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बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की खुली पोल
ब्यूरो अमर उजाला /गजरौला।
Updated Sat, 16 Dec 2017 03:15 AM IST
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सुरक्षा
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गुरुग्राम के बाद गजरौला में घटना हो गई। वहां स्कूल के अंदर छात्र का गला काटा गया था। यहां स्कूल के बाहर छात्र की गर्दन काट दी गई। गुरुग्राम की घटना के बाद ही गजरौला के एक नामी स्कूल के बाहर से छात्र गायब हो गया था। उसके बाद डीएम ने स्कूलों के बाहर सुरक्षा के तमाम दावे किए थे। लेकिन ये दावे कितने ठोस थे उनकी हकीकत अभिषेक हत्याकांड से साबित हो रही है।
गुरूग्राम के स्कूल में हुई मासूम छात्र प्रद्युम्न की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल उठने लगे। इसके चंद दिन बाद ही गजरौला के सेंटमेरी स्कूल से एक छात्र लापता हो गया था। शुक्र है वह सोलह दिन बाद सकुशल पुलिस ने बरामद तो कर लिया था, लेकिन इसके बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए। इस पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएम ने दावा किया था कि स्कूलों के बाहर सीसीटीवी लगवाए जाएंगे, स्कूल कर्मचारियों का सत्यापन होगा। लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं किया गया। एक दो स्कूलों ने कर्मचारियों का सत्यापन कराया, लेकिन पुलिस की लापरवाही की वजह से सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो सका। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था ठीक नहीं है। पड़ताल करने पर नगर के एचसीएम इंटर कालेज में सीसीटीवी कैमरे भी खराब निकले। यदि गेट पर कैमरा चालू होता, तो उस दिन की घटना के बारे में पता लगाया जा सकता था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। सवाल उठता है कि आखिर मां-बाप अपने लाडलों को कैसे स्कूल भेंजे।
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गुरूग्राम के स्कूल में हुई मासूम छात्र प्रद्युम्न की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल उठने लगे। इसके चंद दिन बाद ही गजरौला के सेंटमेरी स्कूल से एक छात्र लापता हो गया था। शुक्र है वह सोलह दिन बाद सकुशल पुलिस ने बरामद तो कर लिया था, लेकिन इसके बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए। इस पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएम ने दावा किया था कि स्कूलों के बाहर सीसीटीवी लगवाए जाएंगे, स्कूल कर्मचारियों का सत्यापन होगा। लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं किया गया। एक दो स्कूलों ने कर्मचारियों का सत्यापन कराया, लेकिन पुलिस की लापरवाही की वजह से सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो सका। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था ठीक नहीं है। पड़ताल करने पर नगर के एचसीएम इंटर कालेज में सीसीटीवी कैमरे भी खराब निकले। यदि गेट पर कैमरा चालू होता, तो उस दिन की घटना के बारे में पता लगाया जा सकता था, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। सवाल उठता है कि आखिर मां-बाप अपने लाडलों को कैसे स्कूल भेंजे।
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