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Amroha News: घटना से न्याय तक 304 दिन की लड़ाई... 200 पन्नों के आरोपपत्र और नौ गवाहों ने दिलाया बेटी को इंसाफ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:33 AM IST
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A 304-day battle from the incident to justice... a 200-page charge sheet and nine witnesses secured justice for the daughter.A 304-day battle from the incident to justice... a 200-page charge sheet and nine witnesses secured justice for the daughter.
अनिल चौहान
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अमरोहा। वह चार साल की मासूम थी। न अपनी पीड़ा शब्दों में बयां कर सकती थी और न ही दरिंदगी का विरोध कर सकती थी। टॉफी का लालच देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। लेकिन इस मामले में पुलिस की मजबूत विवेचना, 200 पन्नों के आरोपपत्र और नौ गवाहों की गवाही ने न्याय की राह मजबूत की। आखिरकार घटना के 304वें दिन बाद अदालत ने दोषी बंटी को उम्रकैद की सजा सुनाकर बच्ची को इंसाफ दिलाया।
रहरा थाना क्षेत्र के गांव में नौ दिसंबर 2025 को हुई इस घटना के बाद तत्कालीन विवेचक अतवीर सिंह चौहान ने साक्ष्य जुटाकर महज 18वें 27 दिसंबर 2025 को न्यायालय में 200 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय ने नौ फरवरी 2026 को आरोप तय किए। इसके बाद करीब आठ महीने तक सुनवाई चली। इस दौरान लगभग 40 तारीखों पर मामले की सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए।
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मामले में पीड़िता की मां की गवाही के साथ मेडिकल रिपोर्ट और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट अहम साबित हुईं। इन साक्ष्यों ने दोषी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष लोक अभियोजक के अनुसार अदालत ने अपराध की गंभीरता और बच्ची की असहाय अवस्था को ध्यान में रखा।
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उन्होंने बताया कि न्यायालय ने अपनी टिप्पणी कहा कि दोषी ने घटना के दौरान बच्ची की अवस्था का कोई लिहाज नहीं किया और सामाजिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघते हुए हैवानियत की। वह बच्ची अपराध का विरोध करने की स्थिति में भी नहीं थी। करीब दस महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आया फैसला उस मासूम के लिए इंसाफ की जीत बना, जो अपनी पीड़ा खुद बयां नहीं कर सकती थी। मजबूत साक्ष्यों और लगातार पैरवी ने उसकी आवाज अदालत तक पहुंचाई।
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बच्ची को न्याय दिलाने के लिए नियुक्त की गईं सपोर्ट पर्सन
दुष्कर्म पीड़िता मूकबधिर होने के कारण बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सदस्य कमलेश देवी को सपोर्ट पर्सन नियुक्त किया था। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के दौरान बच्ची को सहयोग देकर न्याय दिलाने के प्रयास किए।


नौ तारीख का संयोग, इसी दिन बच्ची को मिला इंसाफ
चार साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना नौ दिसंबर 2025 को हुई थी। मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में नौ गवाह पेश किए। करीब दस महीने बाद नौ अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोषी बंटी को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस तरह घटना की तारीख नौ होने के संयोग के बीच इसी तारीख को बच्ची को इंसाफ मिला।
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