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कमरा बना गैस चैंबर: शीशा तोड़ने पर हुई धमाके जैसी तेज आवाज... सुबह पता चल गया होता तो बच सकती थीं पांच जानें
Wed, 10 Jan 2024 09:54 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Jan 2024 09:54 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सैदनगली थाना इलाके में दर्दनाक घटना हुई। यहां कमरे में कोयला जलाकर सोए तीन सगे भाई-बहन समेत पांच की मौत हो गई, जबकि महिला समेत दो की हालत नाजुक है।
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कमरे में नहीं था वेंटिलेशन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमरोहा में ठंड से बचने के लिए कमरे में कोयला जलाकर सोए ट्रक चालक रईसुद्दीन की बेटी सोनम (20), बेटे जैद (16) और माहिर (11), सिहाली जागीर निवासी साले की बेटी महक (15) और धनौरा निवासी साढ़ू की बेटी कशिश (8) की दम घुटने से मौत हो गई।
सैदनगली क्षेत्र के गांव अल्लीपुर भूड़ सर्की उर्फ ढक्का मोड़ में हुई इस घटना में रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साले रियासत की हालत नाजुक है। घटना के समय रईसुद्दीन ट्रक लेकर किसी और शहर में गए थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात घर में मौजूद रईसुद्दीन की पत्नी-बच्चे और घर आए रिश्तेदारों की बेटियां खाना खाकर सोने चले गए।
सर्दी से बचने के लिए तसले में कोयला जलाकर कमरे में रख लिया, जबकि खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए। मंगलवार सुबह घर का दरवाजा नहीं खुला। रईसुद्दीन का घर गांव के बाहरी हिस्से में होने के कारण किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। गांव से बाहर रईसुद्दीन ने मंगलवार दोपहर कई बार घर पर फोन किया लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
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इस पर रईसुद्दीन ने अपने छोटे भाई गबरू को घर जाकर पत्नी हुस्नजहां से बात करवाने के लिए कहा। शाम पांच बजे गबरू के घर पहुंचने पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इस बीच गांव के कुछ और लोग भी जमा हो गए। गबरू और कुछ ग्रामीण छत के सहारे घर में दाखिल हुए।
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सैदनगली क्षेत्र के गांव अल्लीपुर भूड़ सर्की उर्फ ढक्का मोड़ में हुई इस घटना में रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साले रियासत की हालत नाजुक है। घटना के समय रईसुद्दीन ट्रक लेकर किसी और शहर में गए थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार रात घर में मौजूद रईसुद्दीन की पत्नी-बच्चे और घर आए रिश्तेदारों की बेटियां खाना खाकर सोने चले गए।
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सर्दी से बचने के लिए तसले में कोयला जलाकर कमरे में रख लिया, जबकि खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए। मंगलवार सुबह घर का दरवाजा नहीं खुला। रईसुद्दीन का घर गांव के बाहरी हिस्से में होने के कारण किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। गांव से बाहर रईसुद्दीन ने मंगलवार दोपहर कई बार घर पर फोन किया लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
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इस पर रईसुद्दीन ने अपने छोटे भाई गबरू को घर जाकर पत्नी हुस्नजहां से बात करवाने के लिए कहा। शाम पांच बजे गबरू के घर पहुंचने पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इस बीच गांव के कुछ और लोग भी जमा हो गए। गबरू और कुछ ग्रामीण छत के सहारे घर में दाखिल हुए।
खिड़की के शीशे तोड़कर कमरे में दाखिल हुए तो भीतर मौजूद सातों लोग अचेत अवस्था में मिले। कुछ के मुंह से झाग भी निकल रहे थे। सभी को फौरन डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां पांच को मृत घोषित कर दिया गया। हुस्नजहां और रियासत का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।
डीएम बोले, मामले की जांच कराएंगे
पांच लोगों की मौत की घटना का पता चलने पर डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह मौके पर पहुंचे। डीएम ने कहा कि घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा।
पांच लोगों की मौत की घटना का पता चलने पर डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह मौके पर पहुंचे। डीएम ने कहा कि घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा।
शीशा तोड़ने पर हुई धमाके जैसी तेज आवाज
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक के घर सर्दी से बचने के लिए कोयला जलाकर सोए परिवार और रिश्तेदार के साथ लोग जब सुबह सोकर नहीं उठे तो मोहल्ले के लोगों को एहसास तक नहीं हुआ। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि हो सकता है सर्दी की वजह से घर से ना निकल रहे हों, लेकिन जब ट्रक चालक रईसुद्दीन का फोन भी किसी ने रिसीव नहीं किया तो उन्होंने अपने भाई गबरू को फोन किया और घर का हाल-चाल जानने का प्रयास किया।
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक के घर सर्दी से बचने के लिए कोयला जलाकर सोए परिवार और रिश्तेदार के साथ लोग जब सुबह सोकर नहीं उठे तो मोहल्ले के लोगों को एहसास तक नहीं हुआ। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि हो सकता है सर्दी की वजह से घर से ना निकल रहे हों, लेकिन जब ट्रक चालक रईसुद्दीन का फोन भी किसी ने रिसीव नहीं किया तो उन्होंने अपने भाई गबरू को फोन किया और घर का हाल-चाल जानने का प्रयास किया।
गबरू ने मोहल्ले के ही पड़ोसी आजम के साथ छत के रास्ते घर में दाखिल होकर जब कमरा खोलना चाहा तो वह अंदर से बंद था। रोशनदान का शीशा तोड़ा तो उसमें से धमाके जैसी आवाज आई। अंदर से गैस बाहर निकली। इससे माना जा रहा है कि कमरे में गैस बन गई थी।
सोमवार की शाम को आए थे रिश्तेदारी में
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक रईसुद्दीन के घर पर उसकी ससुराल गांव से सिहाली जागीर से साला रियासत अपनी बेटी महक और मंडी धनौरा निवासी भांजी कशिश को साथ लेकर अपनी बहन हुस्न जहां के घर घूमने के लिए आया था।
गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ पर ट्रक चालक रईसुद्दीन के घर पर उसकी ससुराल गांव से सिहाली जागीर से साला रियासत अपनी बेटी महक और मंडी धनौरा निवासी भांजी कशिश को साथ लेकर अपनी बहन हुस्न जहां के घर घूमने के लिए आया था।
यदि सुबह घटना का पता चल गया होता तो बच सकती थी मरने वालों की जान
ट्रक चालक रईसुद्दीन के परिवार और रिश्तेदार के लोग सोमवार की रात को घर में कोयले का अलाव जलाकर सोए थे। जिसकी वजह से दम घुट गया और पांच लोगों की मौत हो गई। मंगलवार शाम पांच बजे के करीब में उन्हें बाहर निकाला गया। माना जा रहा है कि यदि सुबह भी घटना का पता चल गया होता तो शायद मरने वालों की जान बच गई होती।
ट्रक चालक रईसुद्दीन के परिवार और रिश्तेदार के लोग सोमवार की रात को घर में कोयले का अलाव जलाकर सोए थे। जिसकी वजह से दम घुट गया और पांच लोगों की मौत हो गई। मंगलवार शाम पांच बजे के करीब में उन्हें बाहर निकाला गया। माना जा रहा है कि यदि सुबह भी घटना का पता चल गया होता तो शायद मरने वालों की जान बच गई होती।
कमरे में नहीं थी वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था
ट्रक चालक रईसुद्दीन का परिवार और रिश्तेदार के लोग सोमवार के शाम को जिस कमरे में सोए थे उस कमरे में वेंटिलेशन की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। कमरे पर केवल दरवाजा लगा हुआ है और उसके अटैक में विंडो लगी हुई थी। जिसमें शीशे फिक्स थे। वह खोलने से भी नहीं खुल सकते थे। जिन्हें तोड़कर कमरे से लोगों को बाहर निकाला गया। यदि वेंटिलेशन की व्यवस्था होती तो शायद इतनी बड़ी घटना ना हुई होती।
ट्रक चालक रईसुद्दीन का परिवार और रिश्तेदार के लोग सोमवार के शाम को जिस कमरे में सोए थे उस कमरे में वेंटिलेशन की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। कमरे पर केवल दरवाजा लगा हुआ है और उसके अटैक में विंडो लगी हुई थी। जिसमें शीशे फिक्स थे। वह खोलने से भी नहीं खुल सकते थे। जिन्हें तोड़कर कमरे से लोगों को बाहर निकाला गया। यदि वेंटिलेशन की व्यवस्था होती तो शायद इतनी बड़ी घटना ना हुई होती।