फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Amroha: Marriage stopped on the pretext of minor, action to be taken against PO and eight others

UP: नाबालिग बता रुकवा दी शादी...मंडप से लड़की उठा ले गए, अफसर समेत सात के खिलाफ होगी कार्रवाई

Fri, 06 Jun 2025 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 06 Jun 2025 02:27 AM IST
सार

हसनपुर क्षेत्र में किसान ने जिला प्रोबेशन कार्यालय की संरक्षण अधिकारी सुरभि यादव समेत आठ लोगों पर उसकी बहन की शादी रुकवाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने और रकम न मिलने पर युवती को जबरन ले जाने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सात दिन में रिपोर्ट तलब की है। 

विज्ञापन
Amroha: Marriage stopped on the pretext of minor, action to be taken against PO and eight others
शादी की तस्वीर (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में संरक्षण अधिकारी (पीओ) सुरभि यादव गंभीर अनियमितता में घिर गई हैं। उन्होंने कुछ लोगों के साथ किसान की बहन की शादी रुकवा दी थी। आरोप है कि लड़की को नाबालिग बताते हुए शादी की छूट देने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। रकम न मिलने पर लड़की को साथ ले गईं और बरात को लौटना पड़ा।

विज्ञापन


किसान का कहना है कि कहीं न्याय न मिलने पर अदालत की शरण ली। अब सीजेएम कोर्ट ने पीओ सुरभि यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। हसनपुर पुलिस से इस मामले में सात दिन के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन


यह मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के किसान के घर का है। किसान ने बताया कि पांच मार्च 2025 को उनकी बहन की शादी थी। बरात आ गई थी। शादी समारोह में संरक्षण अधिकारी (पीओ) सुरभि यादव के अलावा आदिल, गजेंद्र और शाहबाजपुर गुर्जर निवासी कपिल, सिरसा गुर्जर निवासी अशोक, मनोज, वीरू एक अज्ञात व्यक्ति के साथ पहुंचे। उनकी 21 वर्षीय बहन को नाबालिग बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

किसान ने आधार कार्ड के हिसाब से बहन को बालिग बताया तो सभी धमकाने लगे। इसके बाद इन लोगों ने 50 हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। किसान ने रकम देने से इन्कार कर दिया तो यह लोग बहन को ले गए। आरोप है कि उक्त लोगों ने बिना बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए लड़की को वन स्टॉप सेंटर में भेज दिया।

हालांकि, बाद में बाल कल्याण समिति के दखल पर युवती को परिजनों के साथ जाने की छूट मिल गई थी। किसान का कहना है कि पुलिस व किसी अन्य स्तर पर सुनवाई न होने पर अदालत का रुख किया। अब सीजेएम कोर्ट के आदेश से न्याय की उम्मीद जगी है।

मंडप से उठा ली थी दुल्हन, लौट गई थी बरात
किसान परिवार ने बताया कि पांच मार्च को शादी का दिन था। घर में जश्न का माहौल था। बरात आ चुकी थी। नाच-गाना चल रहा था। दुल्हन मंडप में बैठ गई थी। अचानक कुछ लोग आए और दुल्हन को नाबालिग बताते हुए शादी रुकवाने लगे। दुल्हन के भाई व उसके परिजनों ने आधार में दर्ज उम्र से बालिग बताकर विरोध किया तो उक्त लोगों ने धमकी दी। शर्त रखी कि शादी करानी है तो 50 हजार रुपये दो। रुपये देने से मना किया तो उक्त लोग दुल्हन को लेकर चले गए। इसके कुछ देर बाद ही बरात भी लौट गई थी।

मंडप से लाने के दूसरे दिन बाल कल्याण समिति में पेश की गई थी
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने बताया कि टीम जिस समय लड़की को लेकर पहुंची थी तब तक कार्यालय बंद हो गया था। इसके बाद टीम ने अगले दिन लड़की को समिति के सामने पेश किया। परिजनों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर युवती को उनके सुपुर्द कर दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed