मार्गाें पर सांड़ व छुट्टा पशुओं को घूमते हुए देखा जा सकता है। अब शुक्रवार को फिर सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों व एक्सप्रेसवे से लावारिस मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए हैं।
कुत्तों को सड़कों से हटाने के लिए अभियान चलाया जाता रहा है। जल्द ही कुत्तों को पकड़ने के लिए सभी पालिकाओं में अभियान चलाया जाएगा। - गरिमा सिंह, एडीएम वित्त व राजस्व
जिले में छुट्टा पशुओं के लिए 25 गो आश्रय स्थल बने हुए हैं। समय-समय पर अभियान चलाकर पशुओं को गोशाला भिजवाया जाता है। - डॉ. आभा दत्त, सीवीओ
जिले में कुत्तों के काटने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके लिए जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में है।- डॉ. एसपी सिंह